सुरक्षा सख्त करने पर 'आप' हुई सख्त
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आम आदमी पार्टी ने राजधानी में महिला सुरक्षा के मसले को केंद्र सरकार के सामने उठाया है। बुधवार को ‘आप’ सांसद धर्मवीर गांधी व दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान ‘आप’ प्रतिनिधियों ने गृहमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें पार्टी ने एक बार फिर से वीआईपी व वीवीआईपी सुरक्षा में लगे दिल्ली पुलिस के जवानों को आम नागरिकों की सुरक्षा में तैनात करने की मांग की।
‘आप’ नेताओं ने बुधवार दोपहर करीब एक बजे संसद भवन स्थित गृहमंत्री से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस मौके पर न सिर्फ कैब चालक की हवस का शिकार युवती के मामले पर बात हुई। बल्कि दिल्ली में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल देने की मांग की गई। पार्टी का कहना है कि उपराज्यपाल व दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन है।
गृहमंत्री के सामने ‘आप’ ने सबसे अहम बात वीवीआईपी सुरक्षा पर उठाई। इस बारे में पार्टी का कहना है कि दिल्ली का दायरा सिर्फ लुटियन दिल्ली तक नहीं है। जहां दिल्ली पुलिस का बड़ा हिस्सा वीआईपी व वीवीआईपी सुरक्षा में तैनात किया गया है। आम लोगों की जिंदगी की कीमत पर माननीयों को सुरक्षा दिए जाने पर ‘आप’ ने एतराज जताया।
गृहमंत्री को 'आप' ने दिए सुझाव
सड़कों पर हो उजाला : दिल्ली की हर गली व सड़क पर स्ट्रीट लाइट लगाई जानी चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित हो कि लाइट हर वक्त काम करे।
यातायात पुलिस रहे मौजूद : दिल्ली यातायात पुलिस राजधानी की सड़कों पर तैनात हो। जहां पहले इस तरह के अपराध हुए हैं, वहां पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। हेल्पलाइन नंबर के बोर्ड भी लगें।
औचक निरीक्षण : दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी नियमित तौर पर औचक निरीक्षण करें।
रिकॉर्ड देखें : दिल्ली परिवहन विभाग को निर्देश दिया जाए कि सभी टैक्सी ऑपरेटर व चालक का रिकॉर्ड खंगाले। संदिग्ध लोगों की जानकारी पुलिस को दी जाए।
दिल्ली में अब नहीं होगी राहगीरी
केंद्रीय गृहमंत्रालय ने सुरक्षा कारणों से नई दिल्ली में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यहां पिछले अगस्त माह से निरंतर राहगीरी कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा था।
सूत्रों के मुताबिक एनडीएमसी के पास बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्रालय से राहगीरी के आयोजन के लिए स्वीकृति नहीं देने के संबंध में आदेश आया है। मंत्रालय ने तर्क दिया है कि यहां पिछले कई माह से राहगीरी कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है इसके चलते इलाके में कानून व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस कारण अब इलाके में राहगीरी कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होना चाहिए। मालूम हो कि पिछले चार माह के दौरान यहां कई कार्यक्रम हो चुके हैं। ऐसे कार्यक्रम एनडीएमसी की स्वीकृति के बाद ही होते हैं।