पत्नी के लिए रामबीर शौकिन कांग्रेस में शामिल!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के मुंडका से पूर्व निर्दलीय विधायक रामबीर शौकीन ने पत्नी रीता शौकीन के साथ रविवार को कांग्रेस का हाथ थाम लिया। शौकीन का कहना है कि बिना शर्त कांग्रेस में शामिल हुए हैं, लेकिन मुंडका से इनका टिकट तय माना जा रहा है।
पिछले विस चुनाव में रामबीर शौकीन ने भाजपा प्रत्याशी आजाद सिंह को 7134 वोट से हराया था। लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि जब दिल्ली में भाजपा सरकार बनने की संभावनाएं जताई जा रही थीं, तो शौकिन कई बार भाजपा को समर्थन देने की बात कही थी।
यही नहीं, वे खुद को अब भी मोदी का समर्थक बताते हैं, आखिर फिर उन्होंने कांग्रेस का हाथ क्यों थामा? असल में उनकी पत्नी रीता क्षेत्रीय निगम पार्षद हैं और कांग्रेस के समर्थन से ही एमसीडी के नरेला जोन की अध्यक्ष भी हैं। सूत्र बताते हैं कि ऐसे में शौकिन नहीं चाहते थे कि उनके वजह से उनकी पत्नी के राजनीतिक कैरियर में कोई बाधा पड़े। साथ ही यह भी बताया जा रहा था कि शौकिन को भाजपा से मुंडका टिकट नहीं मिल रहा था।
इसलिए रविवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह और विधायक दल के पूर्व नेता हारून यूसुफ की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए। इस मौके पर रामबीर शौकीन ने कहा कि वे पहली बार किसी पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जो भूमि अधिग्रहण का बिल लाई है, उससे किसान नाराज हैं।
वहीं अरविंदर सिंह ने कहा कि शौकीन के आने से मुंडका के साथ-साथ नांगलोई विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस को फायदा मिलेगा। कांग्रेस में इससे पहले मटिया महल से जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर जीतकर विधायक बने शोएब इकबाल भी आ चुके हैं।
कुख्यात बदमाश है शौकिन का रिश्ता
यूपी के बागपत में अदालत में पेशी के दौरान कुख्यात बदमाश भूरा को भगाने के मामले में शौकिन का भांजा आरोपी है और दिल्ली पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
बागपत पुलिस ने हाल ही में शौकिन के खिलाफ नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया था। पुलिस का आरोप है कि शौकीन बदमाश को शरण देते थे। इसके अलावा भूरा को शरण देने वालों में टीकरी नगर पंचायत की अध्यक्ष राजबाला भी शामिल रहीं।
यह शक पुलिस को भूरा के पकड़े साथियों के साथ पूछताछ के बाद हुआ है। इनसे मिली जानकारी के आधार पर राजबाला को साजिश का आरोपी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। चेयरमैन राजबाला के खिलाफ भूरा के साथी सचिन और रोबिन को शरण देने का भी केस बन सकता है।
मामले में शौकिन मिल चुकी है नोटिस
राजबाला रुड़की के तिहरे हत्याकांड में भी आरोपी हैं। उनके खिलाफ दर्ज केस के मुताबिक चीनू पंडित गैंग के तीन सदस्यों की हत्या में उन्होंने भूरा और सचिन का साथ दिया।
इसके बाद भूरा तो पकड़ा, लेकिन राजबाला और हलालपुर के सचिन की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। अब भूरा को छुड़ाने में मुख्य भूमिका सचिन की ही पाई गई है। पुलिस कह रही है कि राजबाला ही सचिन और उसके भाई रोबिन को बचा रही है।
तीनों साथ- साथ ही छुपे हैं, लेकिन अब जानकारी यह भी आई है कि भूरा को छुड़ाने की साजिश में भी राजबाला का रोल रहा। पुलिस सूत्रों ने कहा जैसे पूर्व विधायक रामवीर शौकिन को इस वारदात की पहले से जानकारी थी, वैसे ही राजबाला को भी मालूम था कि सचिन और रोबिन क्या गुल खिलाने जा रहे हैं।
बढ़ते जा रहे भूरा को छुड़ाने वाले बदमाश
भूरा को छुड़ाने वाले बदमाशों की संख्या बढ़ती जा रही है। पहले पुलिस ने नौ आरोपी बताए। इसके बाद 11 नाम सामने आए। अब बताया गया वारदात में तीन गिरोह के 13 बदमाश शामिल रहे। इनके अलावा तीन आरोपी साजिश के हैं। इन सभी के नाम लिखा पढ़ी में आ गए हैं।
ये हैं सुनील राठी गैंग के छपरौली के हलालपुर गांव निवासी दोनों भाई रोबिन और सचिन, दिल्ली के नीरज बवाना गैंग के नीरज के अलावा अरविंद पानीपत, टुन्ना उर्फ योगेश यादव, नवीन भांजा और तीसरी गिरोह है दिल्ली के हिरणकी गांव के प्रमोद का। इसमें प्रमोद, मोनू त्यागी, प्रवीन चौहान, बिन्नी, रवि चौहान, प्रिंस और सद्दाम उर्फ मोहम्मद गौरी। साजिश में विधायक रामवीर शौकीन के अलावा रंछाड़ गांव की प्रधान के पति समर पाल और भूरा के रिश्तेदार बॉबी का नाम है।
भूरा को छुड़ाने में शामिल रहे दिल्ली के रवि ने रिमांड पर की गई पूछताछ में पुलिस को बताया कि देहरादून पुलिस के सिपाहियों की आंखों में टुन्नू के अलावा उसने भी चिली स्प्रे किया था। पुलिस सूत्रों ने बताया उसकी निशानदेही पर चिली स्प्रे की बोतल बरामद हो गई है। हालांकि अभी इसकी लिखा पढ़ी नहीं की गई है।