पैरिस में हुए हमले से थर्राया नोएडा, परिजनों को हो रही चिंता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-41 के रहने वाले श्वेतांग पिछले कुछ सालों से पैरिस में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। वह पैरिस की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं।
जिस समय आतंकवादियों ने हमला किया था। वह अपने परिवार के साथ घुमने गए हुए थे। हमले की सूचना से लोगों में भगदड़ मच गई। जिस पर वह अपने परिवार को लेकर सकुशल घर पहुंचे।
नोएडा सेक्टर-41 में रहने वाले उनके परिजन इस हादसे से घबरा गए थे। फोन पर बात होने के बाद ही यहां रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली।
श्वेतांग से फोन पर हुई बातचीत
मैं पैरिस की एक एमएनसी में पिछले तीन साल से काम कर रहा हूं। जो बिल्डिंग मैटीरियल का काम करती है। शुक्रवार को मैं अपना काम खत्म करके परिवार वालों के साथ शाम को घुमने के लिए गया हुआ था।
देरशाम कार से घर लौटने पर सूचना मिली कि आतंकवादियों ने रिपब्लिका एरिया में फायरिंग की है। जिसमें सैकडों लोगों की मौत हो गई। यह सुनकर मैं किसी तरह से परिवार को लेकर घर पहुंचा।
जिसके बाद नोएडा सेक्टर-41 में रहने वाले मेरे पिता ने फोन करके मेरा और मेरे परिवार का हालचाल लिया। इसके बाद लगातार फोन पर फोन आने लगे।
आतंकवादियों ने इस जगह को अपना पहला निशाना बनाया
दरअसल, रिपब्लिका पैरिस की मानी-जानी जगहों में से एक है। शाम के समय लोगों की अधिक भीड़ यहां घुमने के लिए आती है। ऐसे में इन आतंकवादियों ने इस जगह को अपना पहला निशाना बनाया।
मैं और मेरा परिवार तो सलामत है। लेकिन सैकड़ों लोगों की मौत होने से यहां के लोगों में दहशत पैदा हो गई है। वहीं यहां के कई घरों में माहतम का माहौल छाया हुआ है।
पुलिस प्रशासन के साथ-साथ भारी मात्रा में मिलेट्री भी यहां तैनात की गई है। हालांकि आतंकवादियों को मार गिराया गया है।परिवार वालों को इस समय घर से बाहर लेकर जाना खतरनाक साबित हो सकता है। इस गर्मा गर्मी के माहौल में परिवार वालों का घर पर रहना ही ठीक है।
सेक्टर-41 में रहने वाले श्वेतांग के पिता गोकुल प्रसाद ने बताया कि शुक्रवार को पैरिस में हुए हमले की वजह से हम घबरा गए थे। जिसके तुरंत बाद मैने अपने बेटे को फोन करके उसका हालचाल लिया। इस दिन से लेकर मन में घबराहट पैदा हो गई है। जिसके चलते हम परिवार वाले श्वेतांग से सुबह-शाम फोन पर बातचीत करके उसके और उसके परिवार का हालचाल लेते रहते हैं।