{"_id":"5ce292fbbdec22071b38a6b2","slug":"91558352635-ghaziabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं आई एंबुलेंस, मरीज को ठेली पर लेकर अस्पताल पहुंचा तीमारदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं आई एंबुलेंस, मरीज को ठेली पर लेकर अस्पताल पहुंचा तीमारदार
विज्ञापन
नहीं आई एंबुलेंस, मरीज को ठेली पर लेकर अस्पताल पहुंचा तीमारदार
खुर्जा। सरकार जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दम भर रही है, वहीं अफसरों की लापरवाही से आम लोग मारे-मारे फिर रहे हैं। इसकी एक बानगी शनिवार को जटिया सरकारी अस्पताल में दिखाई दी। एंबुलेंस न मिलने पर एक व्यक्ति अपनी भाभी को ठेली पर लिटाकर अस्पताल पहुंचा। यही नहीं हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस को भी कर्मचारी धक्का लगाते दिखाई दिए।
नगर के जटिया सरकारी अस्पताल में आए दिन प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अफसर निरीक्षण करने आते हैं, लेकिन अस्पताल सुविधाओं के नाम पर रोना रो रहा है। कुछ दिन पूर्व नगर के मदार दरवाजा निवासी रामश्री पत्नी दौलत सैनी के सिर में किसी वजह से चोट लग गई थी। शनिवार अचानक रामश्री की तबियत बिगड़ गई। परिजनों ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर फोन किया। काफी देर इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। हालत बिगड़ते देख रामश्री के देवर बबली सैनी ने अपनी भाभी को ठेली लिटाकर किसी तरह अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया। बबलू सैनी ने बताया कि उन्होंने एंबुलेंस के लिए फोन किया था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब एंबुलेंस नहीं आई तो ठेली पर लिटाकर अस्पताल लाना पड़ा। अस्पताल पहुंचने के बाद एंबुलेंस आई। एंबुलेंस प्रोग्राम मैनेजर सचिन त्यागी ने बताया कि एंबुलेंस के लिए कॉल करने पर दस मिनट में मरीज को एंबुलेंस की सुविधा मुहैया करा दी जाती है। अगर एंबुलेंस समय से नहीं पहुंचती तो उनके पास लखनऊ से कॉल आती है, जिसमें एंबुलेंस न पहुंचने का जवाब मांगा जाता है। शनिवार को ऐसी कोई कॉल उनके पास नहीं आई। ऐसा हो सकता है कि मरीज के परिजन ने कॉल नहीं की हो।
एंबुलेंस को धक्का लगाते दिखे कर्मी
जटिया अस्पताल में सुविधाओं का टोटा है। वहां खड़ी रहने वाली एंबुलेंस इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि उन्हें धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ता है। शनिवार को भी जटिया अस्पताल में कर्मचारी एक एंबुलेंस को धक्का लगाते दिखाई दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
खुर्जा। सरकार जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दम भर रही है, वहीं अफसरों की लापरवाही से आम लोग मारे-मारे फिर रहे हैं। इसकी एक बानगी शनिवार को जटिया सरकारी अस्पताल में दिखाई दी। एंबुलेंस न मिलने पर एक व्यक्ति अपनी भाभी को ठेली पर लिटाकर अस्पताल पहुंचा। यही नहीं हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस को भी कर्मचारी धक्का लगाते दिखाई दिए।
नगर के जटिया सरकारी अस्पताल में आए दिन प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अफसर निरीक्षण करने आते हैं, लेकिन अस्पताल सुविधाओं के नाम पर रोना रो रहा है। कुछ दिन पूर्व नगर के मदार दरवाजा निवासी रामश्री पत्नी दौलत सैनी के सिर में किसी वजह से चोट लग गई थी। शनिवार अचानक रामश्री की तबियत बिगड़ गई। परिजनों ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर फोन किया। काफी देर इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। हालत बिगड़ते देख रामश्री के देवर बबली सैनी ने अपनी भाभी को ठेली लिटाकर किसी तरह अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया। बबलू सैनी ने बताया कि उन्होंने एंबुलेंस के लिए फोन किया था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब एंबुलेंस नहीं आई तो ठेली पर लिटाकर अस्पताल लाना पड़ा। अस्पताल पहुंचने के बाद एंबुलेंस आई। एंबुलेंस प्रोग्राम मैनेजर सचिन त्यागी ने बताया कि एंबुलेंस के लिए कॉल करने पर दस मिनट में मरीज को एंबुलेंस की सुविधा मुहैया करा दी जाती है। अगर एंबुलेंस समय से नहीं पहुंचती तो उनके पास लखनऊ से कॉल आती है, जिसमें एंबुलेंस न पहुंचने का जवाब मांगा जाता है। शनिवार को ऐसी कोई कॉल उनके पास नहीं आई। ऐसा हो सकता है कि मरीज के परिजन ने कॉल नहीं की हो।
विज्ञापन
एंबुलेंस को धक्का लगाते दिखे कर्मी
जटिया अस्पताल में सुविधाओं का टोटा है। वहां खड़ी रहने वाली एंबुलेंस इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि उन्हें धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ता है। शनिवार को भी जटिया अस्पताल में कर्मचारी एक एंबुलेंस को धक्का लगाते दिखाई दिए।
विज्ञापन