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Faridabad News: मजदूर और कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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अग्निकांड में मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़, नौकरी और शहीद का दर्जा देने की मांग
1 मार्च को सभी फायर स्टेशनों पर श्रद्धांजलि सभा, 8 अप्रैल से हड़ताल की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में 16 फरवरी को कालका लुब्रिकेंट में हुए भीषण अग्निकांड और विस्फोट की घटना ने अब व्यापक आंदोलन का रूप ले लिया है। मृतकों की संख्या बढ़कर छह होने के बाद कर्मचारियों और मजदूर संगठनों में आक्रोश गहरा गया है। मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और सीटू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी और मजदूर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त आयुष सिन्हा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि उनकी मांगों के संबंध में सरकार को सिफारिश भेज दी गई है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि सभी मृतकों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए, परिवार के एक सदस्य को नियमित सरकारी नौकरी प्रदान की जाए और दिवंगत कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए। साथ ही गंभीर रूप से घायलों को दस-दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता और निशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाए। मृतक की दिव्यांग बेटी को सभी सामाजिक लाभ देने और दोनों बेटियों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने की भी मांग की गई है। संगठनों ने यह भी कहा कि मृतक मजदूरों के परिवारों को भी समान मुआवजा और नौकरी का अधिकार मिलना चाहिए।
मांगे माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार मांगों को स्वीकार नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि 1 मार्च को प्रदेश के सभी फायर ब्रिगेड स्टेशनों पर शहीद हुए कर्मियों और अन्य मृतकों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी। यदि 7 अप्रैल तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 8 अप्रैल से फायर ब्रिगेड कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में नगर निगम, पालिकाओं, परिषदों और अन्य विभागों के कर्मचारी भी एकजुटता में सड़कों पर उतर सकते हैं।
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मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई
प्रदर्शन से पूर्व कर्मचारी ओपन एयर थिएटर में एकत्र हुए, जहां सभा आयोजित कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया। सभा को कर्मचारी और मजदूर नेताओं ने संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कंपनी में ज्वलनशील केमिकल ड्रम खुले में रखे गए थे और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं किया जा रहा था। उनका कहना था कि सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग में स्टाफ की कमी और निरीक्षण व्यवस्था की कमजोरी के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभाग में पर्याप्त भर्ती और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
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1 मार्च को सभी फायर स्टेशनों पर श्रद्धांजलि सभा, 8 अप्रैल से हड़ताल की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में 16 फरवरी को कालका लुब्रिकेंट में हुए भीषण अग्निकांड और विस्फोट की घटना ने अब व्यापक आंदोलन का रूप ले लिया है। मृतकों की संख्या बढ़कर छह होने के बाद कर्मचारियों और मजदूर संगठनों में आक्रोश गहरा गया है। मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और सीटू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी और मजदूर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त आयुष सिन्हा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि उनकी मांगों के संबंध में सरकार को सिफारिश भेज दी गई है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि सभी मृतकों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए, परिवार के एक सदस्य को नियमित सरकारी नौकरी प्रदान की जाए और दिवंगत कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए। साथ ही गंभीर रूप से घायलों को दस-दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता और निशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाए। मृतक की दिव्यांग बेटी को सभी सामाजिक लाभ देने और दोनों बेटियों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने की भी मांग की गई है। संगठनों ने यह भी कहा कि मृतक मजदूरों के परिवारों को भी समान मुआवजा और नौकरी का अधिकार मिलना चाहिए।
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मांगे माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार मांगों को स्वीकार नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि 1 मार्च को प्रदेश के सभी फायर ब्रिगेड स्टेशनों पर शहीद हुए कर्मियों और अन्य मृतकों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी। यदि 7 अप्रैल तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 8 अप्रैल से फायर ब्रिगेड कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में नगर निगम, पालिकाओं, परिषदों और अन्य विभागों के कर्मचारी भी एकजुटता में सड़कों पर उतर सकते हैं।
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मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई
प्रदर्शन से पूर्व कर्मचारी ओपन एयर थिएटर में एकत्र हुए, जहां सभा आयोजित कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया। सभा को कर्मचारी और मजदूर नेताओं ने संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कंपनी में ज्वलनशील केमिकल ड्रम खुले में रखे गए थे और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं किया जा रहा था। उनका कहना था कि सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग में स्टाफ की कमी और निरीक्षण व्यवस्था की कमजोरी के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभाग में पर्याप्त भर्ती और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।