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Ghaziabad News: बिना फिटनेस जांच कराए सड़कों पर दौड़ रहे 59 स्कूली वाहन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 02 Apr 2025 01:14 AM IST
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59 school vehicles are running on the roads without fitness test
गाजियाबाद। जिले में 59 स्कूली वाहन बिना फिटनेस जांच कराए ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यह स्थिति तब है जब एआरटीओ की ओर से दो बार स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया जा चुका है। प्रवर्तन विभाग ने इन स्कूल बसों के सड़क पर दौड़ते मिलने पर जब्त करने की बात कही है। संभागीय परिवहन कार्यालय में कुल 1803 बसें स्कूल व उनकी समिति के नाम से पंजीकृत हैं। एक अप्रैल से नए सत्र की शुरूआत भी हो चुकी है। नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर हर बार विभागीय स्तर पर तमाम दावे किए जाते हैं। स्कूल प्रबंधन मनमाफिक फीस वसूलकर भी इन बसों को सड़कों पर खुलेआम दौड़ने के लिए चालकों को थमा दे रहे हैं। लेकिन मानक पूरे करने के लिए उनका कोई प्रयास नहीं हैं। इस बारे में एआरटीओ प्रशासन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल
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प्रबंधन को फिटनेस जांच, परमिट जारी कराने के लिए नोटिस दिए गए हैं। उनको चेताया गया कि यदि यह वाहन सड़क पर दौड़ते मिले तो प्रबंधन पर कार्रवाई होगी। वाहन जब्त भी किया जा सकता है।
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-हो चुका है बड़ा हादसा : अप्रैल 2022 में मोदीनगर के दयावती मोदी पब्लिक
स्कूल की बस में सवार 11 वर्षीय अनुराग की मौत हो गई थी। मामले में रिपोर्ट

दर्ज हुई थी। आरोप था कि चालक ने बस गलत तरीके से मोड़ी, छात्र की गर्दन

बाहर निकली हुई थी। उसका सिर खंभे व बस के शीशे के बीच में आ गया। जिस बस

में छात्र सवार था, उसकी फिटनेस नहीं थी। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेकर

परिवहन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे।

-ठूंस ठूंसकर भरे जा रहे बच्चे : फिटनेस जांच ,परमिट समेत तमाम औपचारिकताओं

को देख कई स्कूलों ने अपने यहां परिवहन की व्यवस्था को बंद कर दिया है।

उन्होंने बाहर के वाहन स्वामियों से बच्चों को लाने ले जाने के लिए मौखिक

अनुबंध कर लिया है। इसमें अधिकांश वैन और टाटा मैजिक जैसे वाहन शामिल हैं।

सबसे ज्यादा बुरा हाल केंद्रीय विद्यालयों में है। हादसे जैसी स्थिति में

स्कूल अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर सीधे वाहन स्वामी या चालक को इसका

जिम्मेदार ठहरा देते हैं। सड़कों पर इन वाहनों को धड़ल्ले से दौड़ते देखा

जा सकता है, लेकिन विभागीय स्तर पर इनपर नकेल कसने का कोई प्रयास नहीं किया

जा रहा। जबकि, इनमें क्षमता से दो, तीनगुना बच्चे ठूंस ठूंसकर बैठा दिए जाते हैं।
-प्रमुख स्कूलों की बसें :

1-आम्रपाली समिति
2-एके चिल्ड्रन एकेडमी

3-डीएवी पब्लिक स्कूल
4-भोजपुर पब्लिक स्कूल

5-होली मदर एजुकेशन सोसायटी
6-इंडियन नेशनल कॉलेज

7-इंडो अमेरिकन
8-इंद्राप्रस्थ

9-कोनार्क शिक्षा समिति
10-एमएल पब्लिक स्कूल
11-एलएलबीवी स्कूल

12-मदर इंडिया

13-एमएफडी एकेडमी
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