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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Gautam Buddha Nagar to become a hub for bus operations; direct connectivity to several states

Delhi NCR News: बस संचालन के लिए गौतमबुद्ध नगर बनेगा हब, कई राज्यों तक होगी सीधी पहुंच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 06:51 PM IST
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ग्रेटर नोएडा के बोडाकी में 412.7 एकड़ में मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब और यमुना सिटी के सेक्टर-23सी में बनेगा आईएसबीटी
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मोरना-कासना की सीमित क्षमता के चलते बढ़ेगी परिवहन क्षमता

अतुल भारद्वाज
ग्रेटर नोएडा।गौतमबुद्ध नगर आने वाले समय में बस संचालन का बड़ा हब बनने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के बोडाकी में आनंद विहार की तर्ज पर मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जाएगा, जबकि यमुना सिटी के सेक्टर-23सी में अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोनों केंद्रों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, बिहार और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के लिए सीधी बस सेवाएं संचालित की जा सकेंगी।
नोएडा के मोरना और ग्रेटर नोएडा के कासना बस डिपो की मौजूदा क्षमता सीमित होने के कारण नए परिवहन केंद्रों की जरूरत महसूस की जा रही है। क्षेत्र में तेजी से बढ़ते आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक विकास के साथ सार्वजनिक परिवहन की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में नए बस टर्मिनल विकसित होने से यात्रियों को दूसरे राज्यों और जिलों के लिए अधिक विकल्प मिल सकेंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की योजना के अनुसार बोडाकी के पास करीब 412.7 एकड़ जमीन पर मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जाना है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जानी है। इस केंद्र को आधुनिक वर्टिकल इंटीग्रेटेड स्ट्रक्चर के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें बस, ट्रेन और मेट्रो की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
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बोडाकी परियोजना इसलिए भी अहम
बोडाकी रेलवे स्टेशन को ग्रेटर नोएडा रेलवे टर्मिनस के रूप में विकसित किए जाने की योजना भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण बनाती है। इससे बिहार और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों के यहां ठहराव की संभावना बनेगी।
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-नोएडा मेट्रो के 2.6 किलोमीटर विस्तार को केंद्र और राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस क्षेत्र की मेट्रो कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। मल्टीमोडल हब में स्थानीय सार्वजनिक परिवहन के लिए ई-बसों का संचालन भी किया जाएगा।
-यात्रियों की सुविधा के लिए बजट होटल, मल्टीलेवल पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। ग्रेटर नोएडा की जीटी रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से निकटता के कारण यहां से बसों का संचालन विभिन्न दिशाओं में आसानी से किया जा सकेगा।
पांच एकड़ में इलेक्ट्रिक बस डिपो भी विकसित करने की योजना
यमुना प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक में मंजूरी के बाद सेक्टर-23सी में आईएसबीटी के लिए जमीन चिह्नित कर दी है। अब उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के साथ मिलकर बस अड्डे के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। आईएसबीटी के साथ करीब पांच एकड़ में इलेक्ट्रिक बस डिपो भी विकसित करने की योजना है। यहां ई-बसों की पार्किंग, चार्जिंग और रखरखाव की सुविधा होगी। इससे यमुना सिटी में स्थानीय परिवहन के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों के लिए बस सेवाओं का संचालन एक ही केंद्र से किया जा सकेगा।
एक्सप्रेसवे नेटवर्क से मिलेगी रफ्तार
दोनों परिवहन केंद्रों की सबसे बड़ी ताकत इनकी एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी होगी। ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी पहले से जीटी रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़े हैं। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी गंगा एक्सप्रेसवे तक भी बेहतर होगी। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 105 मीटर चौड़ी सड़क को जीटी रोड और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़कर हापुड़ बाईपास तक विस्तार देने और इसे गंगा एक्सप्रेसवे से लिंक करने की योजना को मंजूरी दी है। यमुना एक्सप्रेसवे को जेवर के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने की परियोजना भी इस क्षेत्र के सड़क नेटवर्क को और मजबूत करेगी।
इन राज्यों के लिए मिल सकती हैं सीधी बसें
हरियाणा
पंजाब
उत्तराखंड
बिहार
मध्यप्रदेश
राजस्थान

वर्जन
बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद यमुना सिटी के सेक्टर-23सी में आईएसबीटी के लिए जमीन चिह्नित की गई है। जल्दी ही यहां विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। इससे यमुना सिटी को अलग-अलग राज्यों से जोड़ने के लिए बेहतर बस सुविधा मिल सकेगी।-राकेश कुमार सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण

बोडाकी में मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब का विकास ग्रेटर नोएडा टर्मिनल के रूप में होना है। यहां जल्दी ही जमीन अधिग्रहण शुरू होगा। एक ही कैंपस में बस के अलावा मेट्रो और ट्रेन की सुविधा भी होगी। यह आनंद विहार का विकल्प बनकर विकसित होगा।-रवि कुमार एनजी, सीईओ, ग्रेनो प्राधिकरण
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