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गाजियाबाद में बनेगा उत्तर भारत का पहला राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान
Fri, 01 Mar 2019 01:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 01 Mar 2019 01:40 AM IST
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यूपी के गाजियाबाद में उत्तर भारत के सबसे बड़े राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान (एनआईयूएम) की स्थापना का रास्ता साफ हो चुका है। केंद्रीय आयुष मंत्री येसो श्रीपद नाईक शुक्रवार को केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह के साथ इसका शिलान्यास करेंगे।
मंत्रालय के अनुसार, 10 एकड़ में 300 करोड़ की लागत से इसे तैयार किया जाएगा। करीब तीन वर्ष में निर्माण कार्य पूरा होगा। यहां 200 बिस्तरों का रेफरल अस्पताल भी होगा। 14 विभागों के अलावा 135 तरह की यूनानी विशेषज्ञता के जरिए मरीजों को उपचार मिलेगा।
आयुष मंत्रालय के सलाहकार डॉ. ताहिर ने बताया कि बेंगलूरू की तर्ज पर देश का दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान अब गाजियाबाद में बनने जा रहा है। उत्तर भारत में ये पहला यूनानी चिकित्सा केंद्र होगा।
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यहां मरीजों के लिए ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थियेटर उपलब्ध होंगे। यूनानी मेडिसिन में भावी डॉक्टर बनने वालों के लिए शैक्षणिक सुविधाएं भी होंगी। संस्थान में यूनानी क्षेत्र में शोध भी होगा। दिल्ली एम्स की भांति इस पूरे संस्थान को ग्रीन रखा गया है। यहां पर्यावरण से लेकर स्वच्छ पानी व सौर ऊर्जा इत्यादि का ध्यान रखा जाएगा।
बजट का 32 फीसदी हिस्सा अस्पताल के निर्माण पर खर्च होगा
डॉ. ताहिर ने बताया कि पहले चरण में संस्थान के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जरूरत पड़ने पर इसमें बढ़ोतरी की जा सकती है।
बजट का 32 फीसदी हिस्सा अस्पताल के निर्माण और 18 फीसदी शैक्षणिक गतिविधियों के लिए इमारतों पर खर्च होगा। यहां अस्पताल, रिसर्च के लिए एनिमल हाउस, डॉक्टरों व कर्मचारियों के लिए आवास, पुरुष व महिला विद्यार्थियों के लिए अलग से छात्रावास, अत्याधुनिक प्रयोगशाला इत्यादि की स्थापना होगी।
यहां यूनानी चिकित्सा में पीएचडी कार्यक्रम तक संचालित होंगे। उन्होंने ये भी बताया कि संस्थान के निर्माण को लेकर लंबा वक्त जमीन अधिग्रहण के कारण लगा है। शहरी विकास मंत्रालय के सहयोग से संस्थान के लिए जमीन उपलब्ध कराई है।
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मंत्रालय के अनुसार, 10 एकड़ में 300 करोड़ की लागत से इसे तैयार किया जाएगा। करीब तीन वर्ष में निर्माण कार्य पूरा होगा। यहां 200 बिस्तरों का रेफरल अस्पताल भी होगा। 14 विभागों के अलावा 135 तरह की यूनानी विशेषज्ञता के जरिए मरीजों को उपचार मिलेगा।
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आयुष मंत्रालय के सलाहकार डॉ. ताहिर ने बताया कि बेंगलूरू की तर्ज पर देश का दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान अब गाजियाबाद में बनने जा रहा है। उत्तर भारत में ये पहला यूनानी चिकित्सा केंद्र होगा।
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यहां मरीजों के लिए ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थियेटर उपलब्ध होंगे। यूनानी मेडिसिन में भावी डॉक्टर बनने वालों के लिए शैक्षणिक सुविधाएं भी होंगी। संस्थान में यूनानी क्षेत्र में शोध भी होगा। दिल्ली एम्स की भांति इस पूरे संस्थान को ग्रीन रखा गया है। यहां पर्यावरण से लेकर स्वच्छ पानी व सौर ऊर्जा इत्यादि का ध्यान रखा जाएगा।
बजट का 32 फीसदी हिस्सा अस्पताल के निर्माण पर खर्च होगा
डॉ. ताहिर ने बताया कि पहले चरण में संस्थान के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जरूरत पड़ने पर इसमें बढ़ोतरी की जा सकती है।
बजट का 32 फीसदी हिस्सा अस्पताल के निर्माण और 18 फीसदी शैक्षणिक गतिविधियों के लिए इमारतों पर खर्च होगा। यहां अस्पताल, रिसर्च के लिए एनिमल हाउस, डॉक्टरों व कर्मचारियों के लिए आवास, पुरुष व महिला विद्यार्थियों के लिए अलग से छात्रावास, अत्याधुनिक प्रयोगशाला इत्यादि की स्थापना होगी।
यहां यूनानी चिकित्सा में पीएचडी कार्यक्रम तक संचालित होंगे। उन्होंने ये भी बताया कि संस्थान के निर्माण को लेकर लंबा वक्त जमीन अधिग्रहण के कारण लगा है। शहरी विकास मंत्रालय के सहयोग से संस्थान के लिए जमीन उपलब्ध कराई है।