फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Ghaziabad's daughter kamakshi created history in cyber world

साइबर दुनिया में गाजियाबाद की बेटी ने रचा इतिहास, कामाक्षी का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में

Sun, 25 Oct 2020 06:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 25 Oct 2020 06:44 AM IST
सार

  • इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के बाद अब एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में कामाक्षी शर्मा ने दर्ज कराया नाम 
  • कामाक्षी ने साइबर क्राइम की रोकथाम पर जागरुकता के लिए एशिया में चलाया सबसे लंबा ट्रेनिंग प्रोग्राम 

विज्ञापन
Ghaziabad's daughter kamakshi created history in cyber world
कामाक्षी शर्मा - फोटो : amar ujala

विस्तार

गाजियाबाद की बेटी कामाक्षी शर्मा ने साइबर दुनिया में इतिहास रचा है। कामाक्षी ने साइबर क्राइम की रोकथाम पर जागरुकता के लिए एशिया में सबसे लंबा ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाकर अपना नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया। इससे पूर्व वह इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह बना चुकी हैं। सबसे कम उम्र (23 साल 11 माह 29 दिन) में साइबर क्राइम के खिलाफ सबसे लंबा अभियान चलाने वाली कामाक्षी शर्मा का कहना है कि साइबर अपराध से लड़ने के लिए दुनिया के सभी देशों को एक प्लेटफार्म पर आना चाहिए। इस अपराध का दायरा अब एक देश तक सीमित नहीं रहा। भारत के लोगों के साथ विदेशों में भी साइबर ठगी या अन्य अपराध हो रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि सभी देश की सुरक्षा एजेंसियां एक संयुक्त मंच तैयार करें।

विज्ञापन


पंचवटी कॉलोनी में रहने वाली कामाक्षी ने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पुलिसकर्मियों को ट्रेंड करने के लिए चलाए गए अपने अनूठे व मुश्किल अभियान को पूरा कर एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया। उन्हें यह मुकाम हाल ही में हासिल हुआ है यानी इतनी छोटी उम्र में एशिया में साइबर क्राइम को लेकर ऐसा अभियान चलाने वाली वह पहली युवती हैं। कामाक्षी का कहना है कि एशिया के 49 देशों में साइबर क्राइम पर सबसे ज्यादा काम भारत में हुआ है। अपना देश इस क्षेत्र में अच्छा काम कर रहा है। उनका कहना है कि भारत के लोगों के साथ विदेशों में होने वाली साइबर ठगी पर काम कर पाना फिलहाल मुश्किल हो जाता है। अन्य देशों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इस पर काम करना चाहिए। 
विज्ञापन

 
साधारण परिवार में पली बढ़ी, अब दुनिया में कमाया नाम 
कामाक्षी के पिता रघु शर्मा दिल्ली की कंपनी में सुपरवाइजर हैं और मां गृहणी हैं। उनकी 12वीं तक की पढ़ाई गाजियाबाद में ही हुई है। इसके बाद उन्होंने गढ़वाल विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई पूरी की और साइबर क्राइम के क्षेत्र में काम करने लगीं। कामाक्षी ने बताया कि वह श्रीलंका और दुबई में भी सुरक्षा एजेंसियों के साथ इंवेस्टिगेशन में काम कर चुकी हैं। उन्हें श्रीलंका समेत कई देशों में इंवेस्टिगेशन और ट्रेनिंग क्षेत्र में काम करने के लिए बुलाया जा रहा है। जल्द ही वह विदेशों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी काम करती नजर आएंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
प्राइवेट कंपनियों के ऑफर छोड़े 
कामाक्षी ने बताया कि कई प्राइवेट कंपनियों की ओर से जॉब ऑफर की जा चुकी है। एथिकल हैकर के रूप में उन्हें बेहतर सैलरी पैकेज पर बुलाया गया था लेकिन उन्होंने यह ऑफर ठुकरा दिए। कामाक्षी का कहना है कि वह साइबर क्षेत्र में पुलिस और देश की सेना के लिए काम करना चाहती हैं, प्राइवेट कंपनियों के लिए नहीं। 

 
अमर उजाला से जुड़ी रहीं हैं कामाक्षी 
कामाक्षी साइबर एक्सपर्ट के तौर पर देश और विदेशों में पहचान बना चुकी हैं। करीब ढाई साल पूर्व कामाक्षी शर्मा ने अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘पुलिस की पाठशाला’ में हिस्सा लेकर राजनगर एक्सटेंशन के एक नामचीन स्कूल के छात्रों-छात्राओं को साइबर क्राइम से बचने की जानकारी दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed