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ऑनलाइन नीलामी में आवंटियों की जेब पर नहीं पड़ेगा भार
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ऑनलाइन नीलामी में आवंटियों की जेब पर नहीं पड़ेगा भार
गाजियाबाद। जीडीए की संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी की लागू होने वाली नई व्यवस्था में आवंटियों की जेब पर कोई भार नहीं पड़ेगा। जीडीए ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने वाले आवंटियों से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लेगा। आवंटियों को राहत देने के लिए जीडीए ने स्टील अथॉरिटी की संस्था एमएसटीसी कारपोरेशन की जगह एचडीएफसी बैंक का चुनाव किया है। प्राधिकरण और एचडीएफसी बैंक के बीच एमओयू साइन हो गया है।
नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने से पहले जीडीए की ओर से पहले चरण में 2000 वर्ग मीटर से बड़ी संपत्तियों के मूल्य सहित विस्तृत जानकारी सिस्टम में फीड की जाएगी। ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में एचडीएफसी बैंक को शामिल करने के लिए प्राधिकरण ने पहले विधि अनुभाग से विधिक राय मांगी थी। विधि अनुभाग की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद करार पर हस्ताक्षर हो गए हैं। जीडीए ने पेमेंट गेटवे उपलब्ध नहीं कराने के कारण स्टील अथॉरिटी की संस्था एमएसटीसी कारपोरेशन के साथ समझौते से इंकार कर दिया था।
एमएसटीसी के प्लेटफार्म में पहले आवंटियों की जमा राशि उनके खाते में जाती। फिर उसे जीडीए को ट्रांसफर करने का प्रावधान था। प्राधिकरण की आपत्ति आवंटियों से संपत्ति नीलामी में कुछ कमीशन को लेने पर थी। इसके चलते जीडीए ने एचडीएफसी बैंक को नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय किया है। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में एचडीएफसी बैंक के साथ एमओयू साइन किया गया है। प्रक्रिया शुरू करने से पहले संपत्तियों के मूल्य सहित विस्तृत जानकारी सिस्टम में फीड की जाएगी।
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एक साल तक एचडीएफसी देगा कस्टमर सपोर्ट
ऑनलाइन नीलामी की नई व्यवस्था में एचडीएफसी बैंक एक साल तक जीडीए को अपने कर्मचारियों के जरिए कस्टमर सपोर्ट देगा। नए सिस्टम से सामंजस्य बिठाने के लिए जीडीए के कंप्यूटर अनुभाग के कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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गाजियाबाद। जीडीए की संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी की लागू होने वाली नई व्यवस्था में आवंटियों की जेब पर कोई भार नहीं पड़ेगा। जीडीए ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने वाले आवंटियों से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लेगा। आवंटियों को राहत देने के लिए जीडीए ने स्टील अथॉरिटी की संस्था एमएसटीसी कारपोरेशन की जगह एचडीएफसी बैंक का चुनाव किया है। प्राधिकरण और एचडीएफसी बैंक के बीच एमओयू साइन हो गया है।
नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने से पहले जीडीए की ओर से पहले चरण में 2000 वर्ग मीटर से बड़ी संपत्तियों के मूल्य सहित विस्तृत जानकारी सिस्टम में फीड की जाएगी। ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में एचडीएफसी बैंक को शामिल करने के लिए प्राधिकरण ने पहले विधि अनुभाग से विधिक राय मांगी थी। विधि अनुभाग की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद करार पर हस्ताक्षर हो गए हैं। जीडीए ने पेमेंट गेटवे उपलब्ध नहीं कराने के कारण स्टील अथॉरिटी की संस्था एमएसटीसी कारपोरेशन के साथ समझौते से इंकार कर दिया था।
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एमएसटीसी के प्लेटफार्म में पहले आवंटियों की जमा राशि उनके खाते में जाती। फिर उसे जीडीए को ट्रांसफर करने का प्रावधान था। प्राधिकरण की आपत्ति आवंटियों से संपत्ति नीलामी में कुछ कमीशन को लेने पर थी। इसके चलते जीडीए ने एचडीएफसी बैंक को नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय किया है। जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में एचडीएफसी बैंक के साथ एमओयू साइन किया गया है। प्रक्रिया शुरू करने से पहले संपत्तियों के मूल्य सहित विस्तृत जानकारी सिस्टम में फीड की जाएगी।
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एक साल तक एचडीएफसी देगा कस्टमर सपोर्ट
ऑनलाइन नीलामी की नई व्यवस्था में एचडीएफसी बैंक एक साल तक जीडीए को अपने कर्मचारियों के जरिए कस्टमर सपोर्ट देगा। नए सिस्टम से सामंजस्य बिठाने के लिए जीडीए के कंप्यूटर अनुभाग के कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।