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Ghaziabad: गंगनहर घाट में स्नान करने पर लगी रोक, श्रद्धालुओं को लौटाया; पूजा-अर्चना को लेकर भी उठे सवाल

Wed, 03 Jun 2026 08:01 PM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादनगर Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 03 Jun 2026 08:01 PM IST
सार

गंगनहर घाट पर लगातार हो रही डूबने की घटनाओं के बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। बीते एक माह में गंगनहर में डूबने से करीब दस लोगों की मौत होने के बाद प्रशासन ने घाट पर नहर में स्नान करने पर रोक लगा दी है।

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Ban Imposed on Bathing at Gangnahar Ghat Devotees Turned Away—Questions Raised Regarding Worship Rituals as We
गंगनहर घाट में स्नान करने पर लगी रोक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगनहर घाट पर लगातार हो रही डूबने की घटनाओं के बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। बीते एक माह में गंगनहर में डूबने से करीब दस लोगों की मौत होने के बाद प्रशासन ने घाट पर नहर में स्नान करने पर रोक लगा दी है। मंगलवार शाम से लागू किए गए इस प्रतिबंध का असर बुधवार को भी देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नहाने वाले लोग घाट पर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहर की ओर जाने से रोक दिया।

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बुधवार सुबह से ही गंगनहर घाट पर लोगों का आना शुरू हो गया था। कई लोग स्नान करने और धार्मिक अनुष्ठान करने के उद्देश्य से पहुंचे थे। घाट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग के पास ही लोगों को रोकते हुए नहर में प्रवेश नहीं करने दिया। पुलिस का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है और अगली व्यवस्था होने तक प्रतिबंध जारी रहेगा। हाल के दिनों में गंगनहर घाट पर डूबने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है। गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में लोग नहर में स्नान करने पहुंच रहे हैं, लेकिन तेज बहाव और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के अभाव में हादसे हो रहे हैं। 
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एक महीने के भीतर दस लोगों की मौत के बाद प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से घाट पर स्नान पर रोक लगाने का निर्णय लिया। हालांकि, कुछ श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल स्नान ही नहीं, बल्कि पूजा-अर्चना करने के लिए भी घाट तक जाने से रोका गया। 
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दिल्ली निवासी देवेंद्र कुमार, सचिन कुमार और रविंदर कुमार ने बताया कि वे परिवार की सुख-शांति और धार्मिक अनुष्ठान के लिए गंगनहर घाट आए थे। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें घाट की ओर जाने से रोक दिया, जिससे वे पूजा नहीं कर सके। एसीपी का कहना है कि प्रतिबंध केवल नहर में उतरने और स्नान करने पर लगाया गया है। किसी भी श्रद्धालु को धार्मिक गतिविधियों से रोकने का उद्देश्य नहीं है। सुरक्षा कारणों से घाट क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित की गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।


गौरतलब है कि गंगनहर घाट पर सुरक्षा सुविधाओं की कमी लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन घाट पर बैरिकेडिंग, लाइफ जैकेट, गोताखोरों की तैनाती, जल पुलिस, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपायों की मांग करते रहे हैं। लगातार हो रहे हादसों के बाद अब प्रशासन की सख्ती के बीच श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर एवं स्थायी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजार है।


 

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