Farmers Protest: भानु प्रताप और वीएम सिंह नहीं हैं आंदोलन का हिस्सा, कल शाम पांच बजे तक किसान करेंगे भूख हड़ताल
कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन का आज 18वां दिन है। कड़कड़ाती ठंड और घने कोहरे के बीच दिल्ली की तमाम सीमाओं पर किसान डटे हुए हैं। हालांकि राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद नोएडा-दिल्ली लिंक रोड पर बैठे किसानों ने वहां धरना खत्म कर दिया है, लेकिन सिंघु और टीकरी समेत अन्य जगहों पर प्रदर्शन अब भी जारी है। अपने आंदोलन को तेज करते हुए संयुक्त किसान आंदोलन के नेता कमल प्रीत सिंह पन्नू ने सिंघु बॉर्डर पर 14 दिसंबर को भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की है। इसके साथ ही दिल्ली-जयपुर हाईवे बंद करने के लिए राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर भारी संख्या में किसान इकट्ठा होने लगे हैं। यहां पढ़ें किसान आंदोलन से संबंधित हर अपडेट-
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइव अपडेट
अभिनेता गुरप्रीत घुग्गी पहुंचे सिंघु बॉर्डर, कहा-सरकार वापस ले तीनों कानून
अभिनेता गुरप्रीत घुग्गी आज सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिले। उन्होंने कहा, यह लड़ाई 'जमीरदारों' की है। तीनों कृषि कानून किसानों द्वारा खारिज कर दिए गए तो केंद्र को भी अब से रद्द कर देना चाहिए।Delhi: Punjabi actor Gurpreet Ghuggi at Singhu border to meet protesting farmers.
— ANI (@ANI) December 13, 2020
He says, "This fight is of the 'zameerdar' (one with a conscience) The three farm laws have been rejected by the farmers, so you (Centre) should also reject it now." pic.twitter.com/oVKQK2LwJW
किसान अपनेे आंदोलन को कम्यूनिस्टों के चंगुल में न फंसने देंः बिप्लब देब
In 2018 PM Narendra Modi freed the farmers of Tripura. Today farmers here are moving towards doubling income & becoming self-dependent. I appeal protestors in Delhi to visit Tripura and speak to our farmers to know the real face of communists: Tripura CM Biplab Kumar Deb https://t.co/kuyb2vWksW
— ANI (@ANI) December 13, 2020
ये बिचौलियों, कमीशन एजेंट और नेताओं का है आंदोलनः भाजपा नेता शांता कुमार
कुछ बिचौलिए, कमीशन एजेंट और राजनेता, इस आंदोलन को चला रहे हैं। कुछ लोग जिनका हित होता है होता है देश में ऐसा आंदोलन चलाते हैं। कृषि कानून किसानों के हक में हैं। ये बातें भाजपा नेता और हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम शांता कुमार ने किसान आंदोलन को लेकर कही हैं।Some middlemen, commission agents & political leaders are running this movement. Those with vested interests start such movements in the country. The farm laws are in favour of the farmers: BJP leader and former Himachal Pradesh CM Shanta Kumar on farmers' protest pic.twitter.com/ydso8MKSwV
— ANI (@ANI) December 13, 2020
भाकियू लोक शक्ति के कार्यकर्ताओं ने किया गोला लाठी का अभ्यास
छात्रों को बता दिया ये किसानों का आंदोलन हैः टिकैत
Few students had come there to extend support to farmers but they were clearly told that this was only a farmers protest. The students left soon after: Farmer leader Rakesh Tikait on Jamia Millia Islamia students who reached Ghazipur border to support farmers pic.twitter.com/iOBS5eAiQu
— ANI (@ANI) December 13, 2020
कृषि कानूनों का समर्थन देने वाले किसानों को मैं धन्यवाद देता हूंः कैलाश चौधरी
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि कृषि के तीनों कानूनों का समर्थन करने वाले किसानों को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं आंदोलनकारी किसानों से आग्रह करता हूं कि इसका रास्ता बातचीत से ही निकलने वाला है।संयुक्त किसान मोर्चा की 4 मांगें हैं -
बीकेयू भानु संगठन संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा नहीं है, चिल्ला बॉर्डर से हटने का फैसला बीकेयू भानु संगठन का निजी फैसला है, संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन का बीकेयू भानु संगठन से कोई लेना देना नहीं है। हमारा आंदोलन पहले की तरह ही चलता रहेगा।
किसान नेता वीएम सिंह द्वारा कल दिया गया बयान उनका अपना निजी बयान है, एआईकेएससीसी द्वारा मीटिंग कर के वीएम सिंह को संयोजक के पद से हटा दिया गया है। वीएम सिंह द्वारा दिये गए किसी भी बयान से संयुक्त किसान मोर्चा का कोई लेना देना नहीं है।
पलवल के धरने पर पहुंच रहे मध्यप्रदेश के किसानों की गाड़ियों के चालान गैरकानूनी तरीके से होडल में किए जा रहे हैं, संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा पुलिस की तानाशाही की निंदा करता है।
जयपुर से दिल्ली आने वाला लेन अब भी है बंद
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जयपुर से दिल्ली आने वाली लेन अब भी बंद है क्योंकि किसान वहां बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं।Rajasthan: Security personnel put barricades near Jaisinghpur-Khera border (Rajasthan-Haryana border), where farmers have gathered. #FarmersProtest pic.twitter.com/tuct99dLEK
— ANI (@ANI) December 13, 2020
भानु गुट किसान मोर्चा के साथ नहीं हैः किसान नेता (सिंघु बॉर्डर)
Farmers will be on one-day hunger strike from 8 am to 5 pm tomorrow. Dharnas will be held at all district headquarters: Farmer leader Gurnaam Singh Chidoni at Singhu border#FarmersProtest pic.twitter.com/l4xID2Rlj2
— ANI (@ANI) December 13, 2020
उत्तराखंड के किसानों ने कृषि मंत्री से मिलकर उन्हें दिया कानूनों पर समर्थन
उत्तराखंड के किसानों ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिलकर तीनों कृषि कानूनों को लेकर अपना समर्थन दिया। इस दौरान कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय भी मौजूद रहे।Delhi: Farmers from Uttarakhand meet Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar, to extend their support to three farm laws.
— ANI (@ANI) December 13, 2020
MoS Agriculture Kailash Choudhury and Uttarakhand Education Minister Arvind Pandey also present pic.twitter.com/MpcZa9PVxE