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Ghaziabad News: परमिट के दायरे मेें आएंगे 27,312 ई-रिक्शा, बिना रूट के चले तो लगेगा जुर्माना

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 20 Dec 2025 12:28 AM IST
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27,312 e-rickshaws will be covered under the permit, but if they ply without a route, they will be fined.
गाजियाबाद। जिले में संचालित हो रहे 27,312 ई-रिक्शा परमिट के दायरे में आएंगे। इससे जहां विभाग को राजस्व मिलेगा वहीं, रूट तय होने पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी। आसानी से ई-रिक्शा चालकों की पहचान हो सकेगी।
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अभी ई-रिक्शा का रूट यातायात पुलिस ने तय किया हुआ है। ई-रिक्शा चालक, रूट, स्वामी की पहचान, उसके पते, मोबाइल की जानकारी के लिए क्यूआर कोड जारी किए गए हैं लेकिन सड़कों पर हजारों की तादाद में ई-रिक्शा बिना क्यूआर कोड के घूम रहे हैं। तय रूट पर न चलने की भी लगातार शिकायतें आ रही हैं। मामले सामने आने के बावजूद भी इनपर कानूनी रूप से दबाव बनाने में व्यवहारिक दिक्कत है।
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इतना ही नहीं लखनऊ समेत कई जगह ई-रिक्शा चालकों ने बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है। इसी को देखते हुए शासन स्तर से इनपर लगाम लगाने के लिए कड़े नियम बनाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शासन ने अब इनको परमिट के दायरे में लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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इस बारे में आरटीओ प्रशासन प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि एक वाहन का परमिट पांच साल के लिए जारी होता है। अपने केंद्र से 16 किलोमीटर तक एक ई-रिक्शा का रूट तय होगा। इसके लिए ई-रिक्शा चालकों को निर्धारित शुल्क जमा करना पड़ेगा। निर्धारित से अलग रूट पर चलने पर प्रवर्तन अपनी कार्रवाई करेगा। शासन को ई-रिक्शा की डिटेल भेजी जाएगी।
अवैध ई-रिक्शा पर भी लगेगी लगाम
जिले में गैर-पंजीकृत ई-रिक्शा भी 35 हजार से अधिक हैं। सरकार ने इनके पंजीकरण की व्यवस्था वर्ष 2016 में की थी। लेकिन इससे पहले बड़ी संख्या में ई-रिक्शा बाजार में आ चुके थे। नियम आने के बाद भी डीलरों ने इनको खूब बेचा। इनकी रोकथाम के लिए दावे तो तमाम किए जाते हैं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं दिखता।

आरटीओ प्रवर्तन सियाराम वर्मा ने बताया कि गैर-पंजीकृत ई-रिक्शा को जब्त करने का प्रावधान है लेकिन इसमें सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि विभाग के पास वाहनों को खड़ा करने की जगह नहीं है। वाहन जब्त करने पर उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी विभाग की होती है। ऐेसे में सभी पर कार्रवाई कर पाने मेें मुश्किल रहती है।
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