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200 से अधिक बिल्डरों और आरडब्ल्यूए को नोटिस
Updated Thu, 06 Jul 2017 05:11 PM IST
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200 से अधिक बिल्डरों और आरडब्ल्यूए को नोटिस
बिल्डर और आरडब्ल्यूए को मनमानी दरों से फ्लैट मालिकों से बिजली बिल वसूलना भारी पड़ सकता है। पावर कारपोरेशन ने 200 से अधिक बिल्डरों और आरडब्ल्यूए को नोटिस जारी कर उपभोक्ता से वसूले जा रहे बिजली बिल की दरों का जानकारी मांगी है।
आरडब्ल्यूए और बिल्डरों को इस नोटिस का जवाब 15 दिन के अंदर देना है। जवाब नहीं देने पर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत धारा 142 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
पावर कारपोरेशन ने टीएचए की कालोनियों में बनी सोसायटियों में लोड के हिसाब से एकमुश्त कनेक्शन दिया है। इस एक कनेक्शन का बिल ही पावर करपोरशन वसूलता है।
सोसायटी के कुल लोड के एकमुश्त कनेक्शन से आरडब्ल्यूए और बिल्डर फ्लैट मालिकों को सब मीटर के जरिए बिजली देते हैं। यहीं पर सारा खेल हो रहा है। पावर करपोरेशन को शिकायत मिली है कि बिल्डर और आरडब्ल्यूए नियमों को ताक पर रखकर मनमानी दर से प्रति फ्लैट बिल वसूल रहे हैं।
नियमानुसार आरडब्ल्यूए और बिल्डर सोसायटी के कुल बिल का महज पांच प्रतिशत ही अतिरिक्त चार्ज ले सकते हैं। अधीक्षण अभियंता एमसी शर्मा ने बताया कि 200 से अधिक बिल्डरों और आरडब्ल्यूए को नोटिस जारी किए गए हैं। 15 दिन में जवाब नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अधिशासी अभियंता सोनू रस्तोगी ने बताया कि आरडब्ल्यूए और बिल्डर को हर छमाही में रेजिडेंट से वसूल की गई बिजली बिलों की धनराशि एवं पावर कारपोरेशन को भुगतान की गई धनराशि का विवरण देना होता है।
आरडब्ल्यूए और बिल्डरों की ओर से ऐसा नहीं किया गया है। इसके साथ ही डीम्ड फ्रेंचाइजी होने के नाते बिल्डर और आरडब्ल्यूए को अपने खातों को चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा ऑडिट भी कराना होता है। वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के तीन माह के भीतर ऑडिट कराए गए अभिलेख उपभोक्ता को उपलब्ध कराए जाने चाहिए थे, जो नहीं किया गया है।
पावर कारपोरेशन द्वारा जारी नोटिस में नियमों के उल्लंघन की जानकारी दी गई है। बिजली कनेक्शन घरेलू उपयोग के लिए दिया गया है, लेकिन इस कनेक्शन का इस्तेमाल कामर्शियल में भी किया जा रहा है।
इसके साथ ही आरडब्ल्यूए और बिल्डर अन्य किसी मद में बकाया होने पर उपभोक्ता का विद्युत संयोजन नहीं काट सकते हैं, जिसका उल्लंघन किया जा रहा है।
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बिल्डर और आरडब्ल्यूए को मनमानी दरों से फ्लैट मालिकों से बिजली बिल वसूलना भारी पड़ सकता है। पावर कारपोरेशन ने 200 से अधिक बिल्डरों और आरडब्ल्यूए को नोटिस जारी कर उपभोक्ता से वसूले जा रहे बिजली बिल की दरों का जानकारी मांगी है।
आरडब्ल्यूए और बिल्डरों को इस नोटिस का जवाब 15 दिन के अंदर देना है। जवाब नहीं देने पर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत धारा 142 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
पावर कारपोरेशन ने टीएचए की कालोनियों में बनी सोसायटियों में लोड के हिसाब से एकमुश्त कनेक्शन दिया है। इस एक कनेक्शन का बिल ही पावर करपोरशन वसूलता है।
सोसायटी के कुल लोड के एकमुश्त कनेक्शन से आरडब्ल्यूए और बिल्डर फ्लैट मालिकों को सब मीटर के जरिए बिजली देते हैं। यहीं पर सारा खेल हो रहा है। पावर करपोरेशन को शिकायत मिली है कि बिल्डर और आरडब्ल्यूए नियमों को ताक पर रखकर मनमानी दर से प्रति फ्लैट बिल वसूल रहे हैं।
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नियमानुसार आरडब्ल्यूए और बिल्डर सोसायटी के कुल बिल का महज पांच प्रतिशत ही अतिरिक्त चार्ज ले सकते हैं। अधीक्षण अभियंता एमसी शर्मा ने बताया कि 200 से अधिक बिल्डरों और आरडब्ल्यूए को नोटिस जारी किए गए हैं। 15 दिन में जवाब नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अधिशासी अभियंता सोनू रस्तोगी ने बताया कि आरडब्ल्यूए और बिल्डर को हर छमाही में रेजिडेंट से वसूल की गई बिजली बिलों की धनराशि एवं पावर कारपोरेशन को भुगतान की गई धनराशि का विवरण देना होता है।
आरडब्ल्यूए और बिल्डरों की ओर से ऐसा नहीं किया गया है। इसके साथ ही डीम्ड फ्रेंचाइजी होने के नाते बिल्डर और आरडब्ल्यूए को अपने खातों को चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा ऑडिट भी कराना होता है। वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के तीन माह के भीतर ऑडिट कराए गए अभिलेख उपभोक्ता को उपलब्ध कराए जाने चाहिए थे, जो नहीं किया गया है।
पावर कारपोरेशन द्वारा जारी नोटिस में नियमों के उल्लंघन की जानकारी दी गई है। बिजली कनेक्शन घरेलू उपयोग के लिए दिया गया है, लेकिन इस कनेक्शन का इस्तेमाल कामर्शियल में भी किया जा रहा है।
इसके साथ ही आरडब्ल्यूए और बिल्डर अन्य किसी मद में बकाया होने पर उपभोक्ता का विद्युत संयोजन नहीं काट सकते हैं, जिसका उल्लंघन किया जा रहा है।