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Ghaziabad News: दूध से बने उत्पादों के 60 प्रतिशत नमूने जांच में हो रहे फेल
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गाजियाबाद। दूध में रिफाइंड या पॉम ऑयल, बटर में मार्गरीन, मिठाइयों में मानक से अधिक रंग और नमकीन में असुरक्षित रंगों की मिलावट मिल रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की तरफ से पिछले दो महीने में 133 नमूने लिए गए थे, जिसमें से 177 सैंपल फेल मिले हैं।
दूध और दूध से बने पदार्थ जैसे पनीर, खोया, मिठाईयां, बटर और घी के सैंपल 12 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 11 फेल मिले। वहीं पिछले साल लिए गए कुल 100 से अधिक सैंपल में से 67 सैंपल फेल पाए गए हैं। अप्रैल और मई माह में विभाग की तरफ से दूध और उससे निर्मित 12 सैंपल लिए गए हैं और इसी माह पिछले दो महीने के सैंपल की रिपोर्ट भी विभाग को मिली है, जिसमें से 11 सैंपल फेल पाए गए हैं। इसके अलावा पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 100 सैंपल लिए गए थे। इनमें से 67 सैंपल फेल पाए गए हैं।
मई माह में 56 फीसदी सैंपल मिले फेल
वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रैल और मई में विभाग ने 418 दुकानों का निरीक्षण कर 111 सैंपल एकत्र किए थे। मई माह में ही 158 नमूनों की जांच रिपोर्ट भी विभाग को मिली जिनमें से फरवरी, मार्च में लिए गए सैंपल की भी रिपोर्ट शामिल हैं। इनमें से 88 नमूने फेल मिले जिसमें से 40 अधोमानक और 38 सैंपल असुरक्षित पाए गए । 10 सैंपल ऐसे रहे, जिसमें नियमों की अनदेखी रही। भेजे गए सैंपल में से 56 फीसदी सैंपल फेल पाए गए हैं।
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लगातार चलता है दूध की जांच का अभियान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी एनएन झा ने बताया कि दूध से फैट निकाल कर उसमें पॉम ऑयल या वेजिटेबल ऑयल की मिलावट की जाती है। यह हाल खोया और पनीर का भी होता है। यह खाद्य सुरक्षा विभाग में असुरक्षित श्रेणी का माना जाता है क्योंकि उपभोक्ता दूध, पनीर, घी, खोया को शुद्ध समझ कर इस्तेमाल कर रहा है लेकिन धोखे से उसको मिलावटी पदार्थ खिलाया जा रहा है। बटर में भी मार्गरीन की मिलावट मिलती है। उन्होंने बताया कि दूध में मिलावट की जांच के लिए लगातार अभियान चलाया जाता है।
इस बार एडीएम कोर्ट ने 75 केस पर 81 लाख का 70 हजार का जुर्माना भी लगाया है। दूध, पनीर, खोया में सबसे अधिक मिलावट मिलती है, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाती है। जल्द ही सब्जियों और फलों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
डॉ. अरविंद यादव, जिला अभिहीत अधिकारी
सरसों का तेल : घटिया सरसों, रिफाइंड
दूध : पानी, फैट कम, फैट की जगह रिफाइंड का इस्तेमाल
खोआ : वसा की कमी, रिफाइंड का इस्तेमाल
बटर- मार्गरीन या रिफाइंड का इस्तेमाल
घी : पाम ऑयल, वनस्पति
सब्जी-फल : रंग चढ़ा-फलों पर मोम की पॉलिश
बेसन : सूजी, पीला रंग
हल्दी : पीला रंग,
मिर्च-धनिया : डंठल, लाल रंग
नमकीन- रंग की मिलावट, रंग मिलाने की अनुमति नहीं
