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Delhi : बंगाल की मिट्टी और मध्य प्रदेश की लकड़ी से बनाईं गणपति की मूर्तियां, कल घर-घर विराजेंगे बप्पा

Fri, 06 Sep 2024 06:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन राजपूत, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 06 Sep 2024 06:41 AM IST
सार

गणपति बप्पा की मूर्तियां तैयार करने में चार तरह की मिट्टी, पराली और अन्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इन मूर्ति को बनाने कलाकार कलकत्ता की गंगा से निकली हुई मिट्टी और कचोटी मिट्टी सहित बैतूल से चारा, लकड़ी और बांस मध्य प्रदेश के खंडवा व खरगोन से लाते है। 

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Ganpati idols made from clay of Bengal and wood of Madhya Pradesh,
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम बंगाल की मिट्टी व मध्य प्रदेश की लकड़ी से बने भगवान गणेश दिल्ली में विराजमान होंगे। गणपति बप्पा की मूर्तियां तैयार करने में चार तरह की मिट्टी, पराली और अन्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इन मूर्ति को बनाने कलाकार कलकत्ता की गंगा से निकली हुई मिट्टी और कचोटी मिट्टी सहित बैतूल से चारा, लकड़ी और बांस मध्य प्रदेश के खंडवा व खरगोन से लाते है। 

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इससे लालबाग के राजा (गणेशजी) को कई प्रकार के रूप दिए जा रहे है। इन मिट्टी से बने गणपति बप्पा को देखकर ऐसा लगता है कि साक्षात बप्पा दर्शन दे रहे हैं। इसके लिए मूर्तिकार गणेश चतुर्थी से दो-तीन महीने पहले से तैयारी करना शुरू कर देते हैं। इन कलाकारों में ज्यादातर महिलाएं हैं, जो कि कला के हुनर से मूर्तियों को जीवंत कर रहीं हैं।गणोत्सव के लिए नजफगढ़, सरोजिनी नगर, मटियाला, मधु विहार, सागरपुर, लक्ष्मी नगर समेत दूसरे इलाकों में करीब 100 कारीगर इन दिनों भगवान गणपति की मूर्तियों को आकार दे रहे हैं।
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इनके पास भगवान गणेश की दस फुट से भी ऊंची मूर्तियां उपलब्ध हैं। इनका आकर्षक रूप लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यही नहीं, यह कारीगर खरीदारों को पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखने का संदेश दे रहे हैं। साथ ही, श्रद्धालुओं की आस्था का खास ध्यान भी रख रहे हैं। गणेश चतुर्थी को अब कुछ दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में तैयारियां लगभग पूरी हो गई है।
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5 चरणों में तैयार होती है गणेश प्रतिमा
नजफगढ़ के अर्जुन पार्क में रहने वाली रीना बताती हैं कि गणेश प्रतिमा को पांच चरण में तैयार करते हैं। सबसे पहले मूर्ति के लिए गद्दी (आसन) तैयार करते हैं। इसके बाद पेट व पैर। तीसरे चरण में हाथ, चौथे में गर्दन और सूंड और पांचवें चरण में कान व मुकुट बनाते हैं। इन सभी हिस्सों को किसी सहारे के साथ आपस में जोड़ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी मां घर में मिट्टी से हाथी, चूल्हे व अन्य सामान बनाती थी। उन्हीं से गणेश प्रतिमा बनाने की प्रेरणा मिली। 

काली मिट्टी से भी तैयार किए गए हैं बप्पा
सागरपुर में कई वर्षों से मूर्ति बना रही सीता ने बताया कि बप्पा को विशेष काली मिट्टी से भी तैयार किया है। यह मिट्टी विशेष रूप से राजकोट और भावनगर से मंगवाई जाती है। मिट्टी की विशेष मूर्ति बनाने के पीछे का कारण यह है कि अब श्रद्धालु घर पर ही भगवान गणेश का विसर्जन करते हैं। 

गणपति के साथ सेल्फी 
पाठक गणपति के साथ परिवार समेत अपनी सेल्फी नीचे दी गई ई-मेल   आईडी और व्हाट्सअप नंबर पर भेज सकते हैं। पाठक परिवार के सदस्यों के नाम व पता भी भेजें। चुनिंदा तस्वीरें प्रकाशित की जाएंगी। 

  • व्हाट्सएप नंबर--- 9873687563
  • sshukla@del.amarujala.com 

कल घर-घर विराजेंगे गणपति बप्पा
राजधानी में 10 दिवसीय गणेश उत्सव शनिवार को धूमधाम के साथ शुरू होगा। लिहाजा गणेश चतुर्थी के अवसर पर हर घर, हर मोहल्ले और हर गली में गणपति बप्पा का स्वागत पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जाएगा। यह उत्सव समृद्धि, सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है और इसके साथ समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी फैलता है।

राजधानी में गणेश उत्सव की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही है। घर-घर में गणपति की भव्य मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा पंडालों में गणेश उत्सव मनाया जाएगा। बुराड़ी स्थित मैदान में बड़े स्तर पर गणेश मनाया जा रहा है। इस मैदान में मुम्बई की तरह उत्सव देखने को मिलेगा। वहीं, बाजारों में भी गणेश प्रतिमाओं और पूजा सामग्री की रौनक देखनेे का मिली। लोगों ने घरों की सजावट के लिए रंग-बिरंगे झंडे, बल्ब और फूलों की मालाएं खरीदीं। गणेश उत्सव के दौरान बुराड़ी मैदान के अलावा द्वारका, उत्तम नगर, रोहिणी, पीतमपुरा, अशोक विहार आदि स्थानों पर सामाजिक, सांस्कृतिक भजन-कीर्तन और नृत्य-गान का आयोजन किया जाएगा। 



इस दौरान स्थानीय कलाकारों, बच्चों और युवाओं की टोली हिस्सा लेगी। इसके अलावा रक्तदान शिविर, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान भी चलाए जाएगे। वहीं गणेश उत्सव के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष ध्यान जाएगा। इस तरह 10 दिनों तक गणेश उत्सव की भव्यता और उल्लास की झलक देखने को मिलेगी और लोग गणपति बप्पा के आगमन की खुशियों का आनंद ले सकेंगे।

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