लग्जरी कार और युवती देख एटीएम कार्ड देने की न करें गलती, पकड़ाया खतरनाक गैंग
एटीएम कार्ड बदलकर लाखों का फटका
-राजस्थान पुलिस की गिरफ्त में आए पलवल-मेवात के गैंग ने यूपी सहित कई राज्यों में कीं साइबर क्राइम की घटनाएं
-आगरा के दो मामलों का हुआ खुलासा
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कभी एटीएम कार्ड बदलकर तो कभी कार्ड का क्लोन बनाकर रुपये निकाल लिए। इसके अलावा एटीएम कार्ड का नंबर पूछकर भी आनलाइन शापिंग कर चुके हैं। आगरा की दो वारदातों का पता चलने पर गुरुवार को राजस्थान पुलिस की टीम ने आगरा आकर पड़ताल की।
राजस्थान के जिला भरतपुर के थाना मथुरा गेट के एसआई रामवीर सिंह और हेड कांस्टेबल अनिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में खालिद मेव, शाकिर मेव (घाघोट, थाना चांद हट, पलवल, हरियाणा), आमिर (मिलकपुर तुर्क, थाना टपूगढ़ा, अलवर, राजस्थान) और आरिफ (भसेड़ा, नुहू, हरियाणा) हैं।
खालिदहाल में सद्दीक नगर मेवात में रह रहा था। विगत महीने उनको गिरफ्तार किया गया। गैंग से 20 से अधिक एटीएम कार्ड बरामद किए गए। एक एटीएम कार्ड सिकंदरा के अरतौनी निवासी हरिओम शर्मा का था।
लग्जरी कार और युवती भी शामिल
गुरुवार को राजस्थान पुलिस की टीम हरिओम के घर पहुंची। उसने पूछताछ में बताया कि वह 17 जुलाई को कारगिल स्थित केनरा बैंक के एटीएम से रुपये निकालने गया था। तभी दो बदमाशों ने उसे घेर लिया। इसके बाद मदद का झांसा देकर एटीएम कार्ड का पासवर्ड देख लिया।
कार्ड बदलकर 56 हजार रुपये निकाल लिए थे। इतना ही नहीं उसके एटीएम कार्ड से रकम भी दूसरे खाते में ट्रांसफर की। पिछले महीने सदर क्षेत्र में एक महिला को शिकार बनाने की कोशिश की थी। मगर, महिला ने शोर मचा दिया था। इस पर एक बदमाश को पकड़ लिया गया था। वह भी गैंग का सदस्य है।
राजस्थान पुलिस पिछले दिनों उसे पकड़कर ले गई थी। इसी तरह गैंग ने कई और घटनाओं को करना कबूल किया है। यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, बिहार और असोम में वारदात कर चुके हैं। गैंग पर भरतपुर में ही 40 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। अन्य जिलों में दर्ज मुकदमों के बारे में पड़ताल की जा रही है। अनुमान है कि आगरा में भी कई वारदात की हैं।
वारदात के तीन तरीके
गैंग तीन तरीके से लोगों को शिकार बनाता है। एक तो एटीएम केबिन में मदद का झांसा देकर एटीएम कार्ड को बदलकर और पासवर्ड देखने के बाद। दूसरा एटीएम मशीन में स्कीमर लगाकर कार्ड का क्लोन बना लेते हैं। कैमरा लगाकर पासवर्ड भी पता कर लेते हैं। तीसरा तरीका फोन करके खाता और कार्ड की जानकारी लेने का भी है।
गैंग के पांच से छह सदस्य लग्जरी कार से निकलते हैं। इसमें एक युवती भी शामिल रहती है। सबसे ज्यादा ऐसी जगह पर जाते हैं जहां पर पर्यटकों का आना-जाना रहता है। खाली पड़े एटीएम में गैंग के सदस्य खड़े हो जाते हैं।
जिन लोगों को एटीएम चलाने की जानकारी नहीं होती है उनको शिकार बनाते हैं। एक साथी लोगों के मशीन में कार्ड लगाने पर स्क्रीन के पास लगा बटन दबाकर हैंग कर देता है। दूसरा उक्त व्यक्ति को बातों में फंसाकर कार्ड बदल देता है।
तीसरा साथी एटीएम में पैसा न होने की कहकर उसे बाहर ले जाता है। लग्जरी कार और युवती साथ में होने की वजह से किसी को उन पर शक नहीं होता है।