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दिल्ली विधानसभा चुनावः विदेशी मीडिया ने कहा दिल्ली में नाकाम रही भाजपा

Thu, 13 Feb 2020 06:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 13 Feb 2020 06:15 AM IST
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Foreign media said BJP failed in Delhi
the guardian - फोटो : Social Media

विदेशी मीडिया में दिल्ली चुनाव की खबरें बड़ी तवज्जो के साथ प्रकाशित की गई हैं। इनमें सभी ने माना है कि दिल्ली के मतदाताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को संकेत दिया है कि उन्हें अपनी पार्टी पर असर बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को काबू में करने की कोशिश करनी चाहिए। पाकिस्तानी अखबारों ने इन नतीजों पर जबरदस्त प्रतिक्रिया दी है। पाक मीडिया में भाजपा की हार को सीएए के विरोध से जोड़कर देखा गया है।

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मोदी की नीतियों का जनमत संग्रह : न्यूयॉर्क टाइम्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी को एक क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी ने करारी शिकस्त दी है। इसे मोदी की नीतियों के जनमत संग्रह के रूप में भी देखा जा सकता है। इन नीतियों में देश के भीतर मुस्लिम विरोधी नया राष्ट्रीय नागरिकता कानून (सीएए) भी शामिल है। दरअसल, मोदी की कई नीतियों को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल विरोध जता चुके हैं और चुनाव में क्षेत्रीय पार्टी के नेता इसे अपने पक्ष में भुना ले गए।
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नफरत की राजनीति को नकारा: दाइचे वेले
दिल्ली के चुनाव भारत के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। एक तरफ तो इसने दिखाया है कि लोग नफरत की राजनीति को स्वीकार नहीं करते हैं और दूसरी तरफ सियासी दलों के विकास के नारों को गंभीरता से लेते हैं। अरविंद केजरीवाल की भारी जीत इस बात का संकेत है कि मतदाता नारों से ज्यादा हकीकत पर ध्यान दे रहे हैं।
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राष्ट्रीय मुद्दों पर दिल्ली चुनाव भाजपा नीति विफल: द गार्जियन
दिल्ली की आप सरकार की शिक्षा, सेहत और बिजली-पानी की नीति को लोगों ने जबरदस्त समर्थन दिया है। भाजपा नेताओं की राष्ट्रीय मुद्दों पर दिल्ली चुनाव लड़ने की रणनीति विफल हो गई है। दिल्ली की जनता ने यह दिखाया है कि राज्य के चुनावों में उसे स्थानीय मुद्दों की परवाह है न कि राष्ट्रीय मुद्दों की। यही कारण रहा कि लोकसभा चुनाव में मोदी ने दिल्ली से सातों सीटें जीतीं लेकिन विधानसभा में हार गए।

आप ने मोदी सरकार को चटाई धूल: खलीज टाइम्स
सत्तारूढ़ भाजपा ने दिल्ली चुनाव में एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया लेकिन उसकी झोली में सिर्फ आठ सीटें ही आईं। दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम आदित्यनाथ ने डेरा डाला। दोनों नेताओं ने हिंदू मतदाताओं को लुभाने के लिए अल्पसंख्यकों के विरुद्ध जमकर जहर उगला लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद मतदाताओं ने मोदी सरकार की नीतियों को नकार दिया और धूल चटा दी।

भाजपा की ऐसी हार का नहीं था पूर्वानुमान : इंडिपेंडेंट
वैसे तो दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की जीत का पहले से लोगों को अनुमान था लेकिन भाजपा की ऐसी हार का पूर्वानुमान किसी ने नहीं लगाया था। आम आदमी पार्टी ने तो भाजपा का पूरी तरह सफाया ही कर डाला। चुनाव के ये नतीजे सभी राजनीतिक दलों के लिए एक सबक हैं क्योंकि जनता उनसे मुद्दों की राजनीति की अपेक्षा करती है। उन्हें नफरत की राजनीति छोड़नी पड़ेगी।

... और पाकिस्तानी अखबारों ने कहा

Foreign media said BJP failed in Delhi
dawn newspaper - फोटो : Social Media
विवादित सीएए मोदी को ले डूबा: एक्सप्रेस ट्रिब्यून
पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने विवादित नागरिक संशोधन कानून मोदी को ले डूबा, इस शीर्षक से खबर लगाई है। अखबार ने लिखा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने मोदी की भाजपा को तीसरी बार भी बदतरीन शिकस्त का मजा चखा दिया है। आप ने 62 सीटें जीतकर मोदी सरकार के घमंड को धूल चटा दी है। सीएए को मुस्लिमों समेत कई लोगों ने खारिज कर दिया है।

प्रधानमंत्री ने दिल्ली में हार स्वीकार की: डॉन
विवादित सीएए को संसद में पास कराने के बाद मोदी के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव पहली चुनावी चुनौती थी। उसने आक्रामक चुनाव प्रचार भी किया लेकिन लोगों ने उसकी एक न सुनी। दिल्ली की हार भाजपा के लिए पिछले दो वर्षों में राज्यों के चुनाव में मिल रही लगातार शिकस्त की ताजा कड़ी है। प्रधानमंत्री की छवि को यह एक बड़ा झटका है। हालांकि मोदी ने दिल्ली में हार स्वीकार कर ली है।

आप ने किया भाजपा का सूपड़ा साफ: जियो न्यूज
2019 में बना नागरिकता संशोधन कानून भारत के धर्मनिरपेक्ष संविधान और अल्पसंख्यक मुसलमानों के हितों के खिलाफ है। इसे समझने के लिए ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं बल्कि दिल्ली चुनाव के नतीजे देखना ही काफी है। भाजपा को दिल्ली में सीएए का विरोध कर रहे लोगों को पाकिस्तान समर्थक करार देना भारी पड़ा और उसका सूपड़ा साफ हो गया।
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