{"_id":"5a7c8ede4f1c1b641f8b49e7","slug":"151518112478-ghaziabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"थैलेसीमिया मरीजों के बनने लगे दिव्यांग प्रमाणपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थैलेसीमिया मरीजों के बनने लगे दिव्यांग प्रमाणपत्र
Updated Thu, 08 Feb 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थैलेसीमिया मरीजों के बनने लगे दिव्यांग प्रमाणपत्र
बुलंदशहर। शासन द्वारा थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया समेत 14 बीमारियों से पीड़ित मरीजों को दिव्यांग का दर्जा दिए जाने पर जिला अस्पताल से इसकी शुभारंभ किया गया। शासन ने दिव्यांग अधिकार अधिनियम के तहत दिव्यांगता की संख्या सात से बढ़ाकर 21 करने के साथ दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। इसके चलते अब इन्हें शिक्षा, नौकरी, दिव्यांग पेंशन एवं किराए में छूट समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए आयोजित कैंप में इसका शुभारंभ किया गया। थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित जिले की पहली पीड़ित शिवानी ने अपनी चिकित्सीय जांच कराई। इस दौरान कुल 14 मरीजों को प्रमाणपत्र जारी किए गए। ब्यूरो
विज्ञापन
बुलंदशहर। शासन द्वारा थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया समेत 14 बीमारियों से पीड़ित मरीजों को दिव्यांग का दर्जा दिए जाने पर जिला अस्पताल से इसकी शुभारंभ किया गया। शासन ने दिव्यांग अधिकार अधिनियम के तहत दिव्यांगता की संख्या सात से बढ़ाकर 21 करने के साथ दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। इसके चलते अब इन्हें शिक्षा, नौकरी, दिव्यांग पेंशन एवं किराए में छूट समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए आयोजित कैंप में इसका शुभारंभ किया गया। थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित जिले की पहली पीड़ित शिवानी ने अपनी चिकित्सीय जांच कराई। इस दौरान कुल 14 मरीजों को प्रमाणपत्र जारी किए गए। ब्यूरो