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एलिवेटेड रोड की पर्यावरण एनओसी अब राज्य के हाथ में

Wed, 07 Feb 2018 01:44 AM IST
Updated Wed, 07 Feb 2018 01:44 AM IST
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एलिवेटेड रोड की पर्यावरण एनओसी अब राज्य के हाथ में
एलिवेटेड रोड की पर्यावरण एनओसी अब राज्य के हाथ में
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गाजियाबाद। एलिवेटेड रोड को लेकर पर्यावरण मंत्रालय की वॉयलेशन कमेटी ने एनओसी का मामला यूपी राज्य पर्यावरण इंपेक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (सिआ) के पास भेज दिया है। अब एलिवेटेड रोड की पर्यावरण संबंधी एनओसी पर राज्य पर्यावरण इंपेक्ट अथॉरिटी द्वारा फैसला किया जाएगा। एलिवेटेड रोड के मामले की एनजीटी में 21 फरवरी को प्रस्तावित सुनवाई से पहले एनओसी संबंधी बाधा दूर होने की संभावना है।
राज्य पर्यावरण इंपेक्ट असेसमेंट अथॉरिटी का फरवरी 2017 को कार्यकाल खत्म हो गया था। पर्यावरण इंपेक्ट अथॉरिटी पिछले साल 15 अक्तूबर 2017 को फिर से बहाल हो गई। इसे इंगित करते हुए पर्यावरण मंत्रालय की वॉयलेशन कमेटी ने एलिवेटेड रोड की एनओसी का मामला सिआ को रेफर कर दिया है। बता दें कि एलिवेटेड रोड के संबंध में कड़कड़ मॉडल गांव के रहने वाले सुशील राघव ने जुलाई 2016 में एनजीटी में याचिका दायर की थी। उन्होंने बर्ड सेंचुरी और झील के खसरों पर एलिवेटेड रोड के निर्माण का मुद्दा उठाया था। एनजीटी ने एक साल पहले जीडीए को छह माह के भीतर पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लेने के आदेश दिए थे। फिर जीडीए ने दिसंबर माह में एनओसी के लिए पर्यावरण मंत्रालय में आवेदन किया। मामला केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय में लंबित था। एक माह तक सुनवाई के बाद पर्यावरण मंत्रालय ने मामला पर्यावरण इंपेक्ट अथॉरिटी को भेज दिया है। मामले की सुनवाई व एनओसी पर फैसला सिआ द्वारा किया जाएगा।
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एलिवेटेड रोड से जाम के झाम से मिलेगी राहत
यूपी गेट से राजनगर एक्सटेंशन तक बनी एलिवेटेड रोड से शहरवासियों को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकेगी। 10.30 किलो मीटर लंबी छह लेन की एलिवेटेड रोड पर एक बार वाहन के चढ़ने के बाद सीधे दिल्ली पहुंचा जा सकेगा। एलिवेटेड रोड की परियोजना पर 1248 करोड़ खर्च हुए हैं। रोड पर चार पहिया वाहनों के लिए 80 किमी व दो पहिया वाहनों के लिए अधिकतम 60 किमी प्रति घंटा गति सीमा तय करने का प्लान तैयार किया गया है। एनओसी मिलने के बाद वाहन फर्राटा भर सकेंगे।
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हर जांच में एलिवेटेेड रोड को हरी झंडी
एलिवेटेड रोड के संचालन से पहले करीब दो माह तक गुणवत्ता और ठोस स्थिरता का परीक्षण हुआ। एलिवेटेड रोड की लोड की क्षमता 100 टन है, जबकि इसे तीन गुना भार से इसकी क्षमता को परखा गया। हर परीक्षण और जांच में एलिवेटेड रोड को हरी झंडी मिली।
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