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500 इंडस्ट्री पर एक भी बैंक और एटीएम नहीं

Fri, 09 Dec 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद Updated Fri, 09 Dec 2016 12:40 AM IST
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500 on a single bank and the ATM industry
बैंक - फोटो : अमर उजाला
एमजीआर औद्योगिक  क्षेत्र में 500 इंडस्ट्री संचालित हैं। इन छोटी-बड़ी इंडस्ट्रीज में करीब 55 हजार श्रमिक और अन्य स्टाफ काम करता है, लेकिन यहां पर एक भी बैंक या एटीएम नहीं है।
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नोट बंदी के बाद से औद्योगिक क्षेत्र के हालात भी बदतर हो गए हैं। उद्यमियों के साथ श्रमिकों को कैश निकालने के लिए शहर की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे काम काफी प्रभावित होता है। 
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यूपीएसआईडीसी ने एमजीआर औद्योगिक क्षेत्र को विकसित किया है। यह औद्योगिक क्षेत्र करीब सात किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। वर्तमान में यहां पर 500 छोटी-बड़ी इंडस्ट्रीज संचालित हैं।
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इन फैक्ट्रियों में करीब 55 हजार श्रमिक काम करते हैं। उद्यमियों का कहना है कि जब से नोट बंदी हुई और मार्केट के साथ बैंकों में कैश की किल्लत शुरू हुई, तब से परेशानियां बढ़ गई हैं।

एमजीआर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन ने जिला उद्योग बंधु की बैठक के अलावा यूपीएसआईडीसी में अनेक बार बैंक व एटीएम के लिए प्रार्थना पत्र दिया पर कोई नतीजा नहीं निकला। इतने बड़े औद्योगिक क्षेत्र में एक बैंक की ब्रांच न होने से उद्यमियों और श्रमिकों को शहर की ओर भागना पड़ता है। इससे उनका समय और फैक्ट्रियों का उत्पादन गिरता है।

क्या कहते हैं उद्यमी
- बैंक के लिए कई बार मांग की गई पर यूपीएसआईडीसी की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिला। यहां पर जितनी फैक्ट्रियां हैं, अधिकांश का एकाउंट गाजियाबाद या नोएडा में है। औद्योगिक क्षेत्र में दो-तीन बैंकों की ब्रांच खुल जाए तो समस्या खत्म हो जाएंगी। - एनएन मिश्रा
- नोट बंदी के बाद से बैंक संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं। कैश निकालने और जमा कराने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। औद्योगिक क्षेत्र से  शहर भी आठ से 10 किलोमीटर दूर है। -अनिल राठी

शनिवार से बैंक तीन दिन रहेंगे बंद
ग्राहक बैंक संबंधी अपना काम शुक्रवार को निपटा लें। शनिवार से बैंकों में लगातार तीन दिन तक छुट्टी रहेगी। 10 दिसंबर को माह का दूसरा शनिवार है। इसके बाद रविवार की सरकारी छुट्टी रहेगी।

सोमवार को ईदउल मिलाद उल-उन-नबी की सरकार ने छुट्टी कर दी है। ऐसे में, लोगों की मुसीबतें और बढ़ जाएंगी। पहले से ही बैंकों में कैश नहीं है। शहर के 90 प्रतिशत एटीएम भी खाली पड़े हैं। लगातार तीन दिन तक बैंक बंद रहते हैं तो स्थिति और बदतर हो जाएगी।

- बृहस्पतिवार को फिर से कैश की कमी से जूझे लोग
आरबीआई से कैश नहीं आने पर बृहस्पतिवार को भी लोग कैश की कमी से जूझे। लगभग सभी बैंकों के पास जरूरत भर का भी पैसा नहीं था। इंडियन ओवरसीज बैंक के एजीएम अनिल कुमार दत्ता के मुताबिक बृहस्पतिवार को ग्राहकों को चार से पांच हजार रुपये दिए गए।

शुक्रवार तक कैश नहीं आता है तो काउंटर को बंद कराना पड़ेगा। यही हाल पीएनबी का भी रहा। यहां पर पांच हजार रुपये दिए गए। आरडीसी स्थित बैंक  ऑफ बड़ौदा में कैश जमा करने और निकालने वालों की एक ही लाइन थी, जिसकी वजह से ग्राहकों को काफी परेशानी हुई।

यहां पर टोकन सिस्टम भी नहीं था। इसी प्रकार से आईडीबीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, इंडियन बैंक, सिंडिकेट बैंक में जल्द ही कैश खत्म हो गया।

- बैंक कर्मचारी ग्राहकों से कर रहे बदसलूकी
कैश के लिए परेशान ग्राहकों से बैंक कर्मचारी बदसलूकी भी कर रहे हैं। ट्रांसपोर्टर विपिन कुमार ने बताया कि जीटी रोड स्थित आईडीबीआई बैंक शाखा में दर्जनों लोग कैश के लिए लाइन लगाए खड़े थे।

बैंक खुलने से पहले ही बैंक का कर्मचारी आया। उसके हाथ में कुछ चेक थे। गेट पर आते ही कर्मचारी ने कहा कि कैश नहीं है, वापस चले जाओ। लोगों ने जब एतराज जताया तो उसने बदसलूकी की।

कैश की किल्लत जारी, 15 दिसंबर का टोकन कर दिया जारी 
 नोट बंदी के 30 दिन बाद भी कैश की किल्लत जारी है। एक बैंक ने तो बृहस्पतिवार को कुछ लोगों को भुगतान के लिए 15 दिसंबर का टोकन जारी कर दिया है। गांव गदाना निवासी मनोज ने बताया कि उनका खाता केनरा बैंक में है।

बृहस्पतिवार को वह केनरा बैंक से कैश निकालने गए लेकिन टोकन लेते समय वह हैरान हो गए। बैंक कर्मचारी ने टोकन देते समय उसे बताया कि उनको आगामी 15 दिसंबर को भुगतान मिलेगा। मनोज ने बताया कि उसे पैसों की सख्त जरूरत है पर बैंक अधिकारियों ने  उनकी नहीं सुनी।


टीआरएम पब्लिक स्कूल के चेयरमैन विनोद माहेश्वरी ने बताया कि फीस के रुप में अभिभावकों द्वारा दिए जा रहे कुछ चैक उनके खातों में कैश न होने के कारण वापसी हो रहे हैं। इससे चेक पर लगने वाली पेनल्टी स्कूल को भुगतनी पड़ रही है।
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