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Ghaziabad News: कमेटी के नाम पर सवा पांच लाख ठगे, कोर्ट के आदेश पर मां-बेटी पर केस दर्ज
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गाजियाबाद। कमेटी डालने के नाम पर युवती और उसके रिश्तेदारों से सवा पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपी मां-बेटी ने इसी तरह अन्य लोगों से भी रकम ऐंठी है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र की न्यू पंचवटी कॉलोनी निवासी पूजा ने बताया कि वर्ष 2015 में उनका परिचय घंटाघर निवासी सोनिया शांडिल्य और उनकी बेटी वैष्णवी शांडिल्य से हुआ था। उन्होंने बताया कि श्री पीतांबरा कैश किट्टी के नाम से कमेटी चलाती हैं। साथ ही 20 माह तक हर माह एक हजार रुपये जमा करने पर 21 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया।
पूजा के अनुसार, मां-बेटी की बातों पर भरोसा कर उन्होंने स्वयं और अपने तीन रिश्तेदारों का पैसा उनको दे दिया। उस समय अन्य लोगों ने भी कमेटी में निवेश किया था।
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आरोप है कि 20 माह में 84 हजार रुपये जमा कराने के बाद मां-बेटी ने कहा कि कमेटी में घाटा हो गया है। उन्होंने और पैसा देने पर भविष्य में करोड़ों रुपये मिलने का लालच दिया। पहले से फंसी रकम को बचाने के लिए और धनराशि दे दी गई। इस तरह मां-बेटी के पास कुल मिलाकर सवा पांच लाख रुपये पहुंच गए।
तय समय सीमा बीतने के बाद जब रकम वापस मांगी गई तो आरोप है कि मां-बेटी जान से मारने की धमकी देने लगीं। पीड़िता ने पहले पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
एसीपी उपासना पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता से लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मांगे गए हैं। अगर अन्य लोगों से भी इसी तरह ठगी हुई है तो उन्हें भी बुलाकर पूछताछ की जाएगी।
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पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र की न्यू पंचवटी कॉलोनी निवासी पूजा ने बताया कि वर्ष 2015 में उनका परिचय घंटाघर निवासी सोनिया शांडिल्य और उनकी बेटी वैष्णवी शांडिल्य से हुआ था। उन्होंने बताया कि श्री पीतांबरा कैश किट्टी के नाम से कमेटी चलाती हैं। साथ ही 20 माह तक हर माह एक हजार रुपये जमा करने पर 21 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया।
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पूजा के अनुसार, मां-बेटी की बातों पर भरोसा कर उन्होंने स्वयं और अपने तीन रिश्तेदारों का पैसा उनको दे दिया। उस समय अन्य लोगों ने भी कमेटी में निवेश किया था।
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आरोप है कि 20 माह में 84 हजार रुपये जमा कराने के बाद मां-बेटी ने कहा कि कमेटी में घाटा हो गया है। उन्होंने और पैसा देने पर भविष्य में करोड़ों रुपये मिलने का लालच दिया। पहले से फंसी रकम को बचाने के लिए और धनराशि दे दी गई। इस तरह मां-बेटी के पास कुल मिलाकर सवा पांच लाख रुपये पहुंच गए।
तय समय सीमा बीतने के बाद जब रकम वापस मांगी गई तो आरोप है कि मां-बेटी जान से मारने की धमकी देने लगीं। पीड़िता ने पहले पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
एसीपी उपासना पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता से लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मांगे गए हैं। अगर अन्य लोगों से भी इसी तरह ठगी हुई है तो उन्हें भी बुलाकर पूछताछ की जाएगी।