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शहर के 300 बल्क कूड़ा उत्पादक प्रतिष्ठानों को नोटिस, निगम वसूलेगा जुर्माना
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शहर के 300 बल्क कूड़ा उत्पादक प्रतिष्ठानों को नोटिस, निगम वसूलेगा जुर्माना
गाजियाबाद। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर एनजीटी सख्त है। प्रदेश में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर किए जाने वाले इंतजामों की रिपोर्ट पेश करने के लिए बीते दिनों प्रदेश के मुख्य सचिव की एनजीटी में पेशी के बाद नगर निगम ने भी सख्ती कर दी है। निगम ने कई बड़े होटल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, रेस्तरां, लॉज समेत 300 ऐसे प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी की है, जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा पैदा कर रहे हैं, लेकिन निस्तारण नहीं कर रहे। अभी करीब 500 से ज्यादा अन्य संस्थान भी निगम की रडार पर हैं।
दरअसल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए नियमों के मुताबिक प्रतिदिन 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा पैदा करने वाले संस्थानों को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा गया है। इनके लिए कचरे का निस्तारण अपने स्तर पर कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। अपर नगर आयुक्त व स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी प्रमोद कुमार का कहना है कि निगम सीमा में करीब 800 से ज्यादा बल्क वेस्ट जनरेटर हैं। पूर्व में निगम ने व्यापारियों, रेस्तरां संचालकों और बैंक्वेट हॉल संचालकों को कचरे का निस्तारण खुद कराने के लिए निर्देश भी दिए थे। इसके बावजूद अधिकांश बल्क वेस्ट जनरेटर्स ने कचरे का निस्तारण शुरू नहीं किया। अपर नगर आयुक्त का कहना है कि 300 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर उन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। उनसे जुर्माने की राशि वसूल की जा रही है। नियमों का उल्लंघन कर रहे अन्य प्रतिष्ठानों को भी जल्द ही नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया जाएगा।
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अगले चरण में दर्ज कराई जाएगी एफआईआर
अपर नगर आयुक्त का कहना है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए नियमों में नगर निगम को कचरा निस्तारण न करने पर बड़े संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भी अधिकार दिया गया है। ऐसे में नोटिस के बावजूद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का खुद निस्तारण न किया गया तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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मुख्य सचिव ने पूरे प्रदेश के इंतजामों की दी जानकारी
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर एनजीटी में विचाराधीन मामले में एनजीटी ने बीते दिनों यूपी और आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को तलब किया था। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक यूपी के मुख्य सचिव ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास, इंतजामों की जानकारी एनजीटी को दी। उन्होंने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कर पृथकीकरण कराया जा रहा है। बड़े संस्थानों के स्तर पर भी कचरे का निस्तारण कराया जा रहा है।
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गाजियाबाद। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर एनजीटी सख्त है। प्रदेश में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर किए जाने वाले इंतजामों की रिपोर्ट पेश करने के लिए बीते दिनों प्रदेश के मुख्य सचिव की एनजीटी में पेशी के बाद नगर निगम ने भी सख्ती कर दी है। निगम ने कई बड़े होटल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, रेस्तरां, लॉज समेत 300 ऐसे प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी की है, जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा पैदा कर रहे हैं, लेकिन निस्तारण नहीं कर रहे। अभी करीब 500 से ज्यादा अन्य संस्थान भी निगम की रडार पर हैं।
दरअसल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए नियमों के मुताबिक प्रतिदिन 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा पैदा करने वाले संस्थानों को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा गया है। इनके लिए कचरे का निस्तारण अपने स्तर पर कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। अपर नगर आयुक्त व स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी प्रमोद कुमार का कहना है कि निगम सीमा में करीब 800 से ज्यादा बल्क वेस्ट जनरेटर हैं। पूर्व में निगम ने व्यापारियों, रेस्तरां संचालकों और बैंक्वेट हॉल संचालकों को कचरे का निस्तारण खुद कराने के लिए निर्देश भी दिए थे। इसके बावजूद अधिकांश बल्क वेस्ट जनरेटर्स ने कचरे का निस्तारण शुरू नहीं किया। अपर नगर आयुक्त का कहना है कि 300 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर उन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। उनसे जुर्माने की राशि वसूल की जा रही है। नियमों का उल्लंघन कर रहे अन्य प्रतिष्ठानों को भी जल्द ही नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया जाएगा।
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अगले चरण में दर्ज कराई जाएगी एफआईआर
अपर नगर आयुक्त का कहना है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए नियमों में नगर निगम को कचरा निस्तारण न करने पर बड़े संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भी अधिकार दिया गया है। ऐसे में नोटिस के बावजूद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का खुद निस्तारण न किया गया तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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मुख्य सचिव ने पूरे प्रदेश के इंतजामों की दी जानकारी
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर एनजीटी में विचाराधीन मामले में एनजीटी ने बीते दिनों यूपी और आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को तलब किया था। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक यूपी के मुख्य सचिव ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास, इंतजामों की जानकारी एनजीटी को दी। उन्होंने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कर पृथकीकरण कराया जा रहा है। बड़े संस्थानों के स्तर पर भी कचरे का निस्तारण कराया जा रहा है।