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महिला को ईंट मारने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मी को मिली जमानत

Sun, 17 May 2015 03:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 17 May 2015 03:13 AM IST
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Former traffic policeman who shot brics to women gets bail.

महिला को ईंट मारने व घूस मांगने के आरोपी दिल्ली पुलिस के पूर्व ट्रैफिक हवलदार को विशेष अदालत ने शनिवार को जमानत प्रदान कर दी। कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे रिश्वत मांगने का मामला नजर आए।

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महिला का आरोप था कि रेड लाइट जंप करने पर ट्रैफिक हवलदार सतीश चंद ने उससे रिश्वत मांगी और रिश्वत न देने पर उसे ईंट मारी। इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने सतीश चंद को बर्खास्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश नरोत्तम कौशल ने आरोपी सतीश चंद को 10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा घूस मांगने के आरोपों को साबित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है।
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अदालत ने कहा इस घटना के दो वीडियो व ऑडियो सामने आए हैं लेकिन किसी में भी घूस मांगने की बात साफ नहीं है। ऐसे हालात में हवलदार को हिरासत में नहीं रखा जा सकता।

दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में लिया था संज्ञान

Former traffic policeman who shot brics to women gets bail.

जमानत याचिका पर बहस करते हुए अधिवक्ता राजीव मोहन ने कहा कि उनके मुव्वकिल के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला नहीं बनता क्योंकि उसने महिला से दो सौ रुपये घूस के लिए नहीं बल्कि चालान काटने के लिए मांगे थे।

महिला के पास स्कूटी की आरसी व ड्राइविंग लाइसेंस न होने के कारण इलेक्ट्रॉनिक मशीन से उसकी रसीद नहीं निकल सकती थी। महिला ने पहले खुद मारपीट शुरू की और सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की। अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी ने महिला से बदसलूकी की। ट्रैफिक हवलदार को सौ रुपये से अधिक का चालान काटने का अधिकार नहीं है।

महिला ने उससे चालान की रसीद मांगी जोकि उसने नहीं दी। अगर महिला स्कूटी और ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दे रही थी तो वह उसकी स्कूटी का नंबर नोट कर चालान उसके घर भेज सकता था। अगर महिला ने आपा खोया तब भी उसे महिला से उलझने की जरूरत नहीं थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में 13 मई को स्वत: संज्ञान लेते हुए इसकी जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करते हुए कहा था कि न्यूज चैनलों पर महिला ने अलग-अलग बयान दिए हैं। लोग यह सोचते हैं सब चलता है और चैनल पर बयान देकर स्टार बन जाते हैं। लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए।

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