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आयुर्वेद से जुड़ेंगे परिषदीय विद्यालय-Cordination

Mon, 19 Jun 2017 01:04 AM IST
Updated Mon, 19 Jun 2017 01:04 AM IST
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आयुर्वेद से जुड़ेंगे परिषदीय विद्यालय-Cordination
आयुर्वेद को जानेंगे अब स्कूली बच्चे
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परिषदीय विद्यालयों के बच्चे अब बचपन से ही आयुर्वेद से जुड़ेंगे। विद्यालय प्रांगण की क्यारियों में पुदीना, हल्दी और तुलसी जैसे पौधे लगाए जाएंगे। आयुर्वेद से जोड़ने के लिए अब बच्चों को इसकी शिक्षा दी जाएगी।

बीएसए लालजी यादव ने बताया कि आयुर्वेद के प्रति बचपन से ही बच्चों को सजग करने के लिए आयुष विभाग नए सत्र में कुछ स्कूलों को गोद लेगा। आयुष विभाग द्वारा स्कूलों को गोद लेने का उद्देश्य बच्चों को आयुर्वेद से इलाज के प्रति जागरूक करना है। जागरुकता के साथ ही आयुर्वेदिक उपचार प्रक्रिया से भी बच्चों को अवगत कराया जाएगा।
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बीएसए ने बताया कि जुलाई से स्कूल खुलने के साथ ही सप्ताह में एक दिन आयुर्वेद विषय की कक्षा लगाई जाएगी। वन विभाग के माध्यम से आयुर्वेदिक पौधे स्कूलों को उपलब्ध कराए जाएंगे। स्कूलों की क्यारियों में पौधरोपण के साथ ही बच्चों को उसकी जिम्मेदारी दी जाएगी,
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ताकि वे उन पौधों के साथ भावनात्मक तौर पर जुड़ सकें। प्रत्येक पौधे के साथ क्यारी में उसकी उपयोगिता और आयुर्वेद उपचार में महत्व भी लिखकर क्यारी में लगाया जाएगा। सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार को आयुष विभाग के स्टाफ गोद लिए स्कूल में जाएंगे और बच्चों को खेल-खेल में आयुर्वेद उपचार की जानकारी देंगी।


हालांकि इसकी कोई परीक्षा नहीं होगी और न ही यह पाठ्यक्रम में शामिल होगा, लेकिन प्रोजेक्ट के तौर पर बच्चों को इस पर काम करना होगा। कक्षा छह से आठ तक के बच्चों से विभिन्न प्रोजेक्ट भी बनवाए जाएंगे।
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