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बहुत हुआ अत्याचार,‘पावर एंजिल’ बनेंगी महिलाओं की मददगार
Updated Mon, 05 Feb 2018 01:24 AM IST
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बहुत हुआ अत्याचार, ‘पावर एंजिल’ बनेंगी महिलाओं की मददगार
गाजियाबाद। किशोरियां, युवतियां और महिलाएं अब छेड़छाड़, शोहदों के अत्याचार नहीं सहेंगी। उनकी मदद ‘पावर एंजिल’ करेंगी। मनचलों पर अंकुश लगाने और डरी-सहमी पीड़िताओं की आवाज उठाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्कूलों-कालेजों में छात्राओं को पावर एंजिल बनाने की मुहिम शुरू की है। यह छात्राएं सीधे महिला हेल्पलाइन और संबंधित थाना प्रभारियों के संपर्क में रहेंगी। पहले चरण में गाजियाबाद में 950 छात्राओं को पावर एंजिल बनाया गया है।
दरअसल, छेड़छाड़ और मनचलों के खिलाफ आवाज उठाने में अधिकांश छात्राएं-महिलाएं डरती हैं। अधिकांश मामलों में पीड़िता थानों में शिकायत तक नहीं करतीं, इसकी वजह से शोहदों के हौसले और बढ़ जाते हैं। अब पुलिस ने पीड़िताओं की मदद के लिए ही छात्राओं को पावर एंजिल बनाकर उनकी मदद के लिए प्रेरित किया है। गाजियाबाद जिले में करीब 180 सीबीएसई स्कूल और तकरीबन 300 इंटर व डिग्री कालेज है। इन सभी में पावर एंजिल बनाई जाएंगी।
हर स्कूल-कालेज में होंगी 20 पावर एंजिल
इस योजना की नोडल अधिकारी व सीओ सिटी मनीषा सिंह ने बताया कि पूरे जिले के स्कूलों में ऐसी छात्राओं का चयन किया जाएगा जो एक्टिव भागीदारी कर सके। प्रत्येक स्कूल-कालेज में 15 से 20 पावर एंजिल बनाई जाएंगी। इसके बाद जो भी पास आउट होकर स्कूल से चली जाएंगी, उनकी जगह पर दूसरी छात्राओं को जिम्मेदारी दी जाएगी।
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क्या होगा पावर एंजिल का काम
स्कूल-कालेज या किसी मोहल्ले में किसी भी महिला के साथ छेड़छाड़ या कोई आपराधिक घटनाएं होती है तो पावर एंजिल उनसे बात करेंगी और शिकायत महिला हेल्पलाइन 1090 पर देंगी। इसके बाद तत्काल उन्हें मदद दी जाएगी। यह पुलिस और पीड़िताओं के बीच सेतु का काम करेंगी और उन्हें न्याय दिलाएंगी।
जिले में करीब 700 से ज्यादा पावर एंजिल बन चुकी हैं, उनका ब्यौरा लखनऊ भेजा गया था। उन्हें आईकार्ड भी जारी किए जा रहे हैं। जल्द ही 300 से ज्यादा अन्य पावर एंजिल के आईकार्ड बनकर आ जाएंगे। सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि पावर एंजिल की कॉल पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाएगी। - हरिनारायण सिंह, एसएसपी
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गाजियाबाद। किशोरियां, युवतियां और महिलाएं अब छेड़छाड़, शोहदों के अत्याचार नहीं सहेंगी। उनकी मदद ‘पावर एंजिल’ करेंगी। मनचलों पर अंकुश लगाने और डरी-सहमी पीड़िताओं की आवाज उठाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्कूलों-कालेजों में छात्राओं को पावर एंजिल बनाने की मुहिम शुरू की है। यह छात्राएं सीधे महिला हेल्पलाइन और संबंधित थाना प्रभारियों के संपर्क में रहेंगी। पहले चरण में गाजियाबाद में 950 छात्राओं को पावर एंजिल बनाया गया है।
दरअसल, छेड़छाड़ और मनचलों के खिलाफ आवाज उठाने में अधिकांश छात्राएं-महिलाएं डरती हैं। अधिकांश मामलों में पीड़िता थानों में शिकायत तक नहीं करतीं, इसकी वजह से शोहदों के हौसले और बढ़ जाते हैं। अब पुलिस ने पीड़िताओं की मदद के लिए ही छात्राओं को पावर एंजिल बनाकर उनकी मदद के लिए प्रेरित किया है। गाजियाबाद जिले में करीब 180 सीबीएसई स्कूल और तकरीबन 300 इंटर व डिग्री कालेज है। इन सभी में पावर एंजिल बनाई जाएंगी।
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हर स्कूल-कालेज में होंगी 20 पावर एंजिल
इस योजना की नोडल अधिकारी व सीओ सिटी मनीषा सिंह ने बताया कि पूरे जिले के स्कूलों में ऐसी छात्राओं का चयन किया जाएगा जो एक्टिव भागीदारी कर सके। प्रत्येक स्कूल-कालेज में 15 से 20 पावर एंजिल बनाई जाएंगी। इसके बाद जो भी पास आउट होकर स्कूल से चली जाएंगी, उनकी जगह पर दूसरी छात्राओं को जिम्मेदारी दी जाएगी।
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क्या होगा पावर एंजिल का काम
स्कूल-कालेज या किसी मोहल्ले में किसी भी महिला के साथ छेड़छाड़ या कोई आपराधिक घटनाएं होती है तो पावर एंजिल उनसे बात करेंगी और शिकायत महिला हेल्पलाइन 1090 पर देंगी। इसके बाद तत्काल उन्हें मदद दी जाएगी। यह पुलिस और पीड़िताओं के बीच सेतु का काम करेंगी और उन्हें न्याय दिलाएंगी।
जिले में करीब 700 से ज्यादा पावर एंजिल बन चुकी हैं, उनका ब्यौरा लखनऊ भेजा गया था। उन्हें आईकार्ड भी जारी किए जा रहे हैं। जल्द ही 300 से ज्यादा अन्य पावर एंजिल के आईकार्ड बनकर आ जाएंगे। सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि पावर एंजिल की कॉल पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाएगी। - हरिनारायण सिंह, एसएसपी