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फरीदाबाद में बनेगी प्रदेश की पहली बायो सिक्योरिटी-4 लैब
भोला पाण्डेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 30 Jan 2016 05:48 PM IST
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फरीदाबाद। राज्य पशुपालन विभाग की ओर से वर्ड फ्लू की जांच के लिए पहली सरकारी लैब फरीदाबाद में बनाई जा रही है।
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इस लैब के जरिए वर्ड फ्लू की रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जा सकेगी। साथ ही यहां जानवरों के डीएनए टेस्ट और मांस की भी जांच होगी।
पशुपालन विभाग की ओर से बनाई जाने वाली यह लैब देश की पहली लैब होगी। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनें विदेशों से मंगवाई जा रही है। अप्रैल तक लैब बनकर तैयार जाएगी।
ज्ञात हो कि देश के विभिन्न हिस्सों में अक्सर वर्ड फ्लू फैलने की सूचनाएं मिलती रहती हैं। इससे लोगों के जीवन पर संकट मंडराने लगता है।
वर्ड फ्लू फैलने पर प्रशासन प्रभावित इलाके के नौ किलोमीटर तक के दायरे में पक्षियों को मारने का अभियान चलाता है। क्योंकि अभी तक सरकारी तौर पर ऐसी कोई लैब नहीं बनी है जहां इसकी जांच हो सके।
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राज्य सरकार ने प्रदेश में वर्ड फ्लू की जांच के लिए दो लैब बनाने का निर्णय लिया है जिसमें पहली लैब फरीदाबाद और दूसरी यमुनानगर में होगी।
24 घंटे वातानुकूलित होगी फुलप्रूफ लैब
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि रेलवे रोड स्थित पशुपालन विभाग परिसर में लैब बनाया जा रहा है। इसका नाम ‘बायो सिक्योरिटी-4’ होगी। इस लैब में 24 घंटे एयरकंडीशन की व्यवस्था होगी।
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खास बात यह है कि ये लैब इतनी फुलप्रूफ होगी कि वर्ड फ्लू का एक भी जीवाणु बाहर नहीं आ सकेगा। करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस लैब के लिए मशीनों का ऑर्डर दिया जा चुका है। आधुनिक मशीनें विदेशों से मंगवाई जा रही है। अप्रैल महीने तक लैब बनकर तैयार हो जाएगी।
डीएनए और मांस के प्रकार की भी होगी जांच:
लैब में जानवरों के डीएनए टेस्ट और विभिन्न जानवरों के मांस की भी जांच की जा सकेगी। मांस के सैंपलों की जांच वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी। इसके लिए एक्सपर्ट डॉक्टरों की एक पूरी टीम होगी। वर्ड फ्लू की जांच के लिए डॉक्टरों की पोशाक भी आधुनिक होगी। यूं कहें कि लैब का डॉक्टर बम डिस्पोजल स्क्वायड दस्ते की तरह नजर आएंगे।
लोगों के जानमाल की होगी सुरक्षा:
पशुपालन विभाग की ओर से हरियाणा ही नहीं देश के किसी राज्य में ऐसी लैब नहीं है जहां वर्ड फ्लू और डीएनए जांच की व्यवस्था हो।
इस लैब के बन जाने से वर्ड फ्लू रोकने में मदद मिलगी और लोगों के जानमाल की सुरक्षा समय रहते हो सकेगी। लैब की रिपोर्ट सार्वजनिक करने का भी अधिकार होगा।
साथ ही दुधारू जानवरों समेत अन्य जानवरों के मांस के सैंपलों की भी जांच वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी।
फरीदाबाद में देश की पहली बायो सिक्योरिटी-4 लैब बनाई जा रही है। यहां वर्ड फ्लू, पशुओं के डीएनए जांच सहित मांस के सैंपल की भी जांच वैज्ञानिक तरीके से होगी। किसी सरकारी विभाग द्वारा बनाई जाने वाली देश और प्रदेश की पहली लैब होगी जिसकी रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जा सकेगी। -डॉ. सतेंद्र कुमार, उपनिदेशक पशुपालन विभाग
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