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श्रद्धालु बढ़े, साईं उपवन में आने वाली दान की रकम हुई कम
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श्रद्धालु बढ़े पर साईं उपवन में आने वाली दान की रकम घटी
गाजियाबाद। साईं उपवन स्थित साईं मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या तो बढ़ी लेकिन, दान पात्र में आने वाली रकम लगातार कम हो रही है। साल 2017-18 की अपेक्षा 2018-19 में साईं मंदिर की दान से होने वाली आमदनी करीब 56 हजार रुपये कम हुई है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बावजूद आमदनी कम होने की यह बात निगम महापौर और पार्षदों के भी गले नहीं उतर रही है। निगम अधिकारी अब यहां सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी कराएंगे।
नगर निगम दान से आने वाली रकम को निगम के कार्यों में इस्तेमाल नहीं करता। इस रकम को नंदी पार्क में नंदियों या गोशाला में गायों के चारे पर खर्च कर दिया जाता है। पार्षदों का आरोप है कि साईं मंदिर में तैनात कर्मचारी और मंदिर समिति दान में आने वाली रकम में भी गड़बड़ी कर रही है। इस मंदिर में हर सप्ताह बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा रोजाना मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी कम नहीं है। साल 2017-18 में साईं मंदिर में चंदे की रकम 3.33 लाख रुपये आई थी, वहीं 2018-19 में यह रकम घटकर 2.77 लाख रह गई। पार्षदों का कहना है कि अगर एक सप्ताह में 10 हजार रुपये भी चंदे में मिलते हैं तो करीब 4.80 लाख रुपये आमदनी होनी चाहिए। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं के बढ़ने के बावजूद आमदनी कम होने की बात हजम नहीं हो रही है।
ऐसे होता है खेल
पार्षदों का कहना है कि मंदिर में काम करने वाली समिति नगर निगम की ओर से रखे गए दान पात्र के पास दूसरा दान पात्र रखवा देती है। कुछ श्रद्धालु उस दान पात्र में भी दान की रकम डाल देते हैं। यह रकम समिति अपने पास रख लेती है। नगर निगम को पूरा हिसाब नहीं दिया जाता। नगर निगम के दान पात्र मे आने वाली रकम ही निगम के खाते में पहुंचती है।
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सीसीटीवी लगाकर होगी निगरानी
नगर आयुक्त दिनेश चंद्र का कहना है कि पार्षदों की मांग पर साईं मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे न केवल दान पात्र पर निगरानी की जाएगी, बल्कि आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी बढ़ेगी। जल्द ही यहां कैमरे लगाने का काम शुरू कराया जाएगा।
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गाजियाबाद। साईं उपवन स्थित साईं मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या तो बढ़ी लेकिन, दान पात्र में आने वाली रकम लगातार कम हो रही है। साल 2017-18 की अपेक्षा 2018-19 में साईं मंदिर की दान से होने वाली आमदनी करीब 56 हजार रुपये कम हुई है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बावजूद आमदनी कम होने की यह बात निगम महापौर और पार्षदों के भी गले नहीं उतर रही है। निगम अधिकारी अब यहां सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी कराएंगे।
नगर निगम दान से आने वाली रकम को निगम के कार्यों में इस्तेमाल नहीं करता। इस रकम को नंदी पार्क में नंदियों या गोशाला में गायों के चारे पर खर्च कर दिया जाता है। पार्षदों का आरोप है कि साईं मंदिर में तैनात कर्मचारी और मंदिर समिति दान में आने वाली रकम में भी गड़बड़ी कर रही है। इस मंदिर में हर सप्ताह बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा रोजाना मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी कम नहीं है। साल 2017-18 में साईं मंदिर में चंदे की रकम 3.33 लाख रुपये आई थी, वहीं 2018-19 में यह रकम घटकर 2.77 लाख रह गई। पार्षदों का कहना है कि अगर एक सप्ताह में 10 हजार रुपये भी चंदे में मिलते हैं तो करीब 4.80 लाख रुपये आमदनी होनी चाहिए। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं के बढ़ने के बावजूद आमदनी कम होने की बात हजम नहीं हो रही है।
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ऐसे होता है खेल
पार्षदों का कहना है कि मंदिर में काम करने वाली समिति नगर निगम की ओर से रखे गए दान पात्र के पास दूसरा दान पात्र रखवा देती है। कुछ श्रद्धालु उस दान पात्र में भी दान की रकम डाल देते हैं। यह रकम समिति अपने पास रख लेती है। नगर निगम को पूरा हिसाब नहीं दिया जाता। नगर निगम के दान पात्र मे आने वाली रकम ही निगम के खाते में पहुंचती है।
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सीसीटीवी लगाकर होगी निगरानी
नगर आयुक्त दिनेश चंद्र का कहना है कि पार्षदों की मांग पर साईं मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे न केवल दान पात्र पर निगरानी की जाएगी, बल्कि आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी बढ़ेगी। जल्द ही यहां कैमरे लगाने का काम शुरू कराया जाएगा।