{"_id":"5cfc530ebdec22072b5a7843","slug":"four-vehicle-thief-arrested-by-delhi-plice-crime-branch","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनसीआर से वाहन चुराकर जम्मू-कश्मीर में बेचते थे, चार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनसीआर से वाहन चुराकर जम्मू-कश्मीर में बेचते थे, चार गिरफ्तार
Sun, 09 Jun 2019 06:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 09 Jun 2019 06:00 AM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी कर उसे जम्मू-कश्मीर में बेचने वाले एक गिरोह का खुलासा कर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरोह अब तक 100 से ज्यादा वाहन चोरी कर चुका है। बदमाशों के कब्जे से एक पिस्तौल, चार कारतूस, दो कारें और एक बाइक बरामद हुई, जबकि इनकी निशानदेही पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 13 वाहन जब्त किए हैं।
पुलिस उपायुक्त जी रामगोपाल नायक ने बताया कि आरोपियों की पहचान सुरेश कुमार, तेजेंदर सिंह, शमशाद अली और मकसूद हुसैन के रूप में हुई है। 29 मई को एएसआई प्रमोद सिंह को सूचना मिली कि कुछ बदमाश भैरों मंदिर की पार्किंग में चोरी के वाहन लेकर आ रहे हैं।
पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर सेंट्रो कार से आए दो बदमाशों को शाहदरा निवासी सुरेश कुमार और मोती नगर निवासी तेजेंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पुलिस ने एक पिस्तौल और चार कारतूस बरामद किए।
विज्ञापन
पूछताछ के बाद पुलिस ने सुरेश की निशानदेही पर 31 मई को उसके सहयोगी भागरथी विहार निवासी शमशाद अली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से वर्ना कार बरामद की। शमशाद की निशानदेही पर पुलिस ने मूलत: श्रीनगर निवासी मकसूद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। वह दिल्ली के खानपुर में रहता था। पुलिस ने उसके पास से एक बाइक बरामद की।
मांग पर चुराते थे वाहन
पूछताछ में पता चला कि सुरेश और तेजेंदर अपने सहयोगी शमशाद की डिमांड पर दिल्ली व एनसीआर से वाहन चुराते थे। शमशाद चोरी के वाहन को इनसे लेकर मकसूद हुसैन को दे देता था, जो उन गाड़ियों को जम्मू-कश्मीर में रहने वाले उनके गैंग के सदस्य को दे देता। जम्मू-कश्मीर में मौजूद गैंग के सदस्य इंश्योरेंस कंपनी से क्षतिग्रस्त वाहनों को कागजात के जरिये खरीद लेते थे। उसके बाद वह दिल्ली में मौजूद गैंग के सदस्य मकसूद को उसी कंपनी के वाहन चुराने के लिए कहता था।
चोरी का वाहन मिलने के बाद वह उन वाहनों में क्षतिग्रस्त वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर लगा देता था और फिर उसे बाजार में बेच देता था। आरोपियों ने खुलासा किया कि अब तक 100 से ज्यादा वाहन चुराकर कश्मीर भेज चुका है। श्रीनगर के शहीद गंज थाना पुलिस ने इस खुलासे के बाद 13 गाड़ियां बरामद कर ली हैं। पुलिस अन्य वाहनों की बरामदगी का प्रयास कर रही है।
कारोबार में घाटा होने पर बना चोर
पुलिस को पता चला कि मकसूद हुसैन एमबीए कर चुका है। वर्ष 2015 में दिल्ली आने के बाद कॉल सेंटर में काम करने लगा। 2017 में आयुर्वेदिक दवा का कारोबार करने लगा। घाटा होने के बाद उसने कारोबार बंद कर दिया। जम्मू-कश्मीर के एक डॉक्टर की मार्फत उसकी मुलाकात शमशाद अली से हुई और फिर वह उसके साथ मिलकर वाहन चोरी करने लगा। सुरेश ने बताया कि पारिवारिक कलह से परेशान होकर वह अपराध करने लगा।
