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हैंडपंपों के सूखे हलक, गर्मी में कैसे बुझेगी प्यास

Thu, 05 Apr 2018 10:16 PM IST
Updated Thu, 05 Apr 2018 10:16 PM IST
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हैंडपंपों के सूखे हलक, गर्मी में कैसे बुझेगी प्यास
हैंडपंपों के सूखे हलक, गर्मी में कैसे बुझेगी प्यास
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- करोड़ों खर्च करने के बाद जिले भर में 3000 से अधिक हैंडपंप हैं खराब
- सरकारी मशीनरी के हैंडपंप ठीक कराने के दावे हवा-हवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गर्मी शुरू होते ही पानी के लिए लोग भटकने लगे हैं। सरकारी मशीनरी के हैंडपंप ठीक करवाने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। जिले भर में करोेड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी तीन हजार से अधिक हैंडपंप खराब हैं। चिंता का विषय यह है कि हैंडपंपों के हलक सूखे होने के कारण आम लोगों के साथ-साथ राहगीरों की प्यास कैसे बुझेगी। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी हैंडपंप सही करवाने और पानी की टंकी शुरू करवाने के दावे कर रहे हैं। गर्मी का मौसम शुरू होते ही प्यास बुझाने को पानी की जरूरत होती है। जिले में 32 हजार से अधिक हैंडपंप और 25 पानी की टंकी हैं। करीब आठ टंकियों का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। इनमें से तीन हजार से अधिक हैंडपंप और करीब छह टंकी खराब हैं। जबकि अफसर दावा कर रहे हैं कि हैंडपंप सही करवा दिए और पानी की टंकी शुरू करवाने के लिए जल निगम को आदेश जारी कर दिए हैं। अब ऐसे में आमजन के साथ राहगीरों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। अफसरों के इस दावे का पता लगाने के लिए जिले भर से अमर उजाला की टीम ने सच्चाई पता लगाने का प्रयास किया, तो सिर्फ बुलंदशहर सदर क्षेत्र में ही 300 से अधिक हैंडपंप खराब मिले।
डिबाई में 100 से अधिक हैंडपंप खराब
डिबाई। क्षेत्र में 100 से अधिक हैंडपंप खराब हैं। इनमें से 23 हैंडपंप हाईवे पर दो किलोमीटर के दायरे में शामिल हैं, जो हाईवे निर्माण के दौरान हटा दिए गए हैं। अब इनका रिबोर होगा और उसके बाद ही चलेंगे। नगर पालिका परिषद जल कर के जेई हिमांशु कुमार ने बताया कि इसके लिए एनएच से आठ लाख रुपये की धनराशि पालिका के खाते में आ चुकी है। उधर, ईओ शमशेर सिंह ने बताया कि कस्बे में खराब पड़े सात हैंडपंपों को ठीक कराया जा रहा है। उधर, ईओ शमशेर सिंह ने मंगलवार को पदभार ग्रहण करने के उपरांत अधीनस्थों के साथ बैठक कर कस्बे में खराब पड़े सात हैंडपंपों को शीघ्र ठीक कराने के आदेश दिए है।
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250 से अधिक हैंडपंप खराब
दानपुर/बुगरासी/बीबीनगर/अनूपशहर/गुलावठी। क्षेत्र में 80 से अधिक हैंडपंप खराब हैं। इनमें बीआरसी कार्यालय के निकट प्राइमरी स्कूल नं. एक के परिसर में लगा हैंड पंप कई माह से खराब पड़ा है। उधर, धोबी मौहल्ला, इमामबाड़ा में सहित छह हैंडपंप कई माह से खराब पड़े हैं। एबीआरसी डॉ. गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जल निगम को हैंडपंप ठीक कराने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। बुगरासी क्षेत्र में भी 75 हैंडपंप खराब हैं। बीबीनगर क्षेत्र में 50 से अधिक हैंडपंप खराब हैं। गुलावठी क्षेत्र में 45 से अधिक हैंडपंप खराब हैं और अनाज मंडी में पांच हैंडपंप काफी समय खराब पड़े हुए हैं।
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380 से अधिक हैंडपंप नहीं उगल रहे पानी
सिकंदराबाद/खुर्जा। लोगों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराने की मंशा से लगाए गए ज्यादातर हैंडपंप खराब स्थिति में है। सिकंदराबाद क्षेत्र में 140 से अधिक हैंडपंप खराब हैं, इनमें चार दर्जन से अधिक हैंडपंप पालिका क्षेत्र में हैं। ईओ सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि 23 हैंडपंप के रीबोर का प्रस्ताव शासन व जल निगम को भेजा गया। शिकायत मिलने पर खराब पड़े हैंडपंप को ठीक कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगे करीब 40 प्रतिशत हैंडपंप चालू हालत में नहीं है। वहीं, दूसरी ओर खुर्जा क्षेत्र में भी 160 से अधिक हैंडपंप खराब हैं और इनमें सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्र और सड़क किनारे वाले हैंडपंप हैं। अरनिया क्षेत्र में भी 80 से अधिक नल खराब बताए जा रहे हैं।
700 से अधिक हैंडपंप पड़े हैं खराब
शिकारपुर/खानपुर/पहासू/जहांगीराबाद/छतारी/अहार। शिकारपुर, खानपुर, पहासू, जहांगीराबाद, अहार और छतारी क्षेत्र में भी 700 से अधिक हैंडपंप खराब बताए जा रहे हैं। छतारी क्षेत्र में भी 55 से अधिक हैंडपंप खराब हैं और गांव किशनपुर व सिद्धपुर के हैंडपंप ठीक नहीं होने से ग्रामीणाें को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। शिकारपुर क्षेत्र में 90, जहांगीराबाद में 110, पहासू में 120, खानपुर में 80 और खानपुर में 85 और अहार में 65 से अधिक हैंडपंप खराब हैं।
डीपीआरओ बोले, जिले 1181 हैंडपंप कराए गए ठीक
जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह का दावा है कि जिले के गांवों में 1181 हैंडपंप सही हो गए है। उनका कहना है कि जिले में 32 हजार हैंडपंप हैं और इनमें से खराब पड़े 1181 हैंडपंप सही करवा दिए हैं। इसके साथ ही करीब 300 हैंडपंप का रिबोर कराया गया है, ताकि लोगाें को पानी के लिए भटकना न पड़े, जबकि सच्चाई यह है कि अभी भी जिले में सैकड़ों हैंडपंप खराब हैं।
तैयार हुई टंकी चालू कराने के दिए निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी जसजीत कौर का कहना है कि उन्होंने जल निगम को आदेश दिए हैं कि आठ पानी की टंकी बनकर तैयार हो गई हैं। उन्हें शुरू करवाकर लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जाए।

जिले में पशु-पक्षियों के लिए पानी से भरवाए वाटर हॉल
डीएफओ बीके जैन ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉकों में वन विभाग के 20 वाटर हॉल हैं और उनमें पानी भरवा दिया है, ताकि पशु-पक्षियाें को भटकना नहीं पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि वाटर हाल में पानी का पता लगाने के लिए भी संबंधित क्षेत्र के वन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
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