Ghaziabad: 50 हजार का इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर, व्यापारी मुकेश गोयल की हत्या के मामले में चल रहा था फरार
पुलिस और 50 हजार के इनामी बदमाश मोनू के बीच हुई मुठभेड़ में मोनू उर्फ विशाल चौधरी ढेर हो गया। मुठभेड़ शुक्रवार दोपहर मुरादनगर में गंगनहर पटरी के पास हुई है।
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मुरादनगर कमिश्नरेट में आतंक का पर्याय बना 50 हजार का इनामी बदमाश विशाल उर्फ मोनू शुक्रवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। हालांकि उसका साथी फरार होने में कामयाब हो गया। मोनू मुरादनगर क्षेत्र में हुए विद्युत निगम के ठेकेदार नवीन भारद्वाज और मोबाइल कारोबारी मुकेश गोयल की हत्या में फरार चल रहा था। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला एमएमजी अस्पताल रेफर किया गया है।
बीते एक अप्रैल को मुरादनगर थानाक्षेत्र के उखलारसी गांव में विद्युत निगम के ठेकेदार नवीन भारद्वाज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना को उखलारसी गांव के विशाल उर्फ मोनू ने साथियों संग मिलकर अंजाम दिया था। इसके बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। थाना पुलिस समेत कमिश्नरेट की स्वाट टीम सरगर्मी से उसकी तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद मोनू ने 23 मई को मुरादनगर में मोबाइल कारोबारी मुकेश गोयल पर गोलियां बरसा कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने मोनू की गिरफ्तारी को चुनौती मानते हुए तीन टीमों को लगाया था।
नहर पटरी पर हुआ पुलिस से आमना-सामना
शुक्रवार दोपहर को मुखबिर ने सूचना दी कि मोनू बुलेट लेकर अपनी बहन के घर से साथी संग मुरादनगर गंगनहर पटरी से होता हुआ जाएगा। क्राइम ब्रांच और ग्रामीण जोन की एसओजी टीम ने नहर पटरी पर घेराबंदी कर दी। चित्तौड़ा पुल के पास मोनू और पुलिस का आमना-सामना हो गया। मोनू और उसके साथी ने पुलिस को देखते ही गोलियां चलानी शुरू कर दी। बचाव करते हुए पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ में मोनू गोली लगने से घायल हो गया, जबकि हेड कांस्टेबल अरुण और टिंकल चौधरी भी गोली लगने से घायल हो गए, जबकि मोनू का साथी फरार हो गया। तीनों को जिला एमएमजी अस्पताल भेजा गया, जहां मोनू को मृत घोषित कर दिया गया।
विशाल उर्फ मोनू पर दर्ज थे 13 मुकदमे
पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने बताया कि कुख्यात बदमाश विशाल उर्फ मोनू पर हत्या हत्या के प्रयास रंगदारी और लूट जैसे करीब 13 मुकदमे दर्ज थे। दो हत्याओं में फरार होने के चलते उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया हुआ था। शुक्रवार को मुठभेड़ के दौरान मोनू को गोलियां लगी और दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। तीनों को जिला अस्पताल भेज दिया गया। मुठभेड़ में मोनू का अज्ञात साथी फरार होने में कामयाब हो गया।