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Ghaziabad News: एक साल दौड़ाया, अब पीड़ित के घर चक्कर लगाएंगे जीडीए कर्मचारी
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गाजियाबाद। रजिस्ट्री के नाम पर आवंटी को एक साल तक चक्कर कटवाने वाले जीडीए कर्मचारी को अब खुद पीड़ित के घर के चक्कर लगाने पड़ेंगे। सोमवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने इंद्रप्रस्थ योजना के आवंटी की शिकायत पर लिपिक को यह सजा दी। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि जब तक रजिस्ट्री का मामला हल नहीं होता, हर कार्रवाई के लिए कर्मचारी को पीड़ित के घर जाना होगा और पूरी रिपोर्ट देनी होगी।
मामला साहिबाबाद के स्वरूप अपार्टमेंट में रहने वाले दर्शन सिंह मेहता से जुड़ा है। दर्शन सोमवार को जीडीए कार्यालय में उपाध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जून 2025 में पहले आओ-पहले पाओ योजना के तहत इंद्रप्रस्थ योजना में उन्हें फ्लैट आवंटित हुआ था। आवंटन पत्र भी जारी हो गया था, लेकिन रजिस्ट्री के लिए वह पिछले एक साल से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
लिपिक पर लापरवाही का आरोप
दर्शन का आरोप है कि हर बार फाइल में छोटी-छोटी कमियां बताकर उन्हें लौटा दिया जाता है। भुगतान प्रक्रिया में लिपिक के स्तर पर लापरवाही हुई है, जिससे उन पर अतिरिक्त देनदारी दिखा दी गई। इस गलती को एक साल में भी ठीक नहीं किया गया। हर बार नई तारीख देकर बुला लिया जाता है। शिकायत सुनने के बाद उपाध्यक्ष ने लिपिक को फटकार लगाई और तुरंत समाधान के निर्देश दिए। आदेश के बाद कर्मचारी दर्शन सिंह के घर पहुंचे, उनकी समस्या सुनी और एक सप्ताह के भीतर गलती सुधारकर रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया।
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उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा कि जीडीए में आने वाले हर व्यक्ति की सुनवाई संवेदनशीलता से होनी चाहिए। यदि बिना ठोस कारण किसी को परेशान किया गया तो संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।
मामला साहिबाबाद के स्वरूप अपार्टमेंट में रहने वाले दर्शन सिंह मेहता से जुड़ा है। दर्शन सोमवार को जीडीए कार्यालय में उपाध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जून 2025 में पहले आओ-पहले पाओ योजना के तहत इंद्रप्रस्थ योजना में उन्हें फ्लैट आवंटित हुआ था। आवंटन पत्र भी जारी हो गया था, लेकिन रजिस्ट्री के लिए वह पिछले एक साल से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
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लिपिक पर लापरवाही का आरोप
दर्शन का आरोप है कि हर बार फाइल में छोटी-छोटी कमियां बताकर उन्हें लौटा दिया जाता है। भुगतान प्रक्रिया में लिपिक के स्तर पर लापरवाही हुई है, जिससे उन पर अतिरिक्त देनदारी दिखा दी गई। इस गलती को एक साल में भी ठीक नहीं किया गया। हर बार नई तारीख देकर बुला लिया जाता है। शिकायत सुनने के बाद उपाध्यक्ष ने लिपिक को फटकार लगाई और तुरंत समाधान के निर्देश दिए। आदेश के बाद कर्मचारी दर्शन सिंह के घर पहुंचे, उनकी समस्या सुनी और एक सप्ताह के भीतर गलती सुधारकर रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया।
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उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा कि जीडीए में आने वाले हर व्यक्ति की सुनवाई संवेदनशीलता से होनी चाहिए। यदि बिना ठोस कारण किसी को परेशान किया गया तो संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।