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NCR में जबरन हो रहा है भूमि अधिग्रहण!
अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 07 Feb 2014 09:55 PM IST
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के कई शहरों में नया भूमि अधिग्रहण कानून प्रभावी होने के बाद पुराने कानून से भूमि अधिग्रहण का मामला सामने आया है।
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प्रभावित किसानों ने इसे जबरन भूमि अधिग्रहण बताते हुए जनता दल (यू) सांसद केसी त्यागी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
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जयराम रमेश ने किसानों को इन अधिग्रहणों को रद्द करने का आश्वासन दिया है और आगामी 15 फरवरी को नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने के हुए प्रयासों पर राज्यों की समीक्षा बैठक बुलाई है।
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केसी त्यागी ने बताया कि संसद से नया भूमि अधिग्रहण कानून पारित होने के बावजूद एनसीआर के कई शहरों मसलन गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद, हापुड़ के बहुत से गांवों में विकास प्राधिकरणों और औद्योगिक प्राधिकरणों ने पुराने कानून के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण किए।
नया भूमि अधिग्रहण कानून 27 सितंबर 2013 को संसद से पारित हो गया। 1 जनवरी 2014 से इसे देशभर में लागू कर दिया गया। इसी तरह, दस वर्ष से भी अधिक समय से लंबित भू अर्जन प्रक्रिया जिनमें किसानों से भूमि ले ली गई लेकिन अवार्ड घोषित नहीं किया गया, ऐसे बहुत मामलों में दिसंबर 2013 में मनाने तरीके से अवार्ड पारित किए गए हैं। जो कि गैरकानूनी है।
त्यागी ने बताया कि किसानों के साथ हमने इस मसले को ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के समक्ष उठाया और उनके इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। जयराम रमेश ने आश्वासन दिया है कि 27 सितंबर 2013 के बाद के सभी भूमि अधिग्रहण को रद्द किया जाएगा।
साथ ही नगर निगम क्षेत्र के अधिग्रहणों का मुआवजा आवासीय क्षेत्र के मुताबिक तय होगा। वहीं, जयराम रमेश ने आगामी 15 फरवरी को नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने के हुए प्रयासों पर राज्यों की समीक्षा बैठक बुलाई है।