शातिर महिला की हरकतों से पूरे इलाके में खलबली
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लॉटरी (कमेटी) के नाम पर लोगों के करोड़ों रुपये डकार कर फरार हुई शातिर महिला को लेकर देररात लक्ष्मण विहार में जमकर हंगामा हुआ। अपने घर में चुपके से आई महिला को आसपास की महिला ने पकड़ लिया। जिसके बाद वह अपने ही घर में घुस गई।
महिलाओं ने रातभर जागकर पहरा दिया। लेकिन फिर भी महिला फरार हो गई। गुस्साए लोगों ने बुधवार सुबह थाने में पहुंचकर जबरदस्त हंगामा किया।
बताया जा रहा है कि इस मामले को दो महीने बाद अचानक मंगलवार रात को आरोपी महिला मंजू सैनी लक्ष्मण विहार स्थित अपने घर आई।
महिला को देखकर आसपास की महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया। महिला को पकड़ने की कोशिश की तो वह अपने घर के अंदर लॉक करके छिप गई।
उसके आने की खबर सुनते ही पैसे मांगने वाले सैंकड़ों लोग घर के सामने इकट्ठा हो गए और उसे बाहर निकलने को कहा लेकिन महिला बाहर नहीं आई।
लोगों के मुताबिक उन्होंने सेक्टर पांच थाना प्रभारी अन्य पुलिसकर्मियों को फोन किया लेकिन वे भी रात में महिला पुलिस के न होने की बात कहते हुए नहीं आए। उल्टे महिला ने पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल कर दिया जिस पर पुलिस आ गई।
जिसके बाद मामला देखकर पुलिस भी उन्हें आपस में ही निपटाने का बोलकर चली गई। मंगलवार सुबह जब सेक्टर पांच थाना पुलिस दो पीसीआर महिला कांस्टेबल के साथ पहुंची।
क्या है मामला
लॉटरी के नाम पर करोड़ों गबन करने वाली आरोपी महिला की गिरफ्तारी को लेकर लक्ष्मण विहार में रात को हुआ हंगामा
पुलिस ने दरवाजा खोलकर जब अंदर गए तो उन्होंने बताया कि महिला को यहां नहीं है। इस पर बाहर पहरा दे रहे लोग भी हैरान हो गए। पुलिस की कार्रवाई से गुस्साई महिला सेक्टर पांच थाने पहुंच गई। जहां उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
थाना प्रभारी ने उन्हें हाईकोर्ट से आरोपी महिला के अंतरिम जमानत लेने की बात कहते हुए लेटर थमा दिया। जनवादी महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष उषा सरोहा ने बताया कि रातभर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं। पुलिस भी आरोपी महिला से मिली हुई है।
पटौदी निवासी मंजू सैनी और उसके पति विष्णु भगवान सैनी लक्ष्मण विहार में रहकर पिछले 15 सालों से लॉटरी का काम करते थे। 28 दिसंबर को आरोपी दंपत्ति करीब 100 से ज्यादा लोगों के करीब सात करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए। जिसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दी जिस पर आरोपी दंपत्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हो गया। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
पीड़ितों ने बताया दर्द
शिकायतकर्ताओं के पुलिस पर लगाए सभी आरोप निराधार है। हाईकोर्ट ने महिला को अंतरिम जमानत दे रखा है हाईकोर्ट के आदेशानुसार उसे गिरफ्तार करने से पहले नोटिस देना पड़ेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। -राजेश कुमार, एसीपी क्राइम
सुनील कालरा-छोटा मोटा काम कर गुजारा करता हूं। लॉटरी के लिए मैंने 6.88 लाख रुपये जमा किए थे। सोचा था कि इन रुपयों से छोटा-मोटा बिजनेस करूंगा। लेकिन उसने सब सपनों पर पानी फेर दिया।
संजय कुमार- सर, मेरे 15 लाख रुपये थे। इसके अलावा भी कई जानकारों के इसकी लॉटरी में नाम लिखवाया था। ऐसे में मेरे लिए अब परेशानी खड़ी हो गई।
संदीप-मेरी तीन किश्तों में 15 लाख रुपये थे। लॉटरी के वक्त वह कई महीनों तक मुझे झांसा देती रही और फिर एकदम से फरार हो गई। अब समझ नहीं आ रहा करूं तो क्या करूं?
लोगों के लाखों अटके
सुमन यादव- मेरे तीन लाख रुपये थे। कितनी कोशिश के बाद रातभर जागकर हमनें महिला को पकड़ा था, निगरानी भी रखी, लेकिन वह फरार हो गई। पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
कमलेश नैन- मैं लक्ष्मण विहार फेज दो में रहती हूं। मेरे 32 लाख रुपये अटके पड़े है। पिछले दो महीनों से चक्कर काट रहे हैं। पुलिस कुछ बताती ही नहीं।
इंदू देवी- लॉटरी के वक्त काफी सपने देखे थे। परिवार का खर्च निकालकर जैसे-तैसे तीन लाख रुपये लॉटरी में जमा कराए थे। लेकिन ये दोनों चोरों की तरह यहां से भाग गए। हम तो बर्बाद हो जाएंगे।