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Faridabad News: केमिकल युक्त रंगों से महिलाओं की त्वचा पर बढ़ रही एलर्जी
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बीके अस्पताल में पहुंच रहीं प्रतिदिन 25 महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। होली के बाद केमिकल युक्त रंगों के कारण महिलाओं में त्वचा संबंधी समस्याओं के मामले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। रंग खेलने के बाद कई महिलाओं के चेहरे पर एलर्जी, जलन, रूखापन और त्वचा में दरारें पड़ने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं की त्वचा पुरुषों की तुलना में अधिक नाजुक होती है, जिस कारण केमिकल युक्त रंगों का असर उन पर जल्दी दिखाई देता है। त्वचा पर ऐसे रंग लगने से एलर्जी, खुजली, जलन और सूखापन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। बीके अस्पताल में भी इस तरह के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 25 महिलाएं त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रही हैं।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएस राठी ने बताया कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की त्वचा अधिक संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें होली के दौरान और उसके बाद त्वचा की विशेष देखभाल करने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में लापरवाही करने से समस्या आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है। उनका कहना है कि केमिकल युक्त रंगों से बचाव के लिए लोगों को प्राकृतिक या हर्बल रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए और होली खेलने के बाद त्वचा को अच्छी तरह साफ कर मॉइस्चराइजर का उपयोग करना चाहिए। यदि त्वचा पर समस्या बढ़ रही है, तो तुरंत चिकित्सकों से सलाह लें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। होली के बाद केमिकल युक्त रंगों के कारण महिलाओं में त्वचा संबंधी समस्याओं के मामले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। रंग खेलने के बाद कई महिलाओं के चेहरे पर एलर्जी, जलन, रूखापन और त्वचा में दरारें पड़ने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं की त्वचा पुरुषों की तुलना में अधिक नाजुक होती है, जिस कारण केमिकल युक्त रंगों का असर उन पर जल्दी दिखाई देता है। त्वचा पर ऐसे रंग लगने से एलर्जी, खुजली, जलन और सूखापन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। बीके अस्पताल में भी इस तरह के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 25 महिलाएं त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रही हैं।
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त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएस राठी ने बताया कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की त्वचा अधिक संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें होली के दौरान और उसके बाद त्वचा की विशेष देखभाल करने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में लापरवाही करने से समस्या आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है। उनका कहना है कि केमिकल युक्त रंगों से बचाव के लिए लोगों को प्राकृतिक या हर्बल रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए और होली खेलने के बाद त्वचा को अच्छी तरह साफ कर मॉइस्चराइजर का उपयोग करना चाहिए। यदि त्वचा पर समस्या बढ़ रही है, तो तुरंत चिकित्सकों से सलाह लें।
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