आईसीयू के अभाव में 4 माह की बच्ची ने तोड़ा दम, 10 माह में तीसरे बच्चे की मौत
पूर्वी दिल्ली के चाचा नेहरू बाल अस्पताल में आईसीयू बिस्तरों की कमी के कारण मासूमों की मौत का सिलसिला जारी है। एक बार फिर अस्पताल पर आईसीयू में बिस्तर न मिलने के कारण मासूम की मौत का आरोप लगा है।
सोनिया विहार निवासी रिक्शा चालक चमन सिंह ने बताया कि उनकी चार माह की बच्ची काव्या को 19 नवंबर को चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया था। उल्टी और बुखार के कारण उसे भर्ती किया था। बीते शनिवार वरिष्ठ डॉक्टर ने जांच के बाद बच्ची को स्वस्थ घोषित करते हुए जल्द छुट्टी की बात कही, लेकिन रविवार को छुट्टी होने के कारण उनकी बेटी पर नर्स और जूनियर डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया। वे फोन चलाते रहें।
दोपहर करीब एक बजे तबियत बिगड़ने पर नर्स ने अन्य डॉक्टरों को बुलाया तो डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उसे निमोनिया हो गया है। तत्काल आईसीयू बिस्तर चाहिए, उनके यहां नहीं है। इस पर पिता ने रेफर करने की बात कही तो डॉक्टरों ने नियमों का हवाला देकर इंकार कर दिया।
साल 2016 में हुआ था झगड़ा
शनिवार रात को ही करीब साढ़े नौ बजे बिस्तर का प्रबंध होने के बाद डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती कराया, लेकिन करीब तीन घंटे बाद काव्या ने दम तोड़ दिया। चमन सिंह का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और समय पर बिस्तर न मिलने के कारण उनकी बच्ची की मौत हुई है। वहीं इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने भी कोई जवाब नहीं दिया है।
इस तरह का मामला ये कोई नया नहीं है। इसी साल फरवरी और सितंबर माह में भी चाचा नेहरू अस्पताल में आईसीयू बिस्तर की कमी के कारण समय पर बच्चों को इलाज न मिलने के कारण दो की मौत हुई थी।
ये सिलसिला कई वर्ष से जारी है। वर्ष 2016 में भी आईसीयू बिस्तर कम होने और बच्चे की मौत के बाद यहां हंगामा, मारपीट और हड़ताल तक हुई। इसके बावजूद हालातों में अभी भी सुधार नहीं है।