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ख्बर
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:08 AM IST
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नकली डीजल तैयार करने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़
गढ़मुक्तेश्वर। नकली डीजल तैयार करने वाली फैक्ट्री पर छापा मारकर पुलिस ने फैक्ट्री संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान मौके से हजारों लीटर नकली डीजल समेत मिलावट करने के लिए केमिकल व अन्य सामग्री भी बरामद की है।
अवैध रूप से डीजल बनाने की सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस ने रविवार को गढ़ क्षेत्र के गांव अल्लाबख्शपुर में छापामार कार्रवाई की। एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य और डीएसपी संतोष मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की तो वहां नकली डीजल तैयार कर उसकी बिक्री करने वाली फैक्ट्री पकड़ में आई। इस पर पुलिस ने पास में ही बने गोदाम को कब्जे में लेकर तलाशी ली तो उसमें से करीब चार हजार लीटर नकली डीजल समेत मिट्टी का तेल और उसमें मिलाए जाने वाला 60 लीटर केमिकल और 140 ड्रम भी बरामद किए। इनमें से 18 ड्रम डीजल से भरे थे और शेष खाली थे। एसएसआई सुभाष यादव के निर्देशन में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नकली डीजल बनाकर बेचने वाली फैक्ट्री के संचालक हिकमत सलमानी को गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम ने सूचना देकर निरीक्षक अनीता बाली समेत आपूर्ति महकमे की टीम को मौके पर बुला लिया और फैक्ट्री से बरामद डीजल समेत सभी सामान को उनको सुपुर्द कर दिया। डीएसपी संतोष मिश्रा ने बताया कि मौके से गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आपूर्ति निरीक्षक ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज कराया जाना है।
लोगों की शिकायत पर हरकत में पुलिस-प्रशासन
नकली डीजल के इस्तेमाल से कई महंगी कारों समेत किसानों के ट्रैक्टरों के इंजन खराब हो चुके हैं। इससे पीड़ित लोगों ने आला अफसरों से शिकायत की थीं। इसी को संज्ञान में लेते हुए पुलिस और प्रशासन हरकत में आकर छापामार कार्रवाई की।
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नकली डीजल बेचकर खूब कमाई की
नकली डीजल की फैक्ट्री चलाकर अचानक धनाढ्य बनने वाला हिकमत सलमानी तीन साल पहले तक बाल काटकर अपने परिवार का गुजर बसर करता था। जैसे ही उसने नकली डीजल तैयार कर बेचने का गोरखधंधा चालू किया तो उसी माली हालत बेहतर होती चली गई। ग्रामीणों की मानें तो नकली डीजल का गोरखधंधा करने के बाद हिकमत ने कई बीघा कृषि भूमि खरीदने के साथ ही काफी दौलत इकट्ठा कर ली है। पुलिस की पूछताछ में हिकमत ने बताया कि वह मेरठ के केसरगंज से नकली डीजल लाता था, जिसमें राशन डीलरों से लेकर मिट्टी का तेल मिलाकर रंग बदलने के लिए उसमें केमिकल भी मिलाया जाता था।
गांव के बीचोंबीच कई साल से चल रहा था गोरखधंधा
भूतेश्वर प्रसाद शर्मा
गढ़मुक्तेश्वर। गांव के बीचोंबीच नकली डीजल बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। अगर कभी आग लग जाती तो बड़ी घटना होने से कोई नहीं बचा सकता था।
गढ़ क्षेत्र में अति व्यस्तम नेशनल हाईवे किनारे बसे गांव अल्लाबख्शपुर की आबादी के बीच नकली डीजल तैयार कर बेचने की जिस फैक्ट्री का रविवार को पुलिस और प्रशासन ने भंडाफोड़ किया, वह पिछले कई सालों से चल रहा रहा था। फैक्ट्री का संचालन आबादी के बीच बने एक मकान में हो रहा था। इसके पास ही वाहन खड़े करने को खाली प्लाट है और डीजल का स्टॉक रखने को गोदाम भी बनाया हुआ है। आसपास में रहने वाले परिवार खतरे से अनभिज्ञ होने के कारण अपनी जिम्मेदारी को लेकर जागरुक नहीं हो पाए। वहीं आपूर्ति महकमे समेत पुलिस इतने लंबे समय तक क्यों खामोश रही या इस गोरखधंधे की भनक ही नहीं लग पाई? यह अब उच्च स्तरीय जांच का विषय है। पुलिस की पकड़ में आए आरोपी की मानें तो इस अवधि के दौरान फैक्ट्री में तैयार होने वाले लाखों लीटर डीजल की गांव समेत हाईवे से होकर आने जाने वाले वाहनों में खपत हो चुकी है। जबकि हजारों लीटर डीजल, मिट्टी का तेल और केमिकल हर समय गोदाम में मौजूद रहता था। एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य का कहना है कि आबादी के बीच चल रही नकली डीजल तैयार करने की फैक्ट्री को लेकर जांच पड़ताल कराई जा रही है, जिसमें कोई भी संलिप्तता सामने आने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। नकली डीजल तैयार करने वाली फैक्ट्री पर छापा मारकर पुलिस ने फैक्ट्री संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान मौके से हजारों लीटर नकली डीजल समेत मिलावट करने के लिए केमिकल व अन्य सामग्री भी बरामद की है।
