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Ghaziabad News: गोरखपुर मंडल के विज्ञान अधिकारी की बेटी से 97 हजार ठगे
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खोड़ा। विज्ञान विभाग (तारा मंडल) गोरखपुर के डीजी की बेटी से खाते में एलआईसी का रुपये जमा करने के बहाने 97 हजार रुपये की ठगी हो गई। आरोप है कि शातिर ने उन्हें कॉल करके खाते में एक लाख रुपये ज्यादा जमा होने की बोलकर अपने खाते में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करा ली। खोड़ा पुलिस ने शिकायत पर शातिर का खाता फ्रीज कर दिया।
वंदना विहार में रहने वाले मनीष मिश्रा दिलशाद गार्डन में दो पहिया वाहन के शोरूम में प्रबंधक हैं। उनके ससुर डॉ. महादेव पांडे विज्ञान विभाग में गोरखपुर मंडल के डीजी हैं। प्रबंधक ने बताया कि 29 जुलाई को पत्नी साधना पांडेय के पास अनजान नंबर से युवक ने कॉल की, जिसमें वह बोला कि आपके पिता ने एलआईसी की बीमा पॉलिसी कराई थी। उसकी रकम खाते में जमा करनी है। आरोप है कि शातिर ने कुछ देर बाद उन्हें दोबारा कॉल कर कहा कि आपके खाते में 20 हजार से अलग एक लाख रुपये ज्यादा ट्रांसफर हो गए हैं। इसका बैंक से फोन पर मैसेज भी पहुंच गया है। वह शातिर के जाल में फंस गई और उसके कहने पर कई बार में ऑनलाइन 97 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रात में पति ड्यूटी से घर पहुंचे तो पत्नी ने उन्हें पूरा मामला बताया। वह तुरंत खोड़ा थाने पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी। थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्र ने तत्काल साइबर टीम को निर्देश देकर शातिर का खाता फ्रीज करा दिया। पुलिस जांच में आया कि शातिर ने ठगी के लिए गुड़गांव से फर्जी सिम लेकर फर्जी कागजात पर खाता खोला हुआ था। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि बैंक खाते और फोन नंबर से शातिर का पता किया जा रहा है। उसकी लोकेशन ट्रेस कर जल्द ही गिरफ्तारी के बाद ठगी का खुलासा किया जाएगा।
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वंदना विहार में रहने वाले मनीष मिश्रा दिलशाद गार्डन में दो पहिया वाहन के शोरूम में प्रबंधक हैं। उनके ससुर डॉ. महादेव पांडे विज्ञान विभाग में गोरखपुर मंडल के डीजी हैं। प्रबंधक ने बताया कि 29 जुलाई को पत्नी साधना पांडेय के पास अनजान नंबर से युवक ने कॉल की, जिसमें वह बोला कि आपके पिता ने एलआईसी की बीमा पॉलिसी कराई थी। उसकी रकम खाते में जमा करनी है। आरोप है कि शातिर ने कुछ देर बाद उन्हें दोबारा कॉल कर कहा कि आपके खाते में 20 हजार से अलग एक लाख रुपये ज्यादा ट्रांसफर हो गए हैं। इसका बैंक से फोन पर मैसेज भी पहुंच गया है। वह शातिर के जाल में फंस गई और उसके कहने पर कई बार में ऑनलाइन 97 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रात में पति ड्यूटी से घर पहुंचे तो पत्नी ने उन्हें पूरा मामला बताया। वह तुरंत खोड़ा थाने पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी। थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्र ने तत्काल साइबर टीम को निर्देश देकर शातिर का खाता फ्रीज करा दिया। पुलिस जांच में आया कि शातिर ने ठगी के लिए गुड़गांव से फर्जी सिम लेकर फर्जी कागजात पर खाता खोला हुआ था। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि बैंक खाते और फोन नंबर से शातिर का पता किया जा रहा है। उसकी लोकेशन ट्रेस कर जल्द ही गिरफ्तारी के बाद ठगी का खुलासा किया जाएगा।
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