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गाजियाबाद: सांसदों के आवास पर दस्तक देंगे किसान, पहले चरण में देंगे ज्ञापन, दूसरे चरण में करेंगे आवास का घेराव
Thu, 24 Dec 2020 10:15 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 24 Dec 2020 10:15 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार को किसान अपने क्षेत्र के सांसदों और मंत्रियों के आवास पर दस्तक देंगे और उनसे इन कानूनों की वापसी को लेकर समर्थन मांगेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आंदोलन की अगवाई कर रहे किसान संगठनों ने अपनी सभी इकाइयों को निर्देश दिया है कि वो शुक्रवार को अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों-मंत्रियों को ज्ञापन सौंपें और समर्थन मांगे। इस क्रम में पहले ज्ञापन दिया जाएगा। उसके बाद दूसरे चरण में सांसदों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के आवास का घेराव किया जाएगा।
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गाजियाबाद में सांसद जनरल वीके सिंह के राजनगर स्थित आवास और राज्यसभा सदस्य डॉ. अनिल अग्रवाल के कवि नगर स्थित आवास पर किसानों का एक दल पहुंचेगा। उधर, किसानों के रुख को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सांसद व मंत्रियों को आवासों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन कर रहे किसानों ने अब स्थानीय स्तर पर सरकार से जुड़े प्रतिनिधियों को घेरने की रणनीति तैयार की है। भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया है। इसके तहत पहले चरण में किसान अपने क्षेत्र के सांसदों व मंत्रियों से जाकर मिलेंगे। उन्हें बताएंगे कि कानून किस तरह से किसानों के लिए नुकसानदायक है।
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सांसदों से अपील करेंगे कि कानून के विरोध में किसानों के साथ खड़े हों और सरकार को कानून वापस लेने के लिए कहें। किसानों का प्रतिनिधिमंडल सभी पार्टियों से जुड़े सांसदों से मिलकर उन्हें ज्ञापन देगा। सभी जिला इकाइयों को ये जिम्मेदारी दी गई है। धर्मेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि शुक्रवार को ज्ञापन देने का काम बेहद शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। एक प्रतिनिधिमंडल जाकर मिलेगा और अपनी बात रखकर समर्थन देने की मांग करेगा।
आज पांच से सात हजार किसान पहुंचेंगे यूपी गेट
आंदोलन के बीच शुक्रवार को गाजीपुर धरनास्थल पर पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से पांच से सात हजार किसानों के पहुंचने की संभावना है। बताया जा रहा है कि बिलासपुर, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, मेरठ और मुजफ्फरनगर से बड़ी संख्या में किसान कूच करने की तैयारी में हैं। इसको देखते हुए यूपी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई जा रही है।
अब अन्य बॉर्डर पर भी मोर्चाबंदी की तैयारी
आंदोलन को तेज करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली को जोड़ने वाले अन्य बॉर्डर पर भी किसानों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। पलवल व जयपुर बॉर्डर पर सबसे पहले किसानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि दिल्ली के अधिकांश बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। दिल्ली को घेरकर ही सरकार को गोला लाठी दी जाएगी। पहली बार दिल्ली चारों तरफ से बांध ली है। पलवल बॉर्डर पर भी बड़ी संख्या में किसान जुटे हैं, जिन्होंने रास्ता जाम कर दिया है। इसलिए इस बार किसान वापस नहीं जाने वाला है। सरकार को किसानों की बात माननी ही पड़ेगी। धीरे-धीरे किसानों की संख्या बढ़ रही है जो आने वाले दिनों में और बढ़ेगी।