ऑस्ट्रेलिया में जान गंवाने वाली फुटबॉलर का शव शानिवार को आएगा वापस
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पैन पेसिफिक स्कूल गेम्स में ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड गई दिल्ली की फुटबॉल टीम की खिलाड़ी नितिशा नेगी (16) की समुद्र में डूबने से हुई मौत के बाद परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। परिजन बेटी के शव को भारत लाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
बुधवार को परिजन विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मिले, जिसके बाद उन्हें शनिवार दोपहर तक शव भारत लाने का आश्वासन दिया गया। वहीं डूबने से बचाई गईं चार में से दो छात्राओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो का एडिलेड के अस्पताल में इलाज जारी है, उन्हें भी बृहस्पतिवार या शुक्रवार को छुट्टी मिलने की उम्मीद है।
इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के शहर एडिलेड में पैन पेसिफिक स्कूल गेम्स का आयोजन हो रहा है। दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की 16 सदस्यीय छात्राओं की फुटबॉल टीम 30 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया गई थी।
इसमें नितिशा नेगी (16), युक्ति वर्मा (17)(दोनों 11वीं, सरकारी स्कूल), वाणी पंत (17) 11वीं, दीपिका वेंकटेश (17) 12वीं (दोनों एलकॉन पब्लिक स्कूल) व अनन्या अरोड़ा (13)(समरविले स्कूल) भी शामिल थी।
नितिशा को छोड़कर बाकी सभी को बचाया था
10 दिसंबर की दोपहर को एडिलेड में समुद्र में नहाने के दौरान यह पांचों छात्राएं डूबने लगीं। इसी दौरान नितिशा को छोड़कर बाकी सभी को बचा लिया गया। नितिशा का शव सोमवार को समुद्र से बरामद हुआ। इधर, बाकी चारों छात्राओं दीपिका, वाणी, अनन्या और युक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वाणी व दीपिका का अभी इलाज जारी है।
वहीं, रविवार शाम को जैसे ही नितिशा के परिवार को उसकी मौत की खबर मिली, तो कोहराम मच गया। परिजन किसी भी तरह बेटी के शव को वापस भारत मंगाने के प्रयास करने लगे।
शुरुआत में उन्हें बताया गया कि शव भारत आने में 10 से 12 दिन लग सकते हैं, लेकिन परिजनों ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया व विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत की। बुधवार को परिवार को आश्वासन दिया गया कि शनिवार दोपहर तक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नितिशा का शव भारत पहुंच जाएगा।
वहीं मंगलवार को टीम की दो लड़कियां अनीशा डोगरा व मानसी दिल्ली में अपने घर पहुंच गईं। दोनों ने बताया कि हादसे वाले दिन वह भी उनके साथ थीं, पांच लड़कियां समुद्र में काफी अंदर तक चली गई थीं।
बचपन से था फुटबॉल खेलने का शौक
मूलरूप से गांव रिंगोली, लोस्तू बोधियारगढ़, टिहरी गढ़वाल (उत्तराखंड) निवासी नितिशा नेगी दिल्ली में परिवार के साथ 4/27 खिचड़ीपुर में रहती थी। परिवार में पिता पूरन सिंह नेगी, मां मीना नेगी, बड़ी बहन शिवांगी नेगी और छोटा भाई अनीश नेगी है।
पिता प्राइवेट फर्म में काम करते हैं। नितिशा ईस्ट विनोद नगर के राजकीय बालिका विद्यालय में 11वीं कक्षा की छात्रा थी। पूरन सिंह ने बताया कि बचपन से उनकी बेटी को फुटबॉल खेलने का शौक था।
वह कई शहरों में खेलने जा चुकी थी। नितिशा का जब ऑस्ट्रेलिया जाने वाली टीम में चयन हुआ, तो उसने काफी खुशी मनाई। ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले स्कूल में उसका सम्मान भी हुआ। 30 नवंबर को जब परिवार उसे एयरपोर्ट छोड़ने गया, तो वह काफी खुश थी।