कनावनी कांडः फिर दलित महिला पर हमले की कोशिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घटना के चार दिन बाद अपने घर लौट रही एक दलित महिला पर दबंगों ने हमले का प्रयास किया। पुलिस ने महिला के आरोप से इंकार किया है। उनके मुताबिक महिला का पति घटना में नामजद आरोपी है।
इसलिए वह दबंगों के खिलाफ आरोप लगा रही है। जानकारी के मुताबिक दलित रोहताश की पत्नी ने गांव का हाल जानने पहुंची मीडिया से बातचीत में बताया कि वह बृहस्पतिवार को अपने घर के लिए लौट रही थी।
टेंपो से उतरने के बाद जब वह गांव के अंदर आने लगी तभी स्कॉर्पियो सवार कुछ लोग उसके पास आए। युवकों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आखिरी वक्त पर अन्य लोगों के आ जाने से वह वापस कार में बैठ कर भाग निकले।
हेल्प मांगने वाली युवती अंडरग्राउंड
बुधवार को हेल्प की तख्ती लेकर मीडिया से मदद मांगने वाली दलित युवती बृहस्पतिवार को भूमिगत हो गई। मीडिया कर्मियों से उसने दूरी बना ली।
दोपहर युवती से मिलने के लिए एसडीएम व पुलिस अधिकारी पहुंचे थे। उन्होंने युवती से एकांत में बातचीत की थी। इसके बाद युवती ने मीडिया से दूरी बना ली।
सूत्रों के मुताबिक युवती को एसडीएम ने सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया। युवती के परिजनों को भी पुलिस अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया। इसके बाद युवती व पूरे परिवार ने मीडिया से बातचीत बंद कर दी।
दलितों ने भी दी दबंगों के खिलाफ तहरीर
कनावनी गांव की एक दलित महिला ने भी दबंगों के खिलाफ लूट,आगजनी, हत्या का प्रयास, मारपीट, बलवा व बेटे के स्कूल में तोड़फोड़ कर उसे तहस नहस करने की लिखित शिकायत थाना सेक्टर-58 में दी है।
शिकायत पर मामला दर्ज करने के बजाए पुलिस ने उन्हें जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे बसपा जिलाध्यक्ष प्रदीप भारती की अगुवाई में कनावनी गांव के एक दर्जन दलित थाना सेक्टर-58 पहुंचे।
वहां मौजूद सीओ टू विश्वजीत श्रीवास्तव से पुलिस पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद से न तो चौकी पर और न ही थाने में उनकी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर ली है।
सिद्वार्थ पब्लिक स्कूल में आज से होगी पढ़ाई
सिद्वार्थ पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों ने गांव का जायजा लेने के लिए गए एसएसपी व डीएम से बच्चों की पढ़ाई केनुकसान होने का हवाला देते हुए स्कूल संचालित करने की गुहार लगाई थी।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम, बेसिक शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार व शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी कनावनी गांव पहुंचे। सिद्वार्थ पब्लिक स्कूल की बिल्डिंग में बचे कमरों के अलावा बगल में बनी बंद दुकानों व एक मकान का भी जायजा लिया। जहां बच्चों की पढ़ाई शुरू की जा सके।
संघर्ष के बाद जहां दलित परिवारों ने अपनी दुकान खोल कर रोजी रोटी का जुगाड़ करना शुरू कर दिया है वहीं एक दर्जन दुकानें अब भी बंद हैं। यह दुकानें कसाना परिवार की जमीन पर हैं। जो घटना के बाद से ही बंद हैं। घटना के बाद दहशत में आए दुकानदार अब तक दुकानें खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
पुलिस मौजूद फिर भी राहत नहीं
गांव के एक दलित परिवार के मुताबिक रात में डीएम व एसएसपी आए थे। जिन्होंने उनसे बातचीत की थी। सुबह एसएसपी, सीओ व एसडीएम आए थे। उन्होंने सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है लेकिन पुलिस के जाने के बाद दबंगों का खतरा उन्हें अब भी है।
उनके परिवार के सभी पुरूष अब भी गांव में वापस लौटने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। क्योंकि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। थाना सेक्टर-49 प्रभारी वीके यादव व थाना सेक्टर-39 केएसएसआई दलितों के घर की तरफ जाने वाली गली के कोने पर मुस्तैद दिखाई दिए।
वहीं दलितों के घरों के पास एक अहाते में पीएसी के जवान चारपाई पर हथियारों से लैस बैठे नजर आए। पुलिस व पीएसी के जवान गांव में पूरी तरह शांति होने का दावा करते रहे हैं, लेकिन इस शांति के दावों के बीच दलित परिवारों के चेहरों पर तनाव साफ दिखाई दे रहा था।
अब हमला नहीं, गिरफ्तारी का डर है
दो गुटों में हुए संघर्ष के चार दिन बाद अब कनावनी गांव में तनाव भरी शांति है। गांव की गलियों में अब भी अजनबी चेहरों को देख लोग घरों में घुस कर दरवाजे बंद कर रहे हैं। उन्हें अब डर हमले का नहीं, घटना के बाद पुलिस कार्रवाई का है।
जो नामजद आरोपियों के खिलाफ करने के लिए उन्हें गवाह बना सकती है या फिर उनसे पूछताछ कर सकती है। ऐसे में गांव में हुए संघर्ष के बाद अब दलित व कसाना परिवार की निगाह में चढ़ सकते हैं। जिससे बचने के लिए वह खामोश रहना ही उचित समझ रहे हैं।
वहीं, अब भी गांव में दलित परिवारों में दहशत है। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी दिन में कई बार मुलाकात कर उन्हें सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का भरोसा दिलाते रहे।
किराएदारों का पलायन तेज, रोजी रोटी की चिंता
कनावनी गांव से दलितों के मकानों में रह रहे किराएदारों का पलायन अब भी जारी है। बृहस्पतिवार को भी कई किराएदार सामान लेकर जाते दिखाई दिए। किराएदारों के मकान खाली कर जाने से कई दलित परिवारों केसामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।
बाला नाम की दलित महिला के पति सतीश का देहांत कुछ माह पहले हुआ था। मकान में रहने वाले किराएदारों के किराए से ही उनका परिवार चल रहा है।
घटना के बाद से उनके घर से किराएदार चले लए हैं। नया किराएदार आने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में अब उनके आगे रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।