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Ghaziabad News: छह करोड़ का ऋण दिलाने के नाम पर उद्यमी से 65 लाख रुपये की ठगी
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साहिबाबाद। बैंक से छह करोड़ रुपये का ऋण दिलाने के नाम पर उद्यमी पीयूष जैन से 65 लाख रुपये की ठगी हो गई। उन्होंने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया है कि खुद को बैंक अधिकारी बताकर उनसे मिलने आए वैष्णव मारवाह और उसके पिता अशोक मारवाह ने ऋण मंजूर कराने के नाम पर यह रकम ली। उन्होंने पहले बैंक से ऋण दिलाने का झांसा दिया और फिर फाइनेंस कंपनी से। कमीशन के नाम पर वैष्णव मारवाह ने अपने खाते में रकम जमा कराई। इसके बाद दोनों ने फोन बंद कर लिया।
पीयूष जैन ने बताया कि ट्रांस हिंडन क्षेत्र की निपुण सैफरोन वैली निवासी वैष्णव मारवाह अगस्त 2023 में उनसे मिलने के लिए औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 के जीडी कंपाउंड में स्थित उनकी फैक्टरी प्रिंटर्स एंड पैकेजिंग में आया था। उसने खुद को साउथ एक्सटेंशन, नई दिल्ली स्थित शैनायन बैंक का अधिकारी बताया और कहा कि अगर ऋण की जरूरत तो बताएं। उन्होंने उससे कहा कि उन्हें ऋण की जरूरत है। उसने कहा कि बैंक से ऋण मिल जाएगा।
उन्होंने छह करोड़ के ऋण के लिए आवेदन किया। इसके बाद उसने बैंक अधिकारियों की टीम से फैक्टरी और घर का मुआयना कराया। थोड़े दिन बाद कह दिया कि आपका सिविल स्कोर ठीक नहीं, आपको बैंक से ऋण नहीं मिलेगा, लेकिन फाइनेंस कंपनी से मिल सकता है। उसने अपने पिता अशोक मारवाह से मिलवाया और कहा कि वह फाइनेंस कंपनी से ऋण दिलवाते हैं।
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ऋण मंजूर कराने के कमीशन के नाम पर उनसे 15 बार में 65 लाख रुपये ले लिए। पूरी रकम बैंक खाते में जमा कराई। आरोप है कि इसके बाद ऋण दिलाने से इन्कार कर दिया और धमकी देने लगे कि ज्यादा परेशान किया तो अच्छा नहीं होगा। एसीपी साहिबाबाद रजनीश उपाध्याय ने बताया कि खाते से लेन-देन और लोन के लिए हुई कागजी प्रक्रिया की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार दोनों पर कार्रवाई की जाएगी।
10 फीसदी मुनाफे का झांसा दे हड़पे 35 लाख
मसूरी। क्षेत्र के आकाशनगर की रहने वाली मुन्नी देवी को 10 फीसदी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर दंपती ने 35 लाख रुपये हड़प लिए। आरोप है कि जब उन्होंने रुपये वापस मांगे तो दंपती जान से मारने की धमकी देने लगे। उन्होंने मसूरी थाने में अवनीश कुमार और वंदना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मुन्नी देवी का कहना है कि कर्पूरीपुरम के रहने वाले अवनीश कुमार से उनकी जान पहचान थी। उसने पहले पांच लाख रुपये देने पर 10 फीसदी मुनाफे दिलाने की बात कही। विश्वास में आकर उन्होंने एक फरवरी 2023 को अवनीश की पत्नी के खाते में तीन लाख रुपये और दो लाख नकद दे दिए। पांच लाख रुपये देने के बाद आरोपी से करीब पांच महीने बाद रकम मांगी तो उसने कहा कि इन पैसों से काफी मुनाफा हो रहा है। विश्वास दिलाकर उसने और रकम की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद उन्होंने 25 लाख रुपये ऑनलाइन और पांच लाख रुपये नकद रिश्तेदारों से लेकर दे दिए। कुछ समय तक उसने उन्हें मुनाफे की रकम दी लेकिन बाद में बंद कर दी। काफी समय बीत जाने के बाद जब उन्होंने उससे रुपये वापस मांगे तो उसने रकम देने से इन्कार कर दिया। और जान से मारने की धमकी दी। एसीपी मसूरी नरेश कुमार का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।
दुकान दिलाने के नाम पर 7.50 लाख हड़पे
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में मनोकामना रेजीडेंसी के नाम से प्रोजेक्ट बनाने का झांसा देकर दुकान दिलाने के नाम पर चार लोगों ने इंदिरापुरम निवासी ईश्वर सिंह से धोखाधड़ी की। आरोपियों ने उनके साथ दुकान का सौदा कर साढ़े सात लाख रुपये हड़प लिए। उन्होंने कोर्ट के आदेश पर नीरज कुमार, मुकेश त्यागी, वीर सिंह त्यागी और मंगत सिंह त्यागी के खिलाफ नंदग्राम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
ईश्वर सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में नीरज कुमार, मुकेश त्यागी, वीर सिंह त्यागी और मंगत सिंह त्यागी ने मनोकामना रेजीडेंसी बनाने की जानकारी दी। जहां कुछ दुकानें भी बनाने की बात कही। उन्होंने उन्हें मौके पर ले जाकर साइट भी दिखाई। जगह पसंद आने पर उन्होंने एक दुकान लेने की बात की तो उनके बीच 15 लाख रुपये में सौदा हुआ। उन्होंने साढ़े सात लाख रुपये उन्हें दे दिए। आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपियों ने बैनामा नहीं किया। कुछ दिन बाद उन्होंने साइट पर जाकर देखा तो वहां उन्हें कुछ नहीं मिला। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि आरोपियों ने और भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की है और उन पर केस भी दर्ज हैं। