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भाजपा में ऑडियो वायरल पर तेज हुई सियासत

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2019 12:59 AM IST
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भाजपा में ऑडियो वायरल पर तेज हुई सियासत
भाजपा में ऑडियो वायरल पर तेज हुई सियासत
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गाजियाबाद। भाजपा महानगर इकाई में चल रही खींचतान एक बार फिर से सार्वजनिक हो चली है। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी जनरल वीके सिंह को हराने संबंधी पार्टी कार्यकर्ता कुलदीप शर्मा का वीडियो वायरल होने के बाद घमासान मचा है। रविवार को कुलदीप शर्मा से जुड़ा दूसरा वीडियो वायरल हुआ है, जिसके जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल कार्यकर्ता महानगर अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी से जुड़ा है। उधर, महानगर अध्यक्ष ने सफाई दी है कि वह सिर्फ सदस्य के नाते वह चार-छह बार मिला है। अगर कोई भी पार्टी के विरोध में काम कर रहा है तो उसको चुनाव के बाद बाहर करने का काम संगठन करेगा।

दूसरे ऑडियो में कुलदीप किसी व्यक्ति से कह रहा है कि वो महानगर अध्यक्ष को अपनी ही गाड़ी में लेकर गया। सामने वाला व्यक्ति भी कहता है कि तुमने अच्छे आदमी का सही समय पर हाथ पकड़ लिया है, जिस पर वह कहता है कि हां सही व्यक्ति को पकड़ लो तो फिर ज्यादा दिक्कत नहीं होती। उधर, पहले ऑडियो को लेकर कुलदीप ने सफाई दी है कि नगर निगम में मनोनीत पार्षद बनाने के लिए सांसद प्रतिनिधि संजीव शर्मा व पूर्व महानगर अध्यक्ष युवा मोर्चा ने सुविधा शुल्क की मांग की थी। मेरी तरफ से जब पैसा नहीं दिया गया तो प्रकाश जोशी को मोहरा बनाकर मेरी बात कराई गई और फिर यह रिकार्डिंग संजीव शर्मा को दी गई। उसके बाद सांसद प्रतिनिधि ने सारे ग्रुपों में रिकार्डिंग वायरल कर मेरी छवि को धूमिल कर दिया। कुलदीप का कहना है कि रिकार्डिंग उस वक्त की है जब अमरपाल शर्मा को टिकट मिलने की बात चल रही है। ऑडियो में वीके सिंह के विरोध में वोट देने की बात कही जा रही है। उधर, सारा मामला ऊपर तक पहुंच चुका है, ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि चुनाव होने के बाद बड़े फैसले पार्टी की तरफ से लिए जा सकते हैं।
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लिखित में सफाई देकर नया विवाद खड़ा
लेटरपैड पर लिखित में सफाई देकर कुलदीप ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। लेटरपैड पर उसने अपने आप को महानगर सहसंयोजक बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ बताया है, जबकि वास्तव में यह पद ललित शर्मा के पास है। इस पर महानगर अध्यक्ष का कहना है कि वो सिर्फ एक कार्यकर्ता है जो चार-छह महीने पहले बसपा से भाजपा में आया है। उसे कोई लेटरपैड जारी ही नहीं हुआ है। इसलिए मामले की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
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- मेरे ऊपर लगाए जा रहे सारे आरोप निराधार हैं। पार्षद मनोनीत करने में मेरा कहीं से कोई लेना देना नहीं है और जिस व्यक्ति के साथ मिलकर साजिश करने का आरोप लगाया जा रहा है उसको लेकर पूरी पार्टी जानती है कि मेरे संबंध उसके साथ कैसे हैं। इसलिए सिर्फ अपनी गलती को छिपाने के लिए मेरे ऊपर आरोप लगाए जा रहे हैं। - संजीव शर्मा , सांसद प्रतिनिधि

- मैं किसी कुलदीप शर्मा नाम के व्यक्ति को नहीं जानता हूं। दूसरे सांसद प्रतिनिधि से मेरा किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत या राजनीतिक सरोकार नहीं है। इसलिए मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। - अजय त्यागी - पूर्व महानगर अध्यक्ष (युवा)

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