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Ghaziabad News: नामी कंपनी ने बनाया भवन, आठ सालों में ही झड़ने लगा प्लास्टर
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गाजियाबाद।
सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा-यमुना हिंडन अपार्टमेंट को देश की नामी निर्माण कंपनी ने बनाया, उसके बावजूद महज आठ सालों में ही भवन का प्लास्टर झड़ने लगा। इस सोसाइटी के क्लब हाउस में भी पानी टपक रहा है। इससे लोग परेशान हैं। एओए एसोसिएशन ने इसकी शिकायत आवास विकास परिषद से की है।
इस संबंध में एओए अध्यक्ष अवनीश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि इस भवन को देश की नामी निजी कंपनी एलएनटी ने बनाया है। इसकी सिविल कार्यों में एक अलग पहचान है। बावजूद इसके भवन का प्लास्टर झड़ने लगा है। नियमानुसार 10 साल तक इस भवन की मरम्मत की जिम्मेदारी कंपनी की है और यह सोसाइटी आवास-विकास परिषद की है। परिषद और कंपनी दोनों से शिकायत की गई पर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इसका क्लब हाउस भी पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है, इसमें भी पानी टपक रहा है। इसके लिए जगह-जगह डिब्बे रखे जा रहे हैं। यह सोसाइटी 2016 में बनकर तैयार हुई। उसके बाद 2017 से लोगों ने रहना शुरू किया। इसमें 1300 फ्लैट हैं। पहले यहां कम लोग रहते थे, लेकिन अब एक हजार घरों में लोग आ चुके हैं, लेकिन व्यवस्था का बुरा हाल है।
उपाध्यक्ष रंजन कुमार कहते हैं कि प्लास्टर झड़ने की शिकायत अभी हाल ही में प्रदर्शन के दौरान भी आवास-विकास से की गई। इससे भवन कमजोर हो रहा है, मगर अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। लोगों ने यह सोचकर करोड़ाें के फ्लैट खरीदे कि नामी कंपनी ने मजबूत भवन बनाया है, मगर वह भी कुछ ही सालों में जर्जर होने लगा है। अभी कुछ फ्लैट खाली हैं, उनकी बुकिंग भी चल रही है, मगर उससे पहले ही भवन की दशा खराब होने लगी।
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इस संबंध में आवास विकास सिविल के अधिशासी अभियंता विकास गौतम का कहना है कि मानसून सीजन खत्म होते ही भवन की मरम्मत करा दी जाएगी।
लोड अधिक और ट्रांसफार्मर कम होने से बनी हुई है बिजली समस्या
एओए के संयुक्त सचिव देवेंद्र कुमार ने बताया कि यहां बिजली कटौती से भी लोग परेशान हैं। दो सरकारी विभागों के आपसी विवाद में निवासी रोजाना घंटों बिजली के झटके झेल रहे हैं। पहले कम लोग रहते थे तो आठ ट्रांसफार्मर से काम चल रहा था, पर अब अधिक लोग रहने लगे हैं तो कम से कम 22 ट्रांसफार्मर चाहिए। प्रस्तावित 26 हैं, मगर यहां आठ से ही काम चलाया जा रहा है। न तो अभी तक सोसाइटी पूरी तरह हैंडओवर हुई और न ही यूपीपीसीएल ने ट्रांसफार्मर हैंडओवर कर लिए। लिफ्ट नहीं चलने पर लोगों को 18 से 20 मंजिल से पैदल आना-जाना पड़ता है। लोग बुरी तरह परेशान हैं।
आवास विकास विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता सीपी सिंह का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर हैंडओवर के लिए बिजली विभाग को पत्र लिख दिया गया है। इसे जल्द हैंडओवर कराया जाएगा। साथ ही खराब ट्रांसफार्मरों को ठीक कराकर जल्द बिजली को सुचारु रूप से चालू करवाया जाएगा।
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सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा-यमुना हिंडन अपार्टमेंट को देश की नामी निर्माण कंपनी ने बनाया, उसके बावजूद महज आठ सालों में ही भवन का प्लास्टर झड़ने लगा। इस सोसाइटी के क्लब हाउस में भी पानी टपक रहा है। इससे लोग परेशान हैं। एओए एसोसिएशन ने इसकी शिकायत आवास विकास परिषद से की है।
इस संबंध में एओए अध्यक्ष अवनीश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि इस भवन को देश की नामी निजी कंपनी एलएनटी ने बनाया है। इसकी सिविल कार्यों में एक अलग पहचान है। बावजूद इसके भवन का प्लास्टर झड़ने लगा है। नियमानुसार 10 साल तक इस भवन की मरम्मत की जिम्मेदारी कंपनी की है और यह सोसाइटी आवास-विकास परिषद की है। परिषद और कंपनी दोनों से शिकायत की गई पर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इसका क्लब हाउस भी पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है, इसमें भी पानी टपक रहा है। इसके लिए जगह-जगह डिब्बे रखे जा रहे हैं। यह सोसाइटी 2016 में बनकर तैयार हुई। उसके बाद 2017 से लोगों ने रहना शुरू किया। इसमें 1300 फ्लैट हैं। पहले यहां कम लोग रहते थे, लेकिन अब एक हजार घरों में लोग आ चुके हैं, लेकिन व्यवस्था का बुरा हाल है।
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उपाध्यक्ष रंजन कुमार कहते हैं कि प्लास्टर झड़ने की शिकायत अभी हाल ही में प्रदर्शन के दौरान भी आवास-विकास से की गई। इससे भवन कमजोर हो रहा है, मगर अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। लोगों ने यह सोचकर करोड़ाें के फ्लैट खरीदे कि नामी कंपनी ने मजबूत भवन बनाया है, मगर वह भी कुछ ही सालों में जर्जर होने लगा है। अभी कुछ फ्लैट खाली हैं, उनकी बुकिंग भी चल रही है, मगर उससे पहले ही भवन की दशा खराब होने लगी।
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इस संबंध में आवास विकास सिविल के अधिशासी अभियंता विकास गौतम का कहना है कि मानसून सीजन खत्म होते ही भवन की मरम्मत करा दी जाएगी।
लोड अधिक और ट्रांसफार्मर कम होने से बनी हुई है बिजली समस्या
एओए के संयुक्त सचिव देवेंद्र कुमार ने बताया कि यहां बिजली कटौती से भी लोग परेशान हैं। दो सरकारी विभागों के आपसी विवाद में निवासी रोजाना घंटों बिजली के झटके झेल रहे हैं। पहले कम लोग रहते थे तो आठ ट्रांसफार्मर से काम चल रहा था, पर अब अधिक लोग रहने लगे हैं तो कम से कम 22 ट्रांसफार्मर चाहिए। प्रस्तावित 26 हैं, मगर यहां आठ से ही काम चलाया जा रहा है। न तो अभी तक सोसाइटी पूरी तरह हैंडओवर हुई और न ही यूपीपीसीएल ने ट्रांसफार्मर हैंडओवर कर लिए। लिफ्ट नहीं चलने पर लोगों को 18 से 20 मंजिल से पैदल आना-जाना पड़ता है। लोग बुरी तरह परेशान हैं।
आवास विकास विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता सीपी सिंह का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर हैंडओवर के लिए बिजली विभाग को पत्र लिख दिया गया है। इसे जल्द हैंडओवर कराया जाएगा। साथ ही खराब ट्रांसफार्मरों को ठीक कराकर जल्द बिजली को सुचारु रूप से चालू करवाया जाएगा।