शमशाद से मुलाकात के बाद वह मांग पर वाहनों की चोरी करने लगा। सुरेश पर पहले से 40 मामले दर्ज हैं। वहीं तेजेंदर वर्ष 2000 में नकली नोटों की तस्करी में गिरफ्तार हुआ था। वर्ष 2019 में जेल से निकलने के बाद वह जेल में दोस्त बने सुरेश के साथ वाहन चोरी करने लगा। तेजेंदर पर 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शमशाद को पुलिस ने वर्ष 2002 में मादक द्रव्य की तस्करी में गिरफ्तार किया था। जेल से पैरोल पर निकलने के बाद वह फरार हो गया। वर्ष 2006 में पुलिस ने फिर से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद जेल से निकलने के बाद वह जेल में बने दोस्तों के साथ घटना को अंजाम देने लगा।
विज्ञापन
पुलिस उपायुक्त जी रामगोपाल नायक ने बताया कि आरोपियों की पहचान सुरेश कुमार, तेजेंदर सिंह, शमशाद अली और मकसूद हुसैन के रूप में हुई है। 29 मई को एएसआई प्रमोद सिंह को सूचना मिली कि कुछ बदमाश भैरों मंदिर की पार्किंग में चोरी के वाहन लेकर आ रहे हैं।
विज्ञापन
पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर सेंट्रो कार से आए दो बदमाशों को शाहदरा निवासी सुरेश कुमार और मोती नगर निवासी तेजेंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पुलिस ने एक पिस्तौल और चार कारतूस बरामद किए।
विज्ञापन
पूछताछ के बाद पुलिस ने सुरेश की निशानदेही पर 31 मई को उसके सहयोगी भागरथी विहार निवासी शमशाद अली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से वर्ना कार बरामद की। शमशाद की निशानदेही पर पुलिस ने मूलत: श्रीनगर निवासी मकसूद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। वह दिल्ली के खानपुर में रहता था। पुलिस ने उसके पास से एक बाइक बरामद की।
मांग पर चुराते थे वाहन
पूछताछ में पता चला कि सुरेश और तेजेंदर अपने सहयोगी शमशाद की डिमांड पर दिल्ली व एनसीआर से वाहन चुराते थे। शमशाद चोरी के वाहन को इनसे लेकर मकसूद हुसैन को दे देता था, जो उन गाड़ियों को जम्मू-कश्मीर में रहने वाले उनके गैंग के सदस्य को दे देता। जम्मू-कश्मीर में मौजूद गैंग के सदस्य इंश्योरेंस कंपनी से क्षतिग्रस्त वाहनों को कागजात के जरिये खरीद लेते थे। उसके बाद वह दिल्ली में मौजूद गैंग के सदस्य मकसूद को उसी कंपनी के वाहन चुराने के लिए कहता था।
चोरी का वाहन मिलने के बाद वह उन वाहनों में क्षतिग्रस्त वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर लगा देता था और फिर उसे बाजार में बेच देता था। आरोपियों ने खुलासा किया कि अब तक 100 से ज्यादा वाहन चुराकर कश्मीर भेज चुका है। श्रीनगर के शहीद गंज थाना पुलिस ने इस खुलासे के बाद 13 गाड़ियां बरामद कर ली हैं। पुलिस अन्य वाहनों की बरामदगी का प्रयास कर रही है।
कारोबार में घाटा होने पर बना चोर
पुलिस को पता चला कि मकसूद हुसैन एमबीए कर चुका है। वर्ष 2015 में दिल्ली आने के बाद कॉल सेंटर में काम करने लगा। 2017 में आयुर्वेदिक दवा का कारोबार करने लगा। घाटा होने के बाद उसने कारोबार बंद कर दिया। जम्मू-कश्मीर के एक डॉक्टर की मार्फत उसकी मुलाकात शमशाद अली से हुई और फिर वह उसके साथ मिलकर वाहन चोरी करने लगा। सुरेश ने बताया कि पारिवारिक कलह से परेशान होकर वह अपराध करने लगा।
शमशाद से मुलाकात के बाद वह मांग पर वाहनों की चोरी करने लगा। सुरेश पर पहले से 40 मामले दर्ज हैं। वहीं तेजेंदर वर्ष 2000 में नकली नोटों की तस्करी में गिरफ्तार हुआ था। वर्ष 2019 में जेल से निकलने के बाद वह जेल में दोस्त बने सुरेश के साथ वाहन चोरी करने लगा। तेजेंदर पर 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शमशाद को पुलिस ने वर्ष 2002 में मादक द्रव्य की तस्करी में गिरफ्तार किया था। जेल से पैरोल पर निकलने के बाद वह फरार हो गया। वर्ष 2006 में पुलिस ने फिर से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद जेल से निकलने के बाद वह जेल में बने दोस्तों के साथ घटना को अंजाम देने लगा।