अवैध रूप से डीजल बनाने की सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस ने रविवार को गढ़ क्षेत्र के गांव अल्लाबख्शपुर में छापामार कार्रवाई की। एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य और डीएसपी संतोष मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की तो वहां नकली डीजल तैयार कर उसकी बिक्री करने वाली फैक्ट्री पकड़ में आई। इस पर पुलिस ने पास में ही बने गोदाम को कब्जे में लेकर तलाशी ली तो उसमें से करीब चार हजार लीटर नकली डीजल समेत मिट्टी का तेल और उसमें मिलाए जाने वाला 60 लीटर केमिकल और 140 ड्रम भी बरामद किए। इनमें से 18 ड्रम डीजल से भरे थे और शेष खाली थे। एसएसआई सुभाष यादव के निर्देशन में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नकली डीजल बनाकर बेचने वाली फैक्ट्री के संचालक हिकमत सलमानी को गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम ने सूचना देकर निरीक्षक अनीता बाली समेत आपूर्ति महकमे की टीम को मौके पर बुला लिया और फैक्ट्री से बरामद डीजल समेत सभी सामान को उनको सुपुर्द कर दिया। डीएसपी संतोष मिश्रा ने बताया कि मौके से गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आपूर्ति निरीक्षक ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज कराया जाना है।
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लोगों की शिकायत पर हरकत में पुलिस-प्रशासन
नकली डीजल के इस्तेमाल से कई महंगी कारों समेत किसानों के ट्रैक्टरों के इंजन खराब हो चुके हैं। इससे पीड़ित लोगों ने आला अफसरों से शिकायत की थीं। इसी को संज्ञान में लेते हुए पुलिस और प्रशासन हरकत में आकर छापामार कार्रवाई की।
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नकली डीजल बेचकर खूब कमाई की
नकली डीजल की फैक्ट्री चलाकर अचानक धनाढ्य बनने वाला हिकमत सलमानी तीन साल पहले तक बाल काटकर अपने परिवार का गुजर बसर करता था। जैसे ही उसने नकली डीजल तैयार कर बेचने का गोरखधंधा चालू किया तो उसी माली हालत बेहतर होती चली गई। ग्रामीणों की मानें तो नकली डीजल का गोरखधंधा करने के बाद हिकमत ने कई बीघा कृषि भूमि खरीदने के साथ ही काफी दौलत इकट्ठा कर ली है। पुलिस की पूछताछ में हिकमत ने बताया कि वह मेरठ के केसरगंज से नकली डीजल लाता था, जिसमें राशन डीलरों से लेकर मिट्टी का तेल मिलाकर रंग बदलने के लिए उसमें केमिकल भी मिलाया जाता था।
गांव के बीचोंबीच कई साल से चल रहा था गोरखधंधा
भूतेश्वर प्रसाद शर्मा
गढ़मुक्तेश्वर। गांव के बीचोंबीच नकली डीजल बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। अगर कभी आग लग जाती तो बड़ी घटना होने से कोई नहीं बचा सकता था।
गढ़ क्षेत्र में अति व्यस्तम नेशनल हाईवे किनारे बसे गांव अल्लाबख्शपुर की आबादी के बीच नकली डीजल तैयार कर बेचने की जिस फैक्ट्री का रविवार को पुलिस और प्रशासन ने भंडाफोड़ किया, वह पिछले कई सालों से चल रहा रहा था। फैक्ट्री का संचालन आबादी के बीच बने एक मकान में हो रहा था। इसके पास ही वाहन खड़े करने को खाली प्लाट है और डीजल का स्टॉक रखने को गोदाम भी बनाया हुआ है। आसपास में रहने वाले परिवार खतरे से अनभिज्ञ होने के कारण अपनी जिम्मेदारी को लेकर जागरुक नहीं हो पाए। वहीं आपूर्ति महकमे समेत पुलिस इतने लंबे समय तक क्यों खामोश रही या इस गोरखधंधे की भनक ही नहीं लग पाई? यह अब उच्च स्तरीय जांच का विषय है। पुलिस की पकड़ में आए आरोपी की मानें तो इस अवधि के दौरान फैक्ट्री में तैयार होने वाले लाखों लीटर डीजल की गांव समेत हाईवे से होकर आने जाने वाले वाहनों में खपत हो चुकी है। जबकि हजारों लीटर डीजल, मिट्टी का तेल और केमिकल हर समय गोदाम में मौजूद रहता था। एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य का कहना है कि आबादी के बीच चल रही नकली डीजल तैयार करने की फैक्ट्री को लेकर जांच पड़ताल कराई जा रही है, जिसमें कोई भी संलिप्तता सामने आने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।