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया कि मामले में नंदग्राम थाने में पूर्व में करीब 15 मामले दर्ज हो चुके हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी आवास विकास से मिलता जुलता नाम रखकर लोगों को गुमराह करके धोखाधड़ी कर रहे थे। मामले में आगे की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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पीयूष जैन ने बताया कि ट्रांस हिंडन क्षेत्र की निपुण सैफरोन वैली निवासी वैष्णव मारवाह अगस्त 2023 में उनसे मिलने के लिए औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 के जीडी कंपाउंड में स्थित उनकी फैक्टरी प्रिंटर्स एंड पैकेजिंग में आया था। उसने खुद को साउथ एक्सटेंशन, नई दिल्ली स्थित शैनायन बैंक का अधिकारी बताया और कहा कि अगर ऋण की जरूरत तो बताएं। उन्होंने उससे कहा कि उन्हें ऋण की जरूरत है। उसने कहा कि बैंक से ऋण मिल जाएगा।
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उन्होंने छह करोड़ के ऋण के लिए आवेदन किया। इसके बाद उसने बैंक अधिकारियों की टीम से फैक्टरी और घर का मुआयना कराया। थोड़े दिन बाद कह दिया कि आपका सिविल स्कोर ठीक नहीं, आपको बैंक से ऋण नहीं मिलेगा, लेकिन फाइनेंस कंपनी से मिल सकता है। उसने अपने पिता अशोक मारवाह से मिलवाया और कहा कि वह फाइनेंस कंपनी से ऋण दिलवाते हैं।
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ऋण मंजूर कराने के कमीशन के नाम पर उनसे 15 बार में 65 लाख रुपये ले लिए। पूरी रकम बैंक खाते में जमा कराई। आरोप है कि इसके बाद ऋण दिलाने से इन्कार कर दिया और धमकी देने लगे कि ज्यादा परेशान किया तो अच्छा नहीं होगा। एसीपी साहिबाबाद रजनीश उपाध्याय ने बताया कि खाते से लेन-देन और लोन के लिए हुई कागजी प्रक्रिया की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार दोनों पर कार्रवाई की जाएगी।
10 फीसदी मुनाफे का झांसा दे हड़पे 35 लाख
मसूरी। क्षेत्र के आकाशनगर की रहने वाली मुन्नी देवी को 10 फीसदी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर दंपती ने 35 लाख रुपये हड़प लिए। आरोप है कि जब उन्होंने रुपये वापस मांगे तो दंपती जान से मारने की धमकी देने लगे। उन्होंने मसूरी थाने में अवनीश कुमार और वंदना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मुन्नी देवी का कहना है कि कर्पूरीपुरम के रहने वाले अवनीश कुमार से उनकी जान पहचान थी। उसने पहले पांच लाख रुपये देने पर 10 फीसदी मुनाफे दिलाने की बात कही। विश्वास में आकर उन्होंने एक फरवरी 2023 को अवनीश की पत्नी के खाते में तीन लाख रुपये और दो लाख नकद दे दिए। पांच लाख रुपये देने के बाद आरोपी से करीब पांच महीने बाद रकम मांगी तो उसने कहा कि इन पैसों से काफी मुनाफा हो रहा है। विश्वास दिलाकर उसने और रकम की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद उन्होंने 25 लाख रुपये ऑनलाइन और पांच लाख रुपये नकद रिश्तेदारों से लेकर दे दिए। कुछ समय तक उसने उन्हें मुनाफे की रकम दी लेकिन बाद में बंद कर दी। काफी समय बीत जाने के बाद जब उन्होंने उससे रुपये वापस मांगे तो उसने रकम देने से इन्कार कर दिया। और जान से मारने की धमकी दी। एसीपी मसूरी नरेश कुमार का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।
दुकान दिलाने के नाम पर 7.50 लाख हड़पे
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में मनोकामना रेजीडेंसी के नाम से प्रोजेक्ट बनाने का झांसा देकर दुकान दिलाने के नाम पर चार लोगों ने इंदिरापुरम निवासी ईश्वर सिंह से धोखाधड़ी की। आरोपियों ने उनके साथ दुकान का सौदा कर साढ़े सात लाख रुपये हड़प लिए। उन्होंने कोर्ट के आदेश पर नीरज कुमार, मुकेश त्यागी, वीर सिंह त्यागी और मंगत सिंह त्यागी के खिलाफ नंदग्राम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
ईश्वर सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में नीरज कुमार, मुकेश त्यागी, वीर सिंह त्यागी और मंगत सिंह त्यागी ने मनोकामना रेजीडेंसी बनाने की जानकारी दी। जहां कुछ दुकानें भी बनाने की बात कही। उन्होंने उन्हें मौके पर ले जाकर साइट भी दिखाई। जगह पसंद आने पर उन्होंने एक दुकान लेने की बात की तो उनके बीच 15 लाख रुपये में सौदा हुआ। उन्होंने साढ़े सात लाख रुपये उन्हें दे दिए। आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपियों ने बैनामा नहीं किया। कुछ दिन बाद उन्होंने साइट पर जाकर देखा तो वहां उन्हें कुछ नहीं मिला। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि आरोपियों ने और भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की है और उन पर केस भी दर्ज हैं। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया कि मामले में नंदग्राम थाने में पूर्व में करीब 15 मामले दर्ज हो चुके हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी आवास विकास से मिलता जुलता नाम रखकर लोगों को गुमराह करके धोखाधड़ी कर रहे थे। मामले में आगे की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।