Fraud In RBL Bank: बैंक के सहायक उपाध्यक्ष 19.80 करोड़ की धोखाधड़ी में गिरफ्तार, जांच के बाद की गई कार्रवाई
बैंक के सहायक उपाध्यक्ष को बैंक का 19.80 करोड़ रुपये अपने खातों में जमा करने के आरोप में पकड़ा गया है। बैंक के सर्तकता विभाग की ओर से आर्थिक अपराध शाखा को शिकायत दी गई थी।
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आर्थिक अपराध शाखा ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरबीएल बैंक के सहायक उपाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है। बैंक के सतर्कता विभाग ने आरोपी पर बैंक के ग्राहकों के 19.80 करोड़ रुपये को अपने दो बैंक खाते में जमा करने का आरोप लगाया था। विभाग ने आर्थिक अपराध शाखा में सहायक उपाध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दी थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर आगे की जांच कर रही है। आरोपी की पहचान वसंत कुंज निवासी नागेंद्र कुमार के रूप में हुई है।
वह आरबीएल बैंक में सहायक उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत था। साल 2021 में बैंक के सतर्कता विभाग के निखिल छतरवाल ने आर्थिक अपराध शाखा में नागेंद्र कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि नागेंद्र कुमार आरबीएल बैंक लिमिटेड में सहायक उपाध्यक्ष, कार्यान्वयन और ग्राहक सहायता के रूप में तैनात था। इसका कार्यालय हंसालय बिल्डिंग, बाराखंभा रोड में था। सात अगस्त 2020 को आरबीएल बैंक लिमिटेड के दो खाता धारकों जुबिलेंट लाइफ साइंसेज लिमिटेड और जुबिलेंट एग्री एंड कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने कैश मैनेजमेंट पोर्टल (सीएमएस) के माध्यम से अपने खातों से कुछ लेनदेन किया।
बैंक को पता चला कि आरोपी नागेंद्र कुमार ने इन खातों से 19.80 करोड़ रुपये आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के अपने खातों में स्थानांतरित कर दिया। आरबीएल बैंक लिमिटेड ने आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड से संपर्क किया और पीड़ितों के खातों में धोखाधड़ी की राशि वापस करवा दी। शिकायत पर शाखा ने साल 2021 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि नागेंद्र कुमार को उपाध्यक्ष होने के नाते बैंक खातों के पढ़ने और लिखने की अनुमति थी। सात अगस्त 2020 को नागेंद्र ने अपने अधिकार का दुरुपयोग करके दोनों कंपनी के पैसों के आठ लेन-देन वाली दो फंड ट्रांसफर फाइल बनाई और उन्हें होस्ट टू होस्ट बैंकिंग सिस्टम में इन कंपनियों के फोल्डर में अपलोड कर दिया। उसके बाद आरबीएल बैंक का कैश मैनेजमेंट सिस्टम स्वचालित रूप से इन फाइलों को भुगतान के लिए भेज देता है। ठगी की रकम अपने खाते मेें ट्रांसफर करने के बाद आरोपी नागेंद्र कुमार उसी दिन शाम को इस्तीफे का ईमेल भेजकर बैंक से चला गया। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन वह अपने घर से गायब मिला। तकनीकी जांच करने के बाद 13 जनवरी को पुलिस ने आरोपी को वसंत कुंज से गिरफ्तार कर लिया।