पहला-पहला वोट है, पहली-पहली बार है
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नई दिल्ली में मतदान के प्रति युवाओं में जुनून दिखाई दिया। खासकर पहली बार वोट डालने आए मतदाताओं में खास खुशी दिखाई दी। लगभग सभी मतदान केंद्रों के लोग इसी उधेड़बुन में उलझे थे कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा, लेकिन पहली बार वोट डाल रहे युवाओं को मतदान करने की खुशी थी।
बृहस्पतिवार को इनको एक वोट की कीमत का पता चला। दिल्ली विवि के रामजस कॉलेज के पोलिंग स्टेशन पर वोट देने वाले 21 वर्षीय साहिल मित्तल को वोटर कार्ड मतदान के दिन ही मिला। वोटर कार्ड न होने के चलते वो विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डाल सके थे।
उन्होंने कहा कि पहली बार वोट डालने की खुशी कुछ अलग ही होती है। इससे ही पता चला कि एक वोट का भी फर्क पड़ता है। उन्होंने देश में बदलाव की उम्मीद में वोट दिया।
सरकार बनाने में भूमिका को लेकर रोमांचित युवा
पहली बार वोट देने वाले सचिन ने कहा कि वो इस बात को लेकर काफी रोमांचित हैं कि अब सरकार बनाने में उनकी भी अहम भूमिका होगी। अच्छी सरकार की उम्मीद में पहली बार उन्होंने ईवीएम मशीन का बटन दबाया।
अर्शी, कौसर वाणी व संजना ने कहा कि आज उन्हें अहसास हुआ है कि उनका एक वोट कैसे देश की दशा व दिशा बदल सकता है। जुड़वां बहनें तनीशा व तान्या ने बताया कि उन्होंने जैसे ही मतदान के लिए बटन दबाया, एक सुखद अहसास हुआ। निर्माण विहार स्थित मॉडल पोलिंग बूथ पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का स्वागत फूल देकर किया गया।
लोकतंत्र में चुनाव की अहमियत या यूं कहें हैसियत मतदाता तय करता है।
वोटिंग के लिए उत्साह इस बात का सबूत है कि मुल्क के बाशिंदों का विश्वास
उसकी व्यवस्था में कायम है। दिल्ली एनसीआर के मतदान केंद्रों पर जुटी जनता
ने यह जता दिया है कि उनके लिए देश से बड़ा कुछ नहीं है। यह तीसरा चरण
था।