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बर्खास्तगी के तुरंत बाद अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य गिरफ्तार
Updated Fri, 27 Apr 2018 05:32 PM IST
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पद से हटाने के बाद अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य गिरफ्तार
गाजियाबाद। सत्ता की हनक दिखाकर भाजपा के पूर्व वित्त मंत्री और एक पूर्व मुख्यमंत्री बनकर फोन पर डीएम-एसएसपी समेत अन्य अफसरों को हड़काने वाले यूपी के अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य को पद से हटाए जाने के बाद क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके एक साथी को भी पकड़ा है। इनके पास से मर्सडीज कार और पांच मोबाइल व फर्जी नामों पर लिए गए पांच सिम भी बरामद किए गए हैं।
लोनी के रहने वाले अफजाल चौधरी को प्रदेश की योगी सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य बनाया था। अफजाल का तभी से विरोध हो रहा था। सत्ता में जगह पाने के बाद अफजाल ने जिले के सीनियर अफसरों को धमकाना शुरू किया। पुलिस सूत्रों की मानें तो बीते दिनों अफजाल ने बिहार के एक सांसद आरपी एन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के नाम से डीएम और एसएसपी को फोन किया था। डीएम को फोन कर अफजाल ने मसूरी से जुड़े एक जमीन के विवाद को जल्द खत्म कराने का निर्देश दिया था। यह जमीन गाजियाबाद में तैनात रह चुके एक पूर्व नगर आयुक्त की मां के नाम पर खरीदने का एग्रीमेंट हुआ था। जमीन पट्टे की थी, जिसे पट्टेदारों द्वारा किसी तीसरे पक्ष को बेच दिया गया। वहीं, एसएसपी को फोन कर गिरफ्तार किए गए एक अपराधी को छोड़ने का दबाव बनाया था। शक होने पर फोन नंबरों की पड़ताल की गई तो मामला फर्जी निकला। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई तो अफजाल को बृहस्पतिवार को पद से हटा दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने अफजाल और उसके साथी कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी वैभव कृष्ण ने इसकी पुष्टि की है। दोनों के खिलाफ क्राइम ब्रांच के प्रभारी दिनेश यादव ने केस दर्ज कराया है।
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गाजियाबाद। सत्ता की हनक दिखाकर भाजपा के पूर्व वित्त मंत्री और एक पूर्व मुख्यमंत्री बनकर फोन पर डीएम-एसएसपी समेत अन्य अफसरों को हड़काने वाले यूपी के अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य को पद से हटाए जाने के बाद क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके एक साथी को भी पकड़ा है। इनके पास से मर्सडीज कार और पांच मोबाइल व फर्जी नामों पर लिए गए पांच सिम भी बरामद किए गए हैं।
लोनी के रहने वाले अफजाल चौधरी को प्रदेश की योगी सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य बनाया था। अफजाल का तभी से विरोध हो रहा था। सत्ता में जगह पाने के बाद अफजाल ने जिले के सीनियर अफसरों को धमकाना शुरू किया। पुलिस सूत्रों की मानें तो बीते दिनों अफजाल ने बिहार के एक सांसद आरपी एन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के नाम से डीएम और एसएसपी को फोन किया था। डीएम को फोन कर अफजाल ने मसूरी से जुड़े एक जमीन के विवाद को जल्द खत्म कराने का निर्देश दिया था। यह जमीन गाजियाबाद में तैनात रह चुके एक पूर्व नगर आयुक्त की मां के नाम पर खरीदने का एग्रीमेंट हुआ था। जमीन पट्टे की थी, जिसे पट्टेदारों द्वारा किसी तीसरे पक्ष को बेच दिया गया। वहीं, एसएसपी को फोन कर गिरफ्तार किए गए एक अपराधी को छोड़ने का दबाव बनाया था। शक होने पर फोन नंबरों की पड़ताल की गई तो मामला फर्जी निकला। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई तो अफजाल को बृहस्पतिवार को पद से हटा दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने अफजाल और उसके साथी कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी वैभव कृष्ण ने इसकी पुष्टि की है। दोनों के खिलाफ क्राइम ब्रांच के प्रभारी दिनेश यादव ने केस दर्ज कराया है।
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