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Ghaziabad News: फर्जी दस्तावेजों से रजिस्ट्री करा बैंक ऋण लेने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
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गाजियाबाद। फर्जी दस्तावेजों से रजिस्ट्री कर बैंक से लोन लेने के आरोपी ज्ञानेंद्र की जमानत अर्जी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दी। यह मामला टीला मोड़ थाना क्षेत्र का है। वादी तेजवीर ने 19 अगस्त 2025 को थाना टीला मोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। न्यायाधीश जुनैद मुजफ्फर ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती है।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार 26 जुलाई 2019 को तेजवीर ने दिल्ली निवासी अभय भारती मिश्रा से एक आवासीय मकान खरीदा था, जिसकी रजिस्ट्री उसी दिन हुई थी। उस मकान पर उन्होंने पंजाब एंड सिंध बैंक से 25 लाख रुपये का ऋण लिया था और मूल दस्तावेज बैंक में बंधक के रूप में जमा किए थे। तेजवीर अभी भी ऋण की अदायगी कर रहे हैं। इस बीच 26 जून 2025 को तेजवीर को सूचना मिली कि उसी मकान पर किसी अन्य बैंक से 70 से 75 लाख रुपये का लोन लिया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि ज्ञानेंद्र नामक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उस मकान की रजिस्ट्री कराई और बैंक से ऋण ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इसे आर्थिक अपराध की श्रेणी में मानते हुए ज्ञानेंद्र की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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अदालत से मिली जानकारी के अनुसार 26 जुलाई 2019 को तेजवीर ने दिल्ली निवासी अभय भारती मिश्रा से एक आवासीय मकान खरीदा था, जिसकी रजिस्ट्री उसी दिन हुई थी। उस मकान पर उन्होंने पंजाब एंड सिंध बैंक से 25 लाख रुपये का ऋण लिया था और मूल दस्तावेज बैंक में बंधक के रूप में जमा किए थे। तेजवीर अभी भी ऋण की अदायगी कर रहे हैं। इस बीच 26 जून 2025 को तेजवीर को सूचना मिली कि उसी मकान पर किसी अन्य बैंक से 70 से 75 लाख रुपये का लोन लिया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि ज्ञानेंद्र नामक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उस मकान की रजिस्ट्री कराई और बैंक से ऋण ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इसे आर्थिक अपराध की श्रेणी में मानते हुए ज्ञानेंद्र की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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