फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   200 people cheated to the tune of Rs 10 crore, five criminals arrested

Ghaziabad News: 200 लोगों से दस करोड़ ठगे, पांच शातिर गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 05 May 2024 02:46 AM IST
विज्ञापन
200 people cheated to the tune of Rs 10 crore, five criminals arrested
कौशांबी। हैलो...मैं मनोज बोल रहा हूं। वीडियो लाइक का टास्क करने पर 40 प्रतिशत मुनाफा मिलेगा। हैलो...मैं सऊदी अरब से उस्मानुद्दीन बोल रहा हूं। आपके लिए 40 हजार रुपये वेतन की नौकरी है। कागजात तैयार कराने के लिए मेरे खाते में कुछ रकम डाल दो। कौशांबी पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों से इस तरह की ऑनलाइन ठगी व धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के पांच शातिरों को गिरफ्तार किया है। सभी फर्जी कंपनी बनाकर दो साल में 200 से अधिक लोगों से करीब 10 करोड़ की ठगी कर चुके हैं। इनसे सात मोहर, 10 फोन, एक टैब, 41 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पांच चेक बुक, चार पहचान पत्र, चार आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, दो डीएल, एक कार बरामद की है।
विज्ञापन


डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड मनोज कुमार पुत्र महकार सिंह निवासी न्यू डिफेंस कालोनी मुरादनगर है। उसके गिरोह में आकाश त्यागी पुत्र नरेश त्यागी निवासी न्यू डिफेंस कालोनी मुरादनगर, अमरेश कुमार सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी धुनेला सोहना रोड गुरुग्राम हरियाणा, नमन जैन पुत्र नीरज जैन निवासी बंजारन कस्बा नकुड़ सहारनपुर, हाल पता आदित्य वर्ल्ड वेव सिटी और नितिश शर्मा पुत्र मुकेश शर्मा निवासी एफ ब्लॉक नंदग्राम हैं। पूछताछ में मनोज ने बताया कि ये लोगों को यूट्यूब पर वीडियो लाइक कर पैसे कमाने, विदेश में नौकरी, अलग-अलग तरह के प्रीपेड टास्क में निवेश करने पर मुनाफा कमाने का झांसा देकर जाल में फंसाते थे।
विज्ञापन

पुलिस जांच में सामने आया है कि दो साल में गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर में 10 से 15 फर्जी कंपनी बनाई थी। इसमें दूसरे लोगों को दस से 20 हजार का कमीशन देकर उनके कागजात पर खुद कंपनी के निदेशक बन जाते थे। मनोज इतना शातिर था कि उसने कभी भी कंपनी को ऐसे सामान के साथ पंजीकृत नहीं कराया था, जो देश से बाहर जाता हो या बेहद जरूरत का था। ठगी की रकम का 60 प्रतिशत मनोज अपने पास रखता था और 40 प्रतिशत दूसरे सदस्यों में बांटता था।
विज्ञापन
विज्ञापन



दिल्ली-एनसीआर के पते पर बनाते थे फर्जी कंपनी
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि मनोज इतना शातिर है कि उसने दिल्ली-एनसीआर में अलग-अलग जगह पर फर्जी कंपनी खोलकर ठगी व धोखाधड़ी की। नितिश शर्मा गिरोह की फर्जी कंपनी खुलवाने के लिए लोगों के कागजात, फोटो और आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज लाकर देता था। इसकी एवज में उसे एकमुश्त पैसे मिलते थे। कागजात में नाम और पते अलग-अलग होते थे। इनसे कंपनी का जीएसटी नंबर लेकर बैंक में खाता खुलवा लेते थे। फिर इस फर्जी कंपनी को 20 या 25 दिन में बंद करके बैंक खाते में ठगी की रकम जमा करते थे। इस अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed