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तो एक-एक शिक्षक के सहारे चलेंगे मॉडल विद्यालय
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:56 PM IST
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..तो एक-एक शिक्षक के सहारे चलेंगे मॉडल स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। लंबे इंतजार के बाद सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल विद्यालय का उदघाटन हो गया। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जिले में विद्यालय क्षेत्र के विधायक और प्रधानाचार्य के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक ने उद्घाटन कर दिया। लेकिन आधी अधूरी तैयारी के साथ ये विद्यालय शुरू किए गए हैं, यह विद्यालय एक-एक शिक्षक के सहारे ही चलेंगे। जबकि स्कूलों में कम ही बच्चे पंजीकृत हुए हैं।
जिले में दस मॉडल विद्यालयों का निर्माण काफी समय पहले हो गया था। हालांकि इन विद्यालयों को विगत वर्ष भी चलाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। मगर, इसके बावजूद भी संचालन नहीं हुआ। अबकी बार इन विद्यालयों को चलाने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई तो जिला स्तरीय अफसरों ने शासन के आदेशों का पालन नहीं किया। फर्नीचर के लिए राशि मिली और अभी तक फर्नीचर नहीं खरीदा गया। राजकीय इंटर कॉलेजों से शिक्षकों को तैनात करने के आदेश दिए। लेकिन पहले से ही कम शिक्षक होने के कारण प्रत्येक स्कूल में एक-एक शिक्षक को तैनात किया गया। इन विद्यालयों में कक्षा छह, नौ और 11वीं कक्षा में प्रवेश का निर्णय लिया है। अफसरों का तर्क है कि जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन 369 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में अभी तक दो से पांच छात्र ही प्रवेश के लिए पहुंचे हैं। सहायता प्राप्त विद्यालयों में 950, राजकीय विद्यालयों में 200 से अधिक शिक्षकों की कमी है। इसी बीच शासन का आदेश प्राप्त हुआ कि मॉडल विद्यालयों का सोमवार को उद्घाटन होना है। इसके चलते लखनऊ में मुख्यमंत्री ने तो जिले में विद्यालय क्षेत्र के विधायक और प्रधानाचार्य के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक ने उद्घाटन किया। आधी-अधूरी तैयारी के साथ शुरू किए गए इन विद्यालयों के संचालन से विभाग और शासन की किरकिरी होती है।
शासन के आदेश पर सोमवार से जिले के दस मॉडल स्कूलों का संचालन करा दिया है। जल्द ही मूलभूत सुविधाएं पूरी हो जाएंगी। फिलहाल एक विद्यालय में एक शिक्षक तैनात किया है, जबकि भर्ती होने पर शिक्षकों की कमी भी दूर हो जाएगी। - मनोज कुमार आर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक, बुलंदशहर।
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अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। लंबे इंतजार के बाद सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल विद्यालय का उदघाटन हो गया। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जिले में विद्यालय क्षेत्र के विधायक और प्रधानाचार्य के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक ने उद्घाटन कर दिया। लेकिन आधी अधूरी तैयारी के साथ ये विद्यालय शुरू किए गए हैं, यह विद्यालय एक-एक शिक्षक के सहारे ही चलेंगे। जबकि स्कूलों में कम ही बच्चे पंजीकृत हुए हैं।
जिले में दस मॉडल विद्यालयों का निर्माण काफी समय पहले हो गया था। हालांकि इन विद्यालयों को विगत वर्ष भी चलाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। मगर, इसके बावजूद भी संचालन नहीं हुआ। अबकी बार इन विद्यालयों को चलाने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई तो जिला स्तरीय अफसरों ने शासन के आदेशों का पालन नहीं किया। फर्नीचर के लिए राशि मिली और अभी तक फर्नीचर नहीं खरीदा गया। राजकीय इंटर कॉलेजों से शिक्षकों को तैनात करने के आदेश दिए। लेकिन पहले से ही कम शिक्षक होने के कारण प्रत्येक स्कूल में एक-एक शिक्षक को तैनात किया गया। इन विद्यालयों में कक्षा छह, नौ और 11वीं कक्षा में प्रवेश का निर्णय लिया है। अफसरों का तर्क है कि जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन 369 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में अभी तक दो से पांच छात्र ही प्रवेश के लिए पहुंचे हैं। सहायता प्राप्त विद्यालयों में 950, राजकीय विद्यालयों में 200 से अधिक शिक्षकों की कमी है। इसी बीच शासन का आदेश प्राप्त हुआ कि मॉडल विद्यालयों का सोमवार को उद्घाटन होना है। इसके चलते लखनऊ में मुख्यमंत्री ने तो जिले में विद्यालय क्षेत्र के विधायक और प्रधानाचार्य के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक ने उद्घाटन किया। आधी-अधूरी तैयारी के साथ शुरू किए गए इन विद्यालयों के संचालन से विभाग और शासन की किरकिरी होती है।
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शासन के आदेश पर सोमवार से जिले के दस मॉडल स्कूलों का संचालन करा दिया है। जल्द ही मूलभूत सुविधाएं पूरी हो जाएंगी। फिलहाल एक विद्यालय में एक शिक्षक तैनात किया है, जबकि भर्ती होने पर शिक्षकों की कमी भी दूर हो जाएगी। - मनोज कुमार आर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक, बुलंदशहर।
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