किडनी, हृदय रोगियों या व्यक्ति जिनको रिफाइंड ऑयल, पॉम ऑयल सहित अन्य फैट के सेवन से खतरा होता है। वह गाय के दूध या घी का सेवन कम मात्रा में कर भी सकते हैं लेकिन ऐसे मिलावटी दूध की सामग्री का इस्तेमाल उनकी सेहत से खिलवाड़ है।
- डॉ.अंशुल वार्ष्णेय
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दूध और दूध से बने पदार्थ जैसे पनीर, खोया, मिठाईयां, बटर और घी के सैंपल 12 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 11 फेल मिले। वहीं पिछले साल लिए गए कुल 100 से अधिक सैंपल में से 67 सैंपल फेल पाए गए हैं। अप्रैल और मई माह में विभाग की तरफ से दूध और उससे निर्मित 12 सैंपल लिए गए हैं और इसी माह पिछले दो महीने के सैंपल की रिपोर्ट भी विभाग को मिली है, जिसमें से 11 सैंपल फेल पाए गए हैं। इसके अलावा पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 100 सैंपल लिए गए थे। इनमें से 67 सैंपल फेल पाए गए हैं।
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मई माह में 56 फीसदी सैंपल मिले फेल
वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रैल और मई में विभाग ने 418 दुकानों का निरीक्षण कर 111 सैंपल एकत्र किए थे। मई माह में ही 158 नमूनों की जांच रिपोर्ट भी विभाग को मिली जिनमें से फरवरी, मार्च में लिए गए सैंपल की भी रिपोर्ट शामिल हैं। इनमें से 88 नमूने फेल मिले जिसमें से 40 अधोमानक और 38 सैंपल असुरक्षित पाए गए । 10 सैंपल ऐसे रहे, जिसमें नियमों की अनदेखी रही। भेजे गए सैंपल में से 56 फीसदी सैंपल फेल पाए गए हैं।
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लगातार चलता है दूध की जांच का अभियान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी एनएन झा ने बताया कि दूध से फैट निकाल कर उसमें पॉम ऑयल या वेजिटेबल ऑयल की मिलावट की जाती है। यह हाल खोया और पनीर का भी होता है। यह खाद्य सुरक्षा विभाग में असुरक्षित श्रेणी का माना जाता है क्योंकि उपभोक्ता दूध, पनीर, घी, खोया को शुद्ध समझ कर इस्तेमाल कर रहा है लेकिन धोखे से उसको मिलावटी पदार्थ खिलाया जा रहा है। बटर में भी मार्गरीन की मिलावट मिलती है। उन्होंने बताया कि दूध में मिलावट की जांच के लिए लगातार अभियान चलाया जाता है।
इस बार एडीएम कोर्ट ने 75 केस पर 81 लाख का 70 हजार का जुर्माना भी लगाया है। दूध, पनीर, खोया में सबसे अधिक मिलावट मिलती है, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाती है। जल्द ही सब्जियों और फलों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
डॉ. अरविंद यादव, जिला अभिहीत अधिकारी
सरसों का तेल : घटिया सरसों, रिफाइंड
दूध : पानी, फैट कम, फैट की जगह रिफाइंड का इस्तेमाल
खोआ : वसा की कमी, रिफाइंड का इस्तेमाल
बटर- मार्गरीन या रिफाइंड का इस्तेमाल
घी : पाम ऑयल, वनस्पति
सब्जी-फल : रंग चढ़ा-फलों पर मोम की पॉलिश
बेसन : सूजी, पीला रंग
हल्दी : पीला रंग,
मिर्च-धनिया : डंठल, लाल रंग
नमकीन- रंग की मिलावट, रंग मिलाने की अनुमति नहीं
किडनी, हृदय रोगियों या व्यक्ति जिनको रिफाइंड ऑयल, पॉम ऑयल सहित अन्य फैट के सेवन से खतरा होता है। वह गाय के दूध या घी का सेवन कम मात्रा में कर भी सकते हैं लेकिन ऐसे मिलावटी दूध की सामग्री का इस्तेमाल उनकी सेहत से खिलवाड़ है।
- डॉ.अंशुल वार्ष